क्रिप्टो एक्सचेंज धोखाधड़ी में निषाद सिंह ने कबूला गुनाह, सॉफ्टवेयर बनाकर निकाल लिए थे 10 बिलियन डॉलर
निषाद सिंह ने एक सॉफ्टवेयर बनाया था, जिसकी मदद से उसने FTX के ग्राहकों के फंड को एक क्रिप्टो हेज फंड अलमेडा रिसर्च में ट्रांसफर किया था।

Image: Nishad Singh FB
27 वर्षीय भारतीय मूल के इंजीनियर निषाद सिंह को क्रिप्टो ट्रेडिंग फर्म में धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया है। निषाद सिंह ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है और जांच में सहयोग करने की बात भी कही है। वह FTX Trading Ltd में पूर्व चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे। निषाद पर आरोप हैं कि उन्होंने कंपनी में मल्टीलेयर स्कीम के जरिए इक्विटी निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। इसे लेकर फेडरल गवर्नमेंट सिंह पर मुकदमा चला रही है। सिंह को वायर फ्रॉड सहित 6 आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया है।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी में शामिल
निषाद सिंह, सैमुअल बैकमेन-फ्राइड और गैरी वेंग के साथ एक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म FTX के संस्थापक हैं। बीते साल दिसंबर में फेडरल अथॉरिटीज ने बैंकमेन-फ्राइड के खिलाफ एक स्कीम की मदद से निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। यह सब तब शुरू हुआ जब दुनिया के बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक एफटीएक्स ने बीते साल नवंबर में दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन किया था। इसी बीच खुलासा हुआ कि ग्राहकों के 10 बिलियन डॉलर एक्सचेंज से गायब हो चुके हैं। पता चला कि एक्सचेंज के संस्थापक सैम बैंकमेन ने बिना किसी को बताए FTX से यह रकम अपनी ट्रेडिंग कंपनी अलामेडा रिसर्च में भेज दी थी।
सॉफ्टवेयर बनाकर निकाले 10 बिलियन
जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो भारतीय मूल के निषाद सिंह का नाम सामने आया। निषाद सिंह ने एक सॉफ्टवेयर कोड बनाया था, जिसकी मदद से FTX के ग्राहकों के फंड को एक क्रिप्टो हेज फंड अलमेडा रिसर्च में ट्रांसफर कर दिया गया था। निषाद सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वे FTX के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्राइड के बेहद करीबी थे। उनके बारे में रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि वे FTX एक्सचेंज के सीईओ सैम बैंकमैन-फ्रायड को क्रिप्टो मामलों में फैसले लेने में मदद किया करते थे।
निषाद सिंह ने अपने लिए 6 मिलियन निकाला
बैकमेन फ्राइड ने निवेशकों से झूठा वादा किया कि FTX एक सुरक्षित क्रिप्टो एसेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। निषाद सिंह पर आरोप है कि उन्हें पता था कि बैकमेन फ्राइड का यह वादा झूठा और भ्रामक था, बावजूद उन्होंने निवेशकों को धोखा देने में सक्रिय भूमिका निभाई। निषाद सिंह पर ये भी आरोप है कि उन्होंने FTX से करीब 6 मिलियन डॉलर की राशि अपने निजी इस्तेमाल के लिए निकाली। इस पैसे से निषाद सिंह ने करोड़ों डॉलर का आलीशान बंगला खरीदा और बाकी रुपये धार्मिक चैरिटी के लिए दान कर दिया।
फेसबुक में भी किया काम
रिपोर्ट्स के मुताबिक निषाद सिंह दिसंबर 2017 में FTX की सहयोगी संस्था अल्मेडा रिसर्च में शामिल हुए थे। इससे पहले, उन्होंने कुछ समय तक फेसबुक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। फेसबुक में वे मशीन लर्निंग पर काम कर रहे थे। अल्मेडा रिसर्च सेंटर में काम करने के बाद वे अप्रैल 2019 में क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज एफटीएक्स में चले गए। FTX के कोलैप्स से पहले एक्सचेंज की वैल्यू 32 बिलियन डॉलर थी। सिंह के पास FTX की अमेरिकी आर्म का 7.8%, इसके वेंचर आर्म का 10% और इसके मेन इंटरनेशनल एक्सचेंज में 44 मिलियन शेयर थे।












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