“दिल पर हाथ रखकर कहता हूं, मैंने झूठ नहीं बोला”, पार्टीगेट केस में पूछताछ पर गिड़गिड़ाए बोरिस जॉनसन
पिछले साल इसी मामले को लेकर संसद के सामने बोरिस जॉनसन ने सफाई दी थी। तब उन्होंने आरोपों को खारिज कर दिया था। अब जॉनसन ने कहा कि 'मैंने जानबूझकर या लापरवाही से सदन को गमुराह नहीं किया'

File Image: PTI
ब्रिटेन में पार्टीगेट केस को लेकर आज पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से पूछताछ हो रही है। यह पूछताछ चार घंटे तक चलेगी। शुरुआती पूछताछ में बोरिस जॉनसन ने लॉकडाउन के दौरान डाउनिंग स्ट्रीट पार्टियों के बारे में विशेषाधिकार समिति से कहा, "मैं दिल पर हाथ रखकर कहता हूं, मैंने सदन से झूठ नहीं बोला है।" उन्होंने आगे कहा कि वे हर समय हाउस ऑफ कॉमन्स के साथ पूरी तरह से पारदर्शी थे। बोरिस जॉनसन ने कहा कि सरकारी विभागों के अधिकारियों को इस बात पर गर्व करना चाहिए कि उन्होंने देश को कोविड से बचाया।
वह पार्टी नहीं थी, बोले- बोरिस जॉनसन
जॉनसन ने जोर देकर कहा कि अगर किसी को लगता है कि वे लॉकडाउन के दौरान पार्टी कर रहे थे तो वे पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने कहा कि ये कोई पार्टी या सामाजिक कार्यक्रम नहीं था। वह खुद अधिकतम 25 मिनट के लिए मौजूद थे। इससे पहले मंगलवार को बोरिस जॉनसन ने 'पार्टीगेट' मामले में स्वीकार कर किया कि उन्होंने संसद को गुमराह किया था। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि ये उनसे अनजाने में हुआ। उनकी नीयत सही थी। जॉनसन ने कोविड के दौरान डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी की थी। बाद में मामला सामने आया तो संसद को सही जानकारी नहीं दी।
जानबूझकर नहीं किया गुमराह
पार्टीगेट मामले में पार्लियामेंट्री कमेटी जांच कर रही है। बोरिस जॉनसन ने 52 पेज की फाइल जांच कमेटी को सौंपी है। इसमें कहा- मैंने जानबूझकर या लापरवाही से संसद को गुमराह नहीं किया था। मैंने सिर्फ वहीं कहा जो मेरे वकील ने मुझे लिखकर दिया था। साल 2020 में पूरी दुनिया में कोरोना के चलते पाबंदियां लगी हुई थीं। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी लॉकडाउन के कारण हर तरह की आयोजनों पर प्रतिबंध लगा हुआ था। लेकिन ब्रिटेन की जनता के लिए नियम बनाने वाले बोरिस जॉनसन ने खुद अपने लिए ये नियम तोड़ डाला।
क्या है पार्टीगेट केस?
बोरिस जॉनसन ने अपने 56वें बर्थडे पर डाउनिंग स्ट्रीट में शराब-पार्टी आयोजित कराई थी। ये पार्टी उनकी पत्नी ने रखी थी। इसमें PM ऋषि सुनक के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। इससे पहले जब ये मामला संसद में उठा था तो जॉनसन ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद उनपर 4 बार संसद को गुमराह करने के आरोप लगे। अब ब्रिटिश संसद की प्रिवलेज कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में ये साबित हो जाता है कि जॉनसन ने जानबूझकर संसद को गुमराह किया तो उन्हें लोअर हाउस से सस्पेंड किया जा सकता है।












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