G-20 में बोले मोदी, ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए अमीर देश हैं जिम्मेदार, गरीब देश भुगत रहे खामियाजा
G20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत करने से पहले तुर्की और सीरिया में हाल ही में आए भूकंपों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए एक मिनट का मौन रखा गया।

Image: ANI
पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक का संबोधन करते हुए उन्होंने भारत पहुंचे जी20 देशों के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ''मैं G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत में आपका स्वागत करता हूं। यह एकता, एक उद्देश्य और कार्रवाई की एकता की आवश्यकता का संकेत देता है।'' उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि आज की आपकी बैठक आम और ठोस उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक साथ आने की भावना को दर्शाएगी। G20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ग्लोबल साउथ की आवाज है।
पीएम मोदी बोले- संकट में दुनिया
प्रधानमंत्री ने कहा- कई विकासशील देश इस समय फूड और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए ऐसे कर्ज तले दबे हैं, जिन्हें वे संभल ही नहीं पा रहे हैं। अमीर देशों ने जो ग्लोबल वॉर्मिंग की है, उससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब देश ही हैं। इसी के चलते भारत ने G20 प्रेसिडेंसी के तहत ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की कोशिश की है। पीएम मोदी ने कहा कि हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया में गहरे विभाजन हो चुके हैं। पिछले कुछ साल में हमने आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद और युद्ध देखे हैं। इससे साफ हो गया है कि ग्लोबल गवर्नेंस फेल हो चुकी है। दुनिया के अहम मुद्दों को संभालने के लिए बनी संस्थाएं सबसे बड़ी चुनौतियों को पूरा करने में फेल हुई हैं।
पूरी दुनिया की नजरें हमारी तरफ
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम सभी को अपने दृष्टिकोण रखने चाहिए कि इन तनावों को कैसे सुलझाया जाया जाए। हमें उनके बारे में भी सोचना चाहिए, जो कमरे में नहीं हैं। कोई भी समूह अपने निर्णयों से सर्वाधिक प्रभावित लोगों की बात सुने बिना वैश्विक नेतृत्व का दावा नहीं कर सकता। यह बैठक गहरे वैश्विक विभाजन के समय में हो रही है। विदेश मंत्रियों के रूप में ये स्वाभाविक है कि आपकी चर्चा भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित होगी। दुनिया विकास, आर्थिक लचीलापन, आपदा लचीलापन, वित्तीय स्थिरता, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, विकास की चुनौतियां को कम करने के लिए G20 की ओर देख रही है। इन सभी में G20 में आम सहमति बनाने और ठोस परिणाम देने की क्षमता है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- G20 देशों पर असाधारण जिम्मेदारी है। हम पहली बार वैश्विक संकट के बीच एक साथ आए थे और आज एक बार फिर कई संकटों का सामना कर रहे हैं, जैसे- कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन जंग, क्लाइमेट चेंज। जरूरी नहीं की इन मुद्दों पर हम एकमत हों लेकिन हमें साथ मिलकर हल निकालना होगा।
G20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत करने से पहले तुर्की और सीरिया में हाल ही में आए भूकंपों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। आपको बता दें कि जी20 के विदेश मंत्रियों की बैठक आज दिल्ली में हो रही है। बैठक से पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक की आगवानी की। वे बैठक में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचीं हैं। गुरुवार को बैठक में शामिल होने के लिए सऊदी अरब, चीन, इंडोनेशिया, स्पेन और क्रोएशिया के विदेश मंत्री भारत पहुंच चुके हैं।
आपको बता दें कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रायसीना डायलॉग के 8वें संस्करण का उद्घाटन भी करेंगे। यह कार्यक्रम 2 से 4 मार्च तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। 3 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 100 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) इसे ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के सहयोग से आयोजित कर रहा है। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी हैं।












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