भारत ने UN में कहा- म्यामांर में अस्थिरता से भारत होता है प्रभावित, बांग्लादेश की करें मदद
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर आर मधुसूदन ने म्यांमार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि म्यांमार में किसी भी तरह की अस्थिरता भारत को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
न्यूयार्क,14 जून : संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर आर मधुसूदन ने म्यांमार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि म्यांमार में किसी भी तरह की अस्थिरता भारत को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। उन्होंने आगे कहा कि म्यामांर में बिगड़ती मानवीय स्थिति और हिंसा के कारण हमारी सीमाओं के पार पड़ोसी देश से हजारों लोग आए हैं। तख्तापलट के बाद म्यामांर में हालात काफी खराब चल रहे हैं।

वहीं बांग्लादेश की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र में आर मधुसूदन ने कहा कि वहां के कुछ इलाकों में दस लाख विस्थापित लोगों को शरण दी गई है। हम इसके लिए बांग्लादेश की सराहना करते हैं। उन्होंने बांग्लादेश की इस मामले पर मदद करने को लेकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए यह महत्वपूर्ण है कि बांग्लादेश जिस मानवीय बोझ का सामना कर रहा है, उसे पहचानना और समझना आवश्यक है।
बांग्लादेश को आर्थिक मदद मिले
मधुसूदन ने यूएन में भारत की तरफ से बात रखते हुए आगे कहा कि, बांग्लादेश सरकार के प्रयासों के लिए आर्थिक रूप से देश को मजबूत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों में कट्टरता से संबंधित मुद्दों अन्य सुरक्षा चुनौतियों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
म्यांमार संकट से सबसे अधिक महिला और बच्चे प्रभावित
मधुसूदन ने कहा कि म्यांमार में बिगड़ती मानवीय स्थिति और हिंसा की घटनाओं के कारण म्यांमार से हजारों लोग भारत सीमाओं के पार आ गए हैं। म्यामांर में मानवीय संकट से महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसलिए शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।












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