हमास ने इजराइल पर 5 हजार रॉकेट दागे, जानें क्यों फेल हुआ रक्षा कवच आयरन डोम?
फिलिस्तीनी संगठन हमास ने इजराइल के कई शहरों पर रॉकेट अटैक कर दिया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव, स्देरोट और अश्कलोन शहर में रॉकेट दागे।
इस बीच हमास ने दावा किया है कि उन्होंने इजराइल पर 5,000 रॉकेट्स से हमला किया है। वहीं, इजराइल की सेना का कहना है कि गाजा पट्टी से 2,200 रॉकेट फायर किए गए। इजरायली सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी का कहना है कि सुबह 6:30 बजे से इजरायल में 2,200 से अधिक रॉकेट दागे गए हैं।

हगारी ने कहा कि हमास के सदस्यों ने जमीन, समुद्र और हवा से घुसपैठ की। ये रॉकेट रिहायशी इमारतों पर गिरे हैं। 5 लोगों की मौत हो गई है। 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लड़ाई में अक्सर हम आयरन डोम का जिक्र सुनते हैं। ये आयरन डोम हमास के रॉकेट्स को बीच हवा में ही उन्हें खत्म कर देती है। इस आयरन डोम पर इजरायल के आसमान की सुरक्षा का जिम्मेदारी है।
फिर ऐसा क्या हुआ कि इजराइल का आयरन डोम इस बार हमास के हवाई हमले रोक पाने में उतना कारगर नहीं रहा?
आयरन डोम 2011 से ही इजरायल की सुरक्षा में तैनात है। इसे इस तरह से डिजायन किया गया है कि ये गाजा से दागे जाने वाले रॉकेट्स और आर्टिलरी फायर को रोक सके। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि आयरन डोम सिस्टम का सक्सेस रेट 90 फीसद से ज्यादा है।
यानी कि आयरन डोम अब तक हजारों रॉकेट और आर्टिलरी फायर्स को टारगेट हिट करने से पहले ही नष्ट कर चुका है। लेकिन इस बार ये आयरन डोम इजरायल के इलाके की रक्षा करने में नाकामयाब साबित हुआ है।
ये पहली बार नहीं है जब इजरायल का आयरन डोम चूक गया है। इसी साल मई महीने में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) ग्रुप के मिलिटेंट्स ने इजरायल पर सैंकड़ों रॉकेट्स दागे थे। इनमें से कुछ रॉकेट्स को आयरन डोम रोक पाने में नाकाम हुआ था।
जानकार लोगों का कहना है कि हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे आतंकी संगठनों ने अब खुद को आयरन डोम के हिसाब से ढाल लिया है। उन्होंने अपने रॉकेट अटैक की तकनीकों में कुछ बदलाव किया है। यही वजह है कि गाजा के रॉकेट्स अब इजरायल के लिए दिक्कतें पैदा कर रहे हैं।
मई में हुए हमले के बाद इजराइली अबार जेरुसलम पोस्ट ने लिखा था कि गाजा की तरफ से दागे गए रॉकेट्स को रोकने के दौरान ये इंटरसेप्शन सक्सेस रेट सिर्फ 60 फीसद था। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि IDF ने इसकी जांच की थी और कहा कि एक तकनीकी खराबी के चलते आयरन डोम कुछ रॉकेट्स को नष्ट करने में नाकाम रहा।
इसके साथ ही ये भी दावा किया जाता है कि बहुत कम रेंज के रॉकेट भी इजराइल के आयरन डोम के लिए मुश्किल पैदा करते हैं। इजराइली डिफेंस फोर्स में ब्रिगेडियर जनरल रहे माइकल हेरजॉग ने के मुताबिक इजरायली आयरन डोम ढाई मील या उससे कम दूरी से आ रहे रॉकेट्स के लिए ज्यादा प्रभावी नहीं है। फिलहाल तो कुछ वक्त के बाद ही पता चलेगा कि इजरायल का रक्षा कवच इस बार क्यों नाकाम साबित हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications