22 फरवरी को यूरोपीय संघ और भारत-प्रशांत पर केंद्रित कार्यक्रम का आयोजन करेगा फ्रांस, चीन के खिलाफ बनेगी रणनीति
फ्रांस 22 फरवरी को यूरोपीय संघ और इंडो-पैसिफिक (पेरिस फोरम) के बीच संबंधों पर केंद्रित एक कार्यक्रम आयोजित करेगा।
नई दिल्ली, 27 जनवरी। फ्रांस 22 फरवरी को यूरोपीय संघ और इंडो-पैसिफिक (पेरिस फोरम) के बीच संबंधों पर केंद्रित एक कार्यक्रम आयोजित करेगा। गुरुवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने इस बात की जानकारी दी। फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि सुरक्षा और रक्षा, कनेक्टिविटी और डिजिटल और वैश्विक चुनौतियां 22 फरवरी को पेरिस में इंडो-पैसिफिक मंत्रिस्तरीय बैठक के एजेंडे हैं। 'द फ्रेंच प्रेसीडेंसी: ईयू-इंडिया पार्टनरशिप इन द इंडो पैसिफिक' नामक एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर भी प्रकाश डाला।

पेरिस हर स्थिति में दिल्ली के साथ
उन्होंने कहा कि दोनों देश न केवल सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में बल्कि आर्थिक और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि कैसी भी परिस्थिती या क्षण रहा हो पेरिस हमेशा ही दिल्ली के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, 'हम न केवल रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बल्कि अंतरिक्ष और आर्थिक क्षेत्र में भी मजबूत सहयोगी हैं और मुझे इस बात का ऐहसास तब हुआ जब मैंने अप्रैल में बंग्लौर का दौरा किया था।' उन्होंने दोनों देशों के छात्रों के बीच सहयोग के महत्व और विशेष रूप से अमेरिका के भीतर बहुपक्षवाद और सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया।
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यह दोनों देशों के संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने का समय
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में फ्रांस ने यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता ग्रहण की। देश अगले छह महीनों के लिए वह इस पद पर बना रहेगा। पेरिस-दिल्ली के मजबूत संबंधों को देखते हुए यह फ्रांस का यूरोपीय संघ की परिषद का अध्यक्ष रहना भारत के लिहाज से शुभ माना जा सकता है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि की और कहा कि यह राजनयिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे है और अब इन्हें अगले स्तर पर ले जाने का समय आ गया है।












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