फ्रांस पुलिस ने लाइटर से पहचानी भारतीय शख्स की लाश, आरोपी को खोजते हुए पहुंची बेल्जियम
नई दिल्ली। फ्रांस की पुलिस ने सोमवार को नॉर्दन फ्रांस में सड़क किनारे बोरे में मिली एक भारतीय की लाश को लाइटर की मदद से पहचाना है। पुलिस ने बताया कि इस लाइटर की मदद से उन्होंने संदिग्ध भारतीय आरोपी को बेलजियम में हिरासत में लिया। बीते साल अक्टूबर में एक मशीन ऑपरेटर को बोरे में एक शव मिला था। शव के साथ न कोई दस्तावेज या आई थी न ही सेलफोन। ऐसे में उसे पहचान पाना मुश्किल था। डीएनए और फिंगर प्रिंट की जांच भी पुलिस के काम नहीं आ सकी।

लाइटर के स्टैंप से हुए मृत की पहचान
मृत की जेब से मिले लाइटर पर "Kroeg Cafe" का स्टैंप लगा हुआ था। दरअसल बेलजियम फेडरल पुलिस बीते जून से 42 साल के दर्शन सिंह को ढूंढ रही थी। इस कैफे का नाम पूरे बेल्जियम में प्रसिद्ध है। ये मृत के घर के नजदीक स्थित था। यहां पहुंचकर जांचकर्ताओं ने टूथब्रश से डीएनए की पुष्टी की। बेलजियम में शख्स के गायब होने और मौत की जांच दोबारा शुरू की गई है।

फ्लोरिडा में भारतीय की हत्या
अन्य देशों में रहते हुए कई बार भारतीयों की हत्या के मामले सामने आते हैं। इसी साल फरवरी में अमेरिका के फ्लोरिडा में भारतीय मूल के 48 साल के एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृत के दोस्त रमेश ने बताया कि उप्पल क्षेत्र के रहने वाले के गोवरधन रेड्डी पर पेट्रोलपंप कम सूपरमार्केट में हमला किया गया। ये हमला एक अंजान शख्स ने किया था। परिजनों से मिली जानकारी के अधार पर रमेश ने बताया कि - हमें सुबह जानकारी मिली के एक नकाबपोश शख्स ने गोली मारकर गोवरधन की हत्या कर दी।

नस्लभेद के चलते हत्या का शिकार होते हैं भारतीय
साल 2018 के जून में अमेरिका में एक और भारतीय की हत्या का मामला सामने आया था। अटलांटा में 48 वर्षीय हरिकृष्णा उर्फ हरीश मिस्त्री को एक अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति ने तीन गोलियां मारीं। गोलियों के लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हरीश गुजरात के रहने वाले थे। ये हत्या भी गैस स्टेशन पर हुई थी। हरीश 15 सालों से अमेरिका में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, 19 साल की बेटी और चार साल का बेटा है। उनकी दो बहनें भी अमेरिका में ही रहती हैं।
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