Pakistan: गिरफ्तारी से बचने के लिए इमरान खान का खतरनाक प्लान! दो राज्यों की पुलिस को आपस में लड़ाया
gilgit baltistan force save imran khan: मरियम का दावा यदि सही है तो ये पाकिस्तान के टूटने का संकेत है क्योंकि 1971 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब पाकिस्तान के दो प्रांतों की पुलिस आमने-सामने आई है।

Image: PTI
पाकिस्तान में इमरान खान को गिरफ्तार करने की हर कोशिश नाकाम साबित हुई। पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस और रेंजर्स कमांडो की टीम 22 घंटे बाद आखिरकार उनके लाहौर वाले बंगले (जमान पार्क) से वापस लौट आई। पुलिस ने लौटने के लिए क्रिकेट मैचों का बहाना बनाया। इस दौरान लाहौर हाईकोर्ट से इमरान को राहत मिलती दिखी। कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई को कल सुबह तक रोकने का आदेश दे दिया है। इसी बीच पाकिस्तानी मंत्री मरियम औरंगजेब ने दावा किया है कि 'गिलगित बाल्टिस्तान प्रांत की पुलिस' का इस्तेमाल पंजाब पुलिस को रोकने के लिए किया गया है।
इमरान को बचाने सैंकड़ों पुलिसकर्मी तैनात
संघीय सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि 'गिलगित बाल्टिस्तान प्रांत की पुलिस' को पंजाब पुलिस पर हमला करने के लिए तैयार किया जा रहा था। इसलिए तोशखाना मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को गिरफ्तार करने की कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। मरियम औरंगजेब ने दावा किया कि सैकड़ों की संख्या में गिलगित-बाल्टिस्तान पुलिस को इमरान खान के घर के बाहर तैनात किया गया था। इन पुलिसकर्मियों ने पंजाब पुलिस पर हमला किया जो कोर्ट के आदेश पर इमरान खान को हिरासत में लेना चाहते थे।
मरियम ने हाईकोर्ट की आलोचना की
आपको बता दें कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर गिलगित-बाल्टिस्तान में इमरान खान की पार्टी पीटीआई की ही सरकार है। जबकि पंजाब में राष्ट्रपति शासन है। पंजाब की पुलिस अप्रत्यक्ष रूप से शहबाज सरकार के लिए काम कर रही है। इस बीच मरियम ने इमरान पर आरोप लगाते हुए काह कि वे देश भर में अराजकता पैदा करना चाहते हैं। इमरान खान को कोर्ट से मिली राहत पर मंत्री ने कहा कि अदालत पहले वारंट जारी करती है और फिर राहत का आदेश दे देती है... अगर वह राहत ही देना चाहती है तो फिर पुलिस अधिकारियों को जोखिम में डालने का क्या मतलब है।
मरियम ने इमरान को खूब सुनाया
मरियम ने कहा कि 'एक कायर, विदेशी एजेंट, घड़ी चोर, टायरियन व्हाइट के पिता और एक अपराधी' नीयत का पूर्व पीएम अदालत की अवमानना कर रहा था और पुलिस से भाग रहा था। मरियम ने कहा कि खान जाति अपनी बहादुरी और ईमानदारी के लिए जानी जाती थी लेकिन इमरान को उसकी बुजदिली के लिए याद रखा जाएगा। इमरान को अपने नाम के आगे से खान हटा लेना चाहिए। वो खान नहीं लोमड़ी है क्योंकि खान निर्दोषों को अपनी ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं करते हैं।
देश की एकजुटता के लिए सबसे गंभीर खतरा
मरियम औरंगजेब के दावे के बाद पाकिस्तानी मूल के आर्थिक विशेषज्ञ उजैर युनूस ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं बार-बार कह रहा हूं कि यह साल 1971 के बाद देश की एकजुटता के लिए सबसे गंभीर खतरा है। कल की हिंसक घटनाएं इसकी पुष्टि करती हैं। इस संघर्ष में जो कोई भी हारा उसे जेल, निर्वासन, या इससे भी बदतर मौत का सामना करना पड़ेगा।" आपको बता दें कि इससे पहले 1971 में पाकिस्तान के दो प्रांतों की पुलिस आमने-सामने हो गई थी। अगर पाकिस्तानी मंत्री का दावा सही है तो 52 सालों में ये पहला मौका होगा जब पाकिस्तान के दो राज्यों की पुलिस आपस में ही टकराई हो।












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