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ग्‍वाटेमाला ज्‍वालामुखी विस्‍फोट: खत्‍म हो गए कई परिवार, अब तक 75 की मौत और करीब 200 लापता

रविवार को मध्‍य अमेरिका के देश ग्‍वाटेमाला में फ्यूएगो ज्‍वालामुखी में हुए ब्‍लास्‍ट के बाद अब तक करीब 75 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक करीब 200 लोग इस प्राकृतिक आपदा की वजह से लापता है। ज्‍वालामुखी के नीचे बसे गांव पूरी तरह से राख और कीचड़ के नीचे दब गए हैं।

ग्‍वाटेमाला सिटी। रविवार को मध्‍य अमेरिका के देश ग्‍वाटेमाला में फ्यूएगो ज्‍वालामुखी में हुए ब्‍लास्‍ट के बाद अब तक करीब 75 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक करीब 200 लोग इस प्राकृतिक आपदा की वजह से लापता है। ज्‍वालामुखी के नीचे बसे गांव पूरी तरह से राख और कीचड़ के नीचे दब गए हैं। कई लोगों के पूरे परिवार इस हादसे में खत्‍म हो गए हैं। इस हादसे में करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

मंगलवार को फिर से भड़का ज्‍वालामुखी

मंगलवार को फिर से भड़का ज्‍वालामुखी

मंगलवार को राहत और बचाव कार्यों में उस समय बाधा पड़ी जब फिर से ज्‍वालामुखी भड़क गया। इसकी वजह से गैस और बड़े-बड़े पत्‍थर नीचे आने लगे। इस दुर्घटना में करीब 1.7 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को ज्‍वालामुखी में हुए ब्‍लास्‍ट ने हर किसी को हैरान कर दिया था। इस नए ब्‍लास्‍ट के बाद ग्‍वाटेमाला का आसमान राख से भर गया और करीब 33,000 फीट तक राख ही राख थी। ग्‍वाटेमाला नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ सेसिमोलॉजी के हेड एडी सांचेज ने आशंका जताई थी कि आने वाले दिनों में ज्‍वालामुखी में कोई भी ब्‍लास्‍ट नहीं होगा।

आखिरी बार सन् 1964 में फटा था

आखिरी बार सन् 1964 में फटा था

ग्‍वाटेमाला की डिजास्‍टर रिलीफ एजेंसी के मुखिया सर्गियों कैबानास ने न्‍यूज एजेंसी एएफपी को बताया है कि उन्‍होंने उन इलाकों और उन नामों की लिस्‍ट बनाई है जो इस हादसे में पूरी तरह से खत्‍म हो गए हैं। उनका कहना है कि अब तक करीब 192 लोग लापता हैं। यह आंकड़ा ग्‍वाटेमाला के नेशनल इंस्‍टीट्यूट फॉर फॉरेन्सिक साइंसेज की ओर से ट्वीट किया गया है। सर्गियो ने बताया है कि रविवार को हुए हादसे से पहले लोगों को किसी तरह को कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था ताकि वे यहां से निकल सकते। उन्‍होंने बताया कि स्‍थानीय नागरिकों को आपातकाल की स्थिति से निबटने के लिए ट्रेनिंग दी गई है लेकिन ट्रेनिंग को अपना नहीं पाए क्‍योंकि ज्‍वालामुखी में बहुत जल्‍दी ब्‍लास्‍ट हो गया था। इस ज्‍वालामुखी में आखिरी बड़ा ब्‍लास्‍ट सन् 1974 में हुआ था।

पूरा परिवार हो गया खत्‍म

पूरा परिवार हो गया खत्‍म

कई लोगों का पूरा परिवार इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गया है। अल रोडेयो गांव के मिच को अभी तक याद है जब वह काम पर निकल रहे थे और अपनी मां के साथ सड़क के किनारे वॉक कर रहे थे। उन्‍होंने बताया कि उस दिन उन्‍हें ऐसा लग रहा था कि कुछ बुरा होने वाला है। उन्‍होंने अपनी मां को बाय कहा और फिर चले गए। मिच ने उस समय आखिरी बार अपनी मां को गुडबाय कहा था। मिच ने अपने परिवार के नौ सदस्‍यों को इस हादसे में खो दिया है जिसमें उनके माता-पिता भी शामिल हैं। अब बस उनकी एक छोटी बहन इस हादसे में जिंदा बची है। इस ज्‍वालामुखी की वजह से अल रोडेयो गांव सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है।

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