फ्रांस में महिलाओं को गर्भपात का संवैधानिक अधिकार क्यों दिया जा रहा है? अगले हफ्ते बन जाएगा कानून
फ्रांस की महिलाओं को अब गर्भपात के रूप में एक सांविधानिक अधिकार दिए जाने की कोशिश हो रही है।
देश की संसद के ऊपरी सदन (सीनेट) में महिलाओं के गर्भपात के अधिकार को संविधान में शामिल करने के लिए मतदान हुआ।
इसमें गर्भपात के अधिकार को मंजूरी देने के पक्ष में 267 और विपक्ष में सिर्फ 50 वोट पड़े। इस विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। फ्रांस के निचले सदन में ये पहले से पारित हो चुका है।

अब अगले हफ्ते इस विधेयक को संसद के संयुक्त सत्र में पेश किया जाएगा, जहां से मंजूरी मिलने के बाद ये कानून बन जाएगा। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने महिलाओं से गर्भपात को संवैधानिक अधिकार बनाने का वायदा किया था।
मैक्रों ने विधेयक पारित होने के बाद कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के गर्भपात के अधिकार को संविधान में शामिल करके इसे अपरिवर्तनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'सोमवार को अंतिम मतदान के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाएगा। हम चाहते हैं कि संविधान के अनुच्छेद-34 में संशोधन किया जाए, ताकि महिलाओं को गर्भपात की स्वतंत्रता की गारंटी दी जा सके।'
बुधवार को एक लंबी सीनेट बहस के बाद, फ्रांसीसी प्रधानमंत्री, गैब्रियल अटल ने कहा, "जब दुनिया में महिलाओं के अधिकारों पर हमला किया जाता है, तो फ्रांस खड़ा होता है और खुद को प्रगति के अग्रणी स्थान पर रखता है।"
फ्रांसीसी न्याय मंत्री, एरिक डुपोंड-मोरेटी ने कहा, "यह वोट ऐतिहासिक है... यह उन सभी को बताता है जो अभी तक यह नहीं जानते हैं कि हमारे देश में महिलाएं स्वतंत्र हैं... और हम उस स्वतंत्रता से किस हद तक जुड़े हुए हैं।"
ग्रीन सीनेटर मेलानी वोगेल, जिन्होंने संवैधानिक परिवर्तन के लिए अभियान चलाया था, ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक, नारीवादी जीत है।" वहीं, कम्युनिस्ट सीनेटर इयान ब्रॉसैट ने इसे दुनिया भर की महिलाओं की जीत करार दिया।
फ्रांस में 1974 से गर्भपात कानूनी है लेकिन इसे सांविधानिक बनाने का दबाव बढ़ गया है। दरअसल फ्रांसीसी सरकार, सांसदों और सीनेटरों का मानना है कि गर्भपात के अधिकार को पूर्ण संवैधानिक संरक्षण की जरूरत क्योंकि अमेरिका, पौलेंड और हंगरी जैसे देशों में गर्भपात के कानून को समाप्त किए जाने की कोशिश हो रही है।
अमेरिका में जून, 2022 में शीर्ष अदालत ने 50 साल पुराने 'रो बनाम वेड' मामले में अपने ही फैसले को पलट दिया था, जिसके बाद अमेरिका में महिलाओं को गर्भपात के लिए मिला संवैधानिक अधिकार छीन लिया गया था।
अमेरिका की देखादेखी इटली, स्पेन, हंगरी, पौलेंड जैसे यूरोपीय देशों में गर्भपात के अधिकार भी वापस लिए जाने या सीमित होने का खतरा मंडरा रहा है। आपको बता दें कि फ्रांस में लंबे समय से दक्षिण पंथी सरकार के आने का खतरा मंडरा रहा है।
ऐसे में मौजूदा फ्रांसीसी सरकार गर्भपात को सांविधानिक अधिकार बनाकर महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करा रही है। यदि देश में भविष्य में कोई गर्भपात विरोधी सरकार भी बनती है तो उसके लिए एबॉर्शन पर रोक लगाना आसान नहीं होगा।












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