बंधकों का यौन उत्पीड़न, शवों का अपमान... हमास ने की दरिंदगी की सारी हदें पार, लोगों ने सुनाई आपबीती
हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले के बाद 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। इस दौरान बंधकों के साथ हमास ने दरिंदगी की हदें पार की हैं।
हाल ही में रिहा हुए एक इजरायली बंधक ने सोमवार को कहा कि 7 अक्टूबर के हमले के बाद कम से कम तीन पीड़ितों सहित कई अपहृत लोगों को हमास लड़ाकों द्वारा यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था।

द मैसेंजर की रिपोर्ट के अनुसार, बंधकों इज़राइली सार्वजनिक प्रसारक कान को बताया कि ये अपहरण के कुछ सप्ताह बाद हुई घटनाएँ हैं। इजराइली बंधक ने कहा कि पीड़ित शारीरिक रूप से घायल और सदमे में थे।
उसने कहा, "वे शारीरिक रूप से घायल हैं, लेकिन जिस तरह से उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उनके शरीर का अपमान किया गया, वे नहीं जानते कि वे कैसे इसका सामना करेंगे।"
हमास की कैद से रिहा हुए एक बंधक ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उसे जिंदा रहने के लिए टॉयलेट पेपर को गीला करके खाना पड़ा था।
आपको बता दें कि अभी भी हमास के पास कम से कम 138 इजराइली बंधक कैद हैं। हमास और इजरायल के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद अभी तक 100 से ज्यादा बंधक गाजा से बाहर आ गए हैं।
बाउंडलेस इजराइल नाम की संस्था चलाने वाली अवीवा क्लोमपास ने कहा कि निर्दोष बंधकों ने जो कुछ सहा है उसे लेकर बेहद दुखद कहानियां सुनी हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग हमास की चंगुल से छूट कर आए हैं यह उनकी कहानियां हैं। यानी जो लोग हमासकी अभी कैद में हैं, उनकी हालत और भी बुरी होगी।
उन्होंने कहा, 'हमने भुखमरी से जुड़ी कहानियां सुनी हैं। एक फिलिपींस के नागरिक को गीला टॉयलेट पेपर खाना पड़ा, ताकि वह भूखा न मर जाए। फिलिपींस का जिमी पचेको छह हफ्ते से ज्यादा समय तक हमास की कैद में था। हर रोज खाने में उसे एक ब्रेड और नमकीन पानी दिया जाता था। उसे डर था कि शायद ही वह जिंदा बच पाए।












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