ब्राजील में दंगा भड़काने के आरोप में पूर्व न्याय मंत्री टोरेस गिरफ्तार, क्या बोल्सोनारो होंगे अगले शिकार?
पूर्व मंत्री एंडरसन टोरेस को पता था कि देश में दंगे होने वाले हैं मगर वह इसे रोकने के बजाय कोई जवाबदेही से बचने के लिए अमेरिका चले गए।

File Image: PTI
ब्राजील के पूर्व न्याय मंत्री एंडरसन टोरेस को अमेरिका से स्वदेश लौटने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। टॉरेस पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर कैपिटल हमले को नहीं रोका। पूर्व मंत्री को पता था कि देश में दंगे होने वाले हैं मगर इससे पहले ही वह इसे रोकने के बजाय कोई जवाबदेही से बचने के लिए अमेरिका चले गए।
लूला डा सिल्वा ने चुनाव में हराया
एनएचके वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एंडरसन टोरेस पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सेनारो के करीबी सहयोगी हैं। पिछले साल देश में हुए आम चुनाव में उन्हें वर्तमान राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने हराया था। वह ब्रासीलिया की सार्वजनिक सुरक्षा के प्रभारी थे जब 8 जनवरी के दंगों के दौरान कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला किया गया था। अब तक दंगों में शामिल 1300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बोल्सेनारो की भूमिका की भी होगी जांच
एनएचके वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक अभियोजकों से बोल्सनारो के दंगों में शामिल होने के संबंध में टोरेस से पूछताछ करने की उम्मीद है। हालांकि न्याय मंत्री ने ट्वीट किया है कि उन्होंने हमेशा नैतिक और कानूनी रूप से काम किया है और उनका मानना है कि सच्चाई की जीत होगी। इससे पहले ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एलेक्जेंडर डी मोरेस ने ब्राजीलिया में हुए दंगों में पूर्व राष्ट्रपति बोल्सेनारो की भूमिका की जांच को मंजूरी दे दी है। अभियोजक ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि जेयर बोल्सोनारो को भी जांच के घेरे में लिया जाए, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
बोल्सेनारो ने वीडियो डिलीट क्यों किया?
अभियोजक पक्ष ने पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो पर आरोप लगाया कि उन्होंने दंगों के 2 दिन बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मतदान में धांधली के आरोप लगाए गए थे। इस वीडियो में बोल्सोनारो ने दावा किया था कि लूला डा सिल्वा को जनता ने नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा चुना गया है। हालांकि कुछ घंटे बाद ही जेर बोलसनारो ने यह वीडियो डिलीट कर दिया था। हालांकि बोल्सेनारे के समर्थक भी यही नारा लगाते हैं कि डा सिल्वा की जीत जनता की जीत नहीं है।
8 जनवरी को राजधानी में दंगा
वर्तमान में, ब्राजील के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि अक्टूबर में चुनाव के परिणामों को रद्द करने के प्रयास में बोल्सनारो के 'चरमपंथी' अनुयायियों को सर्वोच्च न्यायालय, कांग्रेस और राष्ट्रपति निवास पर आक्रमण करने की अनुमति किसने दी? 8 जनवरी को हुए दंगों के दौरान ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति के समर्थक देश के कांग्रेस भवन, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन में तोड़-फोड़ की थी।
अक्टूबर में हुए थे चुनाव
बता दें कि बीते साल 30 अक्तूबर को ब्राजील में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए थे। इन चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को अपने विरोधी लूला डा सिल्वा से करीबी मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इसके बाद नवंबर में बोल्सोनारो ने आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर की तकनीकी खराबी के चलते उनकी हार हुई क्योंकि इससे अधिकतर इलेक्ट्रिक वोट खारिज हो गए।












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