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दाऊद अभी जिंदा है, मर गया या मरने वाला है...? इन पांच संकेतों में छिपा है सच, झूठा साबित होगा छोटा शकील?

Dawood Ibrahim Poisoned: भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के करीबी, छोटा शकील ने अपने बॉस की जहर देकर मौत की खबरों को बेबुनियाद अफवाह करार दिया है। उसने कहा, कि दाऊद इब्राहिम 1000 प्रतिशत फिट और स्वस्थ है और समय-समय पर गलत इरादे से ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं।

दाऊद को किसी द्वारा जहर दिए जाने की अफवाहें भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में सोशल मीडिया पर फैल रही थीं। हालांकि, छोटा शकील के बयान के बाद ज्यादातर मीडिया में कहा जाने लगा है, कि दाऊद इब्राहिम की मौत की खबर सिर्फ अफवाह हो सकती है। लेकिन, अभी भी कई ऐसे संकेत हैं, जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं, कि सिरे से दाऊद इब्राहिम की मौत की खबर को खारिज नहीं किया जा सकता है।

dawood ibrahim news

इन संकेतों को जानने से पहले ये बात समझ लेना जरूरी है, कि दाऊद इब्राहिम की मौत की पुष्टि कभी भी नहीं होने वाली है। ऐसा इसलिए, क्योंकि 1993 में मुंबई में बम ब्लास्ट कर जब दाऊद इब्राहिम भारत से भागा था, उसके बाद से वो पाकिस्तान में रहने लगा और पिछले 30 सालों से पाकिस्तान ने यही कहा है, कि दाऊद इब्राहिम उसकी सरजमीं पर नहीं है। लिहाजा, पिछले 30 सालों में दाऊद इब्राहिम को लेकर जो भी खबरें आईं हैं, उसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

भारतीय मीडिया को दाऊद इब्राहिम को लेकर जो भी जानकारी मिली है, वो छोटा शकील के जरिए मिली है। छोटा शकील, अभी भी भारत के कुछ क्राइम रिपोर्टर के संपर्क में है और इस बार भी दाऊद की मौत की खबर फैलने के बाद छोटा शकील ने यही कहा है, कि वो 'आज भी दाऊद से मिलकर आया हूं, भाई 1000 प्रतिशत फिट हैं।'

लिहाजा, कुछ संकेतों से ही अंदाजा लगाया जा सकता है, कि दाऊद इब्राहिम जिंदा है, मर चुका है या फिर मरने वाला है?

पहला संकेत- पाकिस्तान में टारगेटेड किलिंग्स

पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से 20 से ज्यादा भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की हत्या की गई है और पाकिस्तान ने इस बात को स्वीकार किया है, कि 'कई पाकिस्तानी नागरिकों को टारगेट बनाकर मारा गया है।' पाकिस्तानी पुलिस एफआईआर में बकायदा हर हत्या के बाद 'अज्ञात हमलावर' के बारे में रिपोर्ट दर्ज करती है।

इसी महीने मुंबई हमला में मोस्ट वांटेड आतंकवादी ठहराए गये साजिद मीर, जिसे यूनाइटेड नेशंस में मोस्ट वांटेड आतंकवादी ठहराने के लिए अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था, उसे पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित डेरा गाजी जेल में जहर दे दिया गया। जहर देने वाले की पहचान पाकिस्तान की पुलिस ने रसोइये के तौर पर की, जो गायब हो गया था। लिहाजा, जो अज्ञात शख्स रसोइया बनकर जेल तक पहुंच सकता है, क्या वो 'अज्ञात' दाऊद के घर तक नहीं जा सकता है? इस संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है।

दूसरा संकेत- पाकिस्तान का डोजियर

पाकिस्तान में कुछ महीने पहले भारत के एक और मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के घर के बाहर बम धमाका हुआ था। बताया जाता है, कि हाफिज सईद उस बम धमाके में कुछ सेकंड्स की वजह से बच गया था। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आजाद सईद ने एक इंटरव्यू में कहा है, कि उनकी मुलाकात इस केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों से हुई थी।

आजाद सईद के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने कहा था, कि इस बम धमाके के तार संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया, कि यूएई में बैठे किसी 'भारतीय' ने इस हमले को डायरेक्ट किया था। वहीं, आजाद सईद के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस संबंध में एक डोजियर भी भारत को सौंपा था। हालांकि, हमें इसकी जानकारी नहीं है, कि क्या वाकई पाकिस्तान ने भारत को डोजियर सौंपा था या नहीं।

लेकिन, अगर आजाद सईद के दावों की बात करें, तो हाफिज सईद के घर के बाहर बम धमाके की बात सही है। लिहाजा, दूसरा संकेत यही है, कि जो 'अज्ञात' ना सिर्फ किले की तरह बनाए गये हाफिज सईद के घर के पास तक पहुंच सकता है, क्या उसके हाथ दाऊद इब्राहिम के गिरहेबां तक नहीं पहुंच सकते हैं?

तीसरा संकेत- अस्पताल में भर्ती होने की खबर

दाऊद इब्राहिम के बारे में पहले भी खबर आ चुकी है, कि उसे गैंग्रीन बीमारी की वजह से बार बार कराची के एक अस्पताल में भर्ती करवाया जाता रहा है। हालांकि, छोटा शकील इस बीमारी से भी इनकार कर चुका है, लेकिन सवाल ये है, कि भला छोटा शकील इसकी पुष्टि भी क्यों करने लगे? लिहाजा, दाऊद को ये बीमारी हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती है।

लेकिन, आजकल सोशल मीडिया इतना ज्यादा एक्टिव हो चुका है, कि चीन जैसे देश से सीक्रेट खबरें बाहर आ जाती हैं। लिहाजा, अलग अलग समय पर अलग अलग सूत्रों ने दावा किया है, कि दाऊद इब्राहिम गैंग्रीन बीमारी से पीड़ित है। और पाकिस्तान के पत्रकारों ने इस बार अलग अलग प्लेटफॉर्म पर दावे किए हैं, कि दाऊद इब्राहिम कराची के अस्पताल में भर्ती हुआ था। लिहाजा इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, कि हो सकता है दाऊद को जहर नहीं दिया गया है, लेकिन वो गैंग्रीन या किसी और बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती हुआ हो।

चौथा संकेत- पाकिस्तान में इंटरनेट बंद

दाऊद इब्राहिम को जब जहर दिए जाने की रिपोर्ट आई थी, ठीक उस वक्त पाकिस्तान में इंटरनेट को डाउन कर दिया गया था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी बंद कर दिया गया था। हालांकि, दावा किया गया, कि ऐसा इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की वर्चुअल रैली को रोकने के लिए किया गया था।

इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इमरान खान को रोकने के लिए पाकिस्तान की सेना हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन इस संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता है, कि दाऊद की मौत की खबर रोकना भी इसके पीछे एक मकसद हो सकता है।

पांचवां संकेत- जावेद मियांदाद का बयान

एबीपी न्यूज़ ने दाऊद के समधी जावेद मियांदाद से बातचीत की है और ये बातचीत उस वक्त की गई, जब खबर आई थी, कि दाऊद की मौत के बाद मियांदाद के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया गया है।

दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए, उनको हाउस अरेस्ट किए जाने की खबरों का खंडन किया। पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज ने कहा, कि उन्हें हाउस अरेस्ट करने की खबर गलत है। मियांदाद ने दाऊद इब्राहिम को लेकर वायरल हो रही खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी।

जावेद मियांदाद ने एबीपी न्यूज से कहा कि दाऊद इब्राहिम पर मीडिया में चल रही खबरों पर उन्हें कुछ नहीं कहना है। उन्होंने कहा कि दाऊद पर जो कहना होगा, वो पाकिस्तान सरकार कहेगी। जावेद मियांदाद की यह प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है।

लिहाजा, सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर मियांदाद ने दाऊद की मौत का खंडन क्यों नहीं किया? क्या जावेद मियांदाद को पाकिस्तान सरकार और सेना की तरफ से मुंह बंद रखने के लिए नहीं कहा गया होगा और क्या इस संभावना से इनकार किया जा सकता है, कि मियांदाद के मुंह को बंद करवा दिया गया होगा?

पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने कहा है, कि पाकिस्तान में किसी के अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि कोई इस खबर को कंफर्म करे। आरजू काजमी ने कहा कि अगर कोई इस खबर की पुष्टि करेगा या इसकी कोशिश भी करेगा तो उसकी शामत आ जाएगी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दाऊद इब्राहिम को अस्पताल में जिस फ्लोर पर रखा गया है, वहां कोई दूसरा मरीज मौजूद नहीं है। वहां सिर्फ उसके परिवार के लोग ही जा सकते हैं। इस मामले पर मुंबई पुलिस भी नजर बनाए हुए है। मुंबई में दाऊद के रिश्तेदारों से इनपुट्स जुटाने की कोशिश की जा रही है।

लिहाजा, दाऊद इब्राहिम की वास्तव में क्या हालात हैं, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है और उसको जहर दिए जाने की रिपोर्ट से पूरी तरह से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।

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