F-16V: उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही लापता हुआ इस देश का लड़ाकू विमान, चीन से चल रहा है पंगा
ताइपे, 11 जनवरी: चीन ने जिन देशों पर बुरी नजर लगा रखी है, उसमें से एक छोटा सा देश ताइवान भी है। मंगलवार को अचानक ताइवान एयर फोर्स का एक अत्याधुनिक अमेरिकी फाइटर जेट रुटीन ट्रेनिंग के दौरान आसमान से गुम हो गया। चीन की सेना की हरकतों की वजह से ताइवान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहा है। चीन की सेना ने कई बार उसके वायु क्षेत्र का उल्लंघन किया है और ऐसी खबरें पहले कई बार आ चुकी हैं। लेकिन, इस बार अमेरिका में बने ताइवान का अत्याधुनिक एफ-16वी लड़ाकू विमान अचानक गायब हुआ है। ताइवान की राष्ट्रपति ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घटना की जांच में पूरी ताकत झोंकने के लिए कहा है।

ताइवान का एफ-16वी फाइटर जेट लापता
ताइवान एयरफोर्स ने अपने अत्याधुनिक एफ-16वी लड़ाकू जेट की तलाश के लिए पूरी ताकत से रेस्क्यू ऑफरेशन लॉन्च कर दिया है। यह लड़ाकू विमान मंगलवार को उड़ान भरने के आधे घंटे के बाद ही रडार की स्क्रीन से लापता हो गया। वहां के एयर फोर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह विमान ताइवान के दक्षिणी शहर चियाई एयर बेस से रुटीन ट्रेनिंग उड़ान पर निकला था, जो अचानक गायब हो गया। ताइवान सरकार की टेंशन इस वजह से बढ़ गई है कि इसके नेशनल रेस्क्यू सेंटर ने कहा है कि लोगों ने एफ-16वी को 'समुद्र में क्रैश करते' देखा है। इस महीने की 5 तारीख को भी चियाई एयर बेस पर कतार में खड़े एफ-16वी फाइटर जेट की तस्वीरें सामने आई थीं।

नवंबर में ही एफ-16वी के अपग्रेडेड वर्जन का हुआ है स्वागत
जैसे ही ताइवान रेस्क्यू सेंटर को यह सूचना मिली, उसने उसका पता लगाने के लिए दो चॉपर और कोस्टगार्ड का एक जहाज समुद्र में भेज दिया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन के दफ्तर की ओर से कहा गया है कि उन्होंने पूरी क्षमता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के साथ ही, घटना के कारणों को स्पष्ट करने के लिए कहा है। बीते साल 21 नवंबर को ताइवान ने अपनी वायुसेना की ताकत को अपग्रेड करते हुए अमेरिका में बने एफ-16वी के पहले स्क्वाड्रॉन को शामिल किया है। इस दौरान ताइवान एयर फोर्स के जवानों ने उसका जोरदार स्वागत किया था।

चीन के साथ ताइवान का चल रहा है पंगा
दरअसल, चीन लगातार इस छोटे से देश के साथ पंगा करता रहा है और हाल के कुछ महीनों में उसके साथ ताइवान का तनाव बहुत ही ज्यादा बढ़ चुका है। इसकी वजह ये है कि चीन दावा करता है कि ताइवान द्वीप असल में उसका इलाका है और यहां तक धौंस दिखाता आया है कि एक ना एक दिन वह इसपर कब्जा कर लेगा, चाहे इसके लिए उसे ताकत का ही इस्तेमाल क्यों ना करना पड़ जाए। दो साल पहले जनवरी, 2020 में भी चियाई एयर बेस पर ताइवान ने एफ-16वी फाइटर जेट विमानों का इसी तरह से ड्रिल किया था।

ताइवान की एयर फोर्स भी है ताकतवर
ताइवान के पास अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमानों का बेड़ा 1990 की दशक से ही है। लेकिन, एफ-16वी उसका काफी उन्नत और अत्याधुनिक संस्करण है। ताइवान एयर फोर्स पर जैसे-जैसे चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) का दबाव बढ़ता जा रहा है, हाल के कुछ वर्षों में उसे कई खतरनाक दुर्घटनाएं झेलनी पड़ी हैं। वैसे ताइवान चीन की दबंगता से डरने वाला नहीं है और उसके लड़ाकू बेड़े में फ्रांस में बने मिराज जेट भी हैं तो उसके अपने स्वदेशी फाइटर जेट भी मौजूद हैं।












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