विस्थापन, बीमारी और मौत.. इजराइली बमबारी के बीच गाजा में नर्क बनी जिंदगी, क्यों नहीं मान रहे नेतन्याहू?
Israel-Palestine War: इज़राइल-हमास युद्ध के दो महीने बीत चुके हैं और इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में बहुमत के साथ ये प्रस्ताव पारित किया गया है, कि इजराइल को तत्काल गाजा पट्टी में युद्धविराम करनी चाहिए और बमबारी रोक देनी चाहिए, लेकिन इजराइल ने कहा है, कि तमाम अपीलों के बाद भी वो गाजा पट्टी में अपने ऑपरेशन को नहीं रोक सकता है। युद्धविराम को लेकर की गई वोटिंग में भारत ने भी प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला और युद्धविराम का समर्थन किया है।
यह कदम संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा युद्धविराम स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के शायद ही कभी इस्तेमाल किए जाने वाले अनुच्छेद 99 को लागू करने के कुछ दिनों बाद आया है। एंटोनियो गुटेरेस ने अपने विशेष अधिकारी का प्रयोग किया था और अनुच्छेद-99 का प्रयोग करते हुए फौरन युद्धविराम की मांग की थी, लेकिन इजराइल ने उनकी मांग को ठुकरा दिया।

गाजा पट्टी में भीषण तबाही
यूएनआरडब्ल्यूए ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में कहा है, कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2005 में हताहतों की संख्या दर्ज करना शुरू करने के बाद से वेस्ट बैंक में मारे गए फिलिस्तीनियों के लिए 2023 में सबसे ज्यादा हो गया है ये साल अभी तक सबसे ज्यादा घातक साल बन चुका है।
हालांकि, इजराइल जिद्दी बना हुआ है प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री एली कोहेन ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा है, कि हमास समूह के खिलाफ सैन्य आक्रमण "अंत तक" जारी रहेगा।
दक्षिणी इजराइल में एक सैन्य सुविधा का दौरा करते हुए, नेतन्याहू ने सैनिकों से कहा, कि "हम अंत तक, जीत मिलने तक, हमास के खात्मे तक जंग जारी रखेंगे।" उन्होंने कहा, ''हमें कोई नहीं रोकेगा, इस मामले पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।''
'बीमारियों का सिलसिला बढ़ रहा है'
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है, कि युद्ध से उत्पन्न स्थितियों के कारण भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं की व्यापक कमी हो गई है, जिससे यह संक्रामक रोगों के फैलने के लिए उपयुक्त स्थिति बन गई है।
मानवतावादी कॉर्डिनेटर लिन हेस्टिंग्स ने यूएन न्यूज़ को बताया, कि सभी अस्पतालों में से एक तिहाई से भी कम अस्पताल अब काम कर रहे हैं और उनकी भी स्थिति काफी खराब है। आश्रय स्थल बहुत पहले ही अपनी क्षमता से अधिक हो चुके हैं।
हमास नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम अपडेट के अनुसार, 7 अक्टूबर के हमास हमले के जवाब में नवीनतम इजरायली हमले में कम से कम 18,600 फिलिस्तीनियों (जिनमें से 70% महिलाएं और बच्चे हैं) की मौत हो गई है। हवाई हमलों में 50,500 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।
18 नवंबर की एक रिपोर्ट में एसोसिएटेड प्रेस ने कहा, कि गाजा की सड़कें कब्रिस्तान जैसी दिखने लगी हैं।
30 साल के अबू समा ने एपी को बताया, कि कैसे परिवार बिना किसी उपकरण के हवाई हमलों में गिरी इमारतों के मलबे को खोदते हैं, क्योंकि ईंधन की कमी के कारण कई बुलडोजर बेकार हो गए हैं। उन्होंने कहा, कि "शव सड़ने लगे हैं और कई शव पहले ही विघटित हो चुके हैं।"
उन्होंने पूछा, कि क्या लड़ाई खत्म होने तक वो शव मलबे में दबे रहेंगे?
85% से ज्यादा जनसंख्या विस्थापित
फ़िलिस्तीन में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के अनुसार, घिरे हुए क्षेत्र के 20 लाख से ज्यादा निवासियों में से 85% से अधिक इजरायली हवाई हमलों में विस्थापित हो गए हैं।
इज़राइल लगातार अपने लक्ष्यों पर हमले कर रहा है, जिसकी वजह से 19 लाख लोगों को अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ये लोग कभी उत्तरी क्षेत्र से दक्षिणी क्षेत्र में आ रहे हैं, तो कभी दक्षिणी क्षेत्र से उत्तरी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
यूएनआरडब्ल्यूए ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है, कि "11 दिसंबर तक, लगभग 1.3 मिलियन आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति (आईडीपी) उत्तर और गाजा शहर सहित गाजा पट्टी के सभी पांच गवर्नरेट में 155 यूएनआरडब्ल्यूए सुविधाओं में आश्रय ले रहे हैं।"
बयान में कहा गया है, "11 लाख से ज्यादा आईडीपी मध्य गाजा पट्टी, खान यूनिस और राफा क्षेत्रों में 98 यूएनआरडब्ल्यूए सुविधाओं में आश्रय ले रहे हैं।" बयान में आगे कहा गया है, कि "मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में स्थित यूएनआरडब्ल्यूए आश्रयों में आईडीपी की औसत संख्या 11,480 है, जो उनकी क्षमता से चार गुना से ज्यादा है।"
भारी बारिश से हालात बिगड़े
इस बीच, पिछले दिनों गाजा की बेहद संकीर्ण पट्टी में भारी बारिश और ठंडी हवाओं ने स्थिति खराब कर दी है। विस्थापित परिवारों को अब आश्रय के लिए कमजोर और पानी भरे टेंटों के अंदर छिपने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिविरों में कुछ शरणार्थी तंबू में रहते थे, जबकि अन्य खुद को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल करते हैं और गीली रेत पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
38 वर्षीय अज़ीज़ा अल-शब्रावी ने कतरी मीडिया हाउस को बताया, कि "कड़ाके की ठंड के कारण मेरा बेटा बीमार है और मेरी बेटी नंगे पैर है। ऐसा लगता है जैसे हम भिखारी हैं।" उन्होंने कहा, कि "किसी को परवाह नहीं है, और कोई मदद नहीं करता है।"
यास्मीन म्हानी, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, उन्होंने एक शिविर से दूसरे शिविर में भागने की भयावहता के बारे में बताया और कहा, कि "हमारा घर नष्ट हो गया है, हमारा बच्चा मारा गया है और मैं यह सब झेल रही हूं। यह पांचवीं जगह है, जहां हमें एक जगह से दूसरी जगह भागना पड़ा है, बिना किसी कपड़ों के हम रहने पर मजबूर हैं।"
आपको बता दें, कि हमास के पास अभी भी इजराइल के 135 बंधक मौजूद हैं और अब हमास ने उन बंधकों को मारने की धमकी दी है, जबकि इजराइल ने हमास के आतंकियों को बाहर निकालने के लिए सुरंगों में समुद्री पानी छोड़ना शुरू कर दिया है।












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