Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

नवाज शरीफ की वापसी, इमरान खान की आजीवन विदाई... अक्टूबर में चुनाव के लिए कैसे तैयार हो रहा पाकिस्तान?

Pakistan Election Explain: पाकिस्तान की दो मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों, यानी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में दुबई में मुलाकात की है और आने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक मुद्दों पर मैराथन बैठकों का आयोजन किया है।

हमने तीसरी राजनीतिक पार्टी, यानि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का नाम इसलिए नहीं लिखा है, क्योंकि इमरान खान की इस पार्टी को अब मरा हुआ मान लेना चाहिए। पाकिस्तानी सेना से उलझने का पंगा लेने का अंजाम आज शायद इमरान खान समझ रहे होंगे, क्योंकि पाकिस्तान में ये बात तय हो गई है, कि चुनाव निर्धारित समय अक्टूबर से पहले हो या ना हो, इमरान खान की उससे पहले पाकिस्तान की राजनीति से हमेशा के लिए विदाई हो जाएगी।

Pakistan election

पाकिस्तान में चुनावी सरगर्मी होने लगी तेज

नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) और बिलावल भुट्टो के पिता आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने दुबई में तय किया है, कि दोनों ही पार्टियां एक साथ चुनाव लड़ेंगी, लेकिन अब ये किसी को समझ नहीं आ रहा है, कि ये दोनों मिलकर मुकालबा किस पार्टी का करेंगी।

हालांकि, फिर भी इन दोनों पार्टियां का मानना है, कि अगले चुनाव से पहले इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। नवाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी के बीच पिछले हफ्ते दुबई में एक सीक्रेट मीटिंग की गई है और जियो न्यूज ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया है, कि "इस बैठक में अक्टूबर में चुनाव नहीं होने की स्थिति में कार्यवाहक प्रधानमंत्री कौन होगा, इसपर चर्चा की है।"

चूंकि पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) की विधानसभाएं पहले ही भंग कर दी गई थीं, इसलिए वर्तमान कार्यवाहक व्यवस्था चुनाव तक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ट जज से आम चुनाव नहीं होने की स्थिति में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनने के लिए संपर्क किया गया है।

नवाज शरीफ की वापसी की कोशिशें

रिपोर्ट के मुताबिक, नवाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी, तय समय पर संसद को भंग करने के लिए सहमत हो गये हैं, लेकिन तीन बार के प्रधान मंत्री नवाज शरीफ को आजीवन अयोग्यता के कारण अगले आम चुनाव लड़ने के लिए अभी भी कानूनी रूप से मंजूरी नहीं मिली है। कानूनी अड़चन दूर होने के बाद भी उन्होंने अभी पाकिस्तान लौटने की तारीख की घोषणा नहीं की है। इस प्रकार, जब तक उनके नाम को मंजूरी नहीं मिल जाती, पार्टी का मानना है कि उनके लिए पाकिस्तान वापस लौटना और पार्टी के लिए चुनाव अभियान चलाना बहुत मुश्किल होगा।

इन परिस्थितियों में, सितंबर के मध्य से पहले उनकी वापसी की संभावना बहुत कम है, क्योंकि अदालत की गर्मियों की छुट्टियों के कारण उनकी याचिका पर अगस्त के मध्य से पहले सुनवाई होने की संभावना बहुत कम है। दूसरी बात ये, कि जब तक मौजूदा मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल अपने पद पर हैं, तब तक पार्टी ऐसी परिस्थिति में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कोई भी आवेदन दायर करने में अनिच्छुक है।

उमर अता बंदियाल 17 सितंबर 2023 को सेवानिवृत्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज इमरान खान के खेमे के हैं और वो किसी भी हाल में नवाज शरीफ को राहत नहीं देंगे। लिहाजा, सितंबर में नवाज शरीफ की वापसी मुश्लिक है, लिहाजा अक्टूबर का चुनाव टल सकता है।

दूसरी ओर, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी विधानसभा भंग होने के 90 दिनों के भीतर यानी जल्दी चुनाव के पक्ष में हैं, क्योंकि उन्हें और उनकी पार्टी को पीएमएल-एन या नवाज शरीफ जैसी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

कानूनी तौर पर इस बात पर भी मतभेद है, कि क्या चुनाव छह महीने या एक साल के लिए टाले जा सकते हैं? जब तक कि युद्ध या बड़ी राष्ट्रीय आपदा जैसी कोई असाधारण स्थिति न हो, ऐसा करना पाकिस्तान के संविधान का उल्लंघन है। सूत्रों के मुताबिक, शहबाज शरीफ की सरकार वित्तीय आपातकाल लागू करने को भी एक ऑप्शन मान रही है। यानि, नवाज शरीफ चुनाव लड़ें, इसके लिए शहबाज शरीफ सितंबर महीने में वित्तीय आपातकाल लगा सकते हैं।

हालांकि, निश्चित रूप से पीएमएल-एन या पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ के लिए यह जीत की स्थिति नहीं है, लेकिन उनके मुख्य विरोधी आसिफ अली जरदारी भी जब उनके ही साथ हैं, तो फिर चिंता की क्या बात है। लिहाजा, अब पूरा फोकस नवाज शरीफ के रास्ते से तमाम कानूनी अड़चनों को हटाने की हो रही है।

हालांकि, दोनों पार्टियों के बीच फिलहाल ये फैसला नहीं हुआ है, कि चुनाव के बाद नया प्रधानमंत्री कौन होगा।

सूत्रों ने कहा, कि पीपीपी नेतृत्व ने नवाज शरीफ से पूछा, कि क्या वह चौथी बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, जो फिलहाल अदालत से मंजूरी के अधीन है, तो उन्होंने इसके संकेत दिए हैं। वहीं, जरदारी से भी यही सवाल पूछा गया और ऐसा प्रतीत होता है, कि दोनों प्रधानमंत्री पद के लिए 'अपना उम्मीदवार' चाहते हैं।

फिलहाल, पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज के नामों पर चर्चा नहीं की गई है।

Pakistan election

इमरान खान की विदाई करीब करीब तय

नवाज शरीफ और जरदानी की पार्टियों के लिए लाख टके का सवाल यह है, कि पाकिस्तान के अभी भी सबसे लोकप्रिय नेता, तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष का भविष्य और उनकी पार्टी का भाग्य क्या है? कानूनी और संवैधानिक तौर पर, दोनों इस समय चुनावी दौड़ में हैं, जब तक कि इमरान खान को अदालत दोषी नहीं ठहराता है और अयोग्य घोषित नहीं करता है।

पीटीआई निश्चित रूप से अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है, खासकर 9 मई के विरोध प्रदर्शन के बाद इमरान खान की पार्टी को करीब करीब खत्म ही कर दिया गया है। इमरान खान पर 175 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गये हैं और इमरान खान के साथ साथ पीटीआई के स्थानीय नेतृत्व और अभी तक नहीं झुकने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सैन्य अदालतों में मुकदमा चलने की संभावना है।

फिलहास, अभी यह तय नहीं हुआ है कि पार्टी अध्यक्ष को भी इस मामले में दोषी ठहराया जाएगा और सैन्य अदालतों में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा या नहीं?

लेकिन, जहां तक इमरान खान और पीटीआई के साथ उनकी साझा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का सवाल है, तो नवाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी दोनों एक ही पन्ने पर हैं और निश्चित रूप से ये दोनों, इमरान खान को 'अयोग्य' देखना चाहेंगे, ताकि पाकिस्तान की गद्दी का निरंकुश शासक बना जा सके।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+