France: दंगों से जल रहे फ्रांस में इमर्जेंसी लगाने की मांग, जानिए पीएम एलिजाबेथ ने क्या कहा?
फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने देश में आपातकाल अटकलों पर बयान दिया है। उन्होंने दक्षिणपंथी वाम दलों की इमर्जेंसी लगाने की मांग पर स्थिति स्पष्ट की है।
फ्रांस (France) में एक पुलिस कर्मचारी द्वारा एक युवक की हत्या के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन हुए। देश के कई हिस्सों में हिंसा को देखते हुए इमर्जेंसी की घोषणा की मांग की जा रही है। दक्षिण पंथी विपक्षी दलों का कहना है कि आपातकाल की स्थिति अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू घोषित करने, प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने और पुलिस को संदिग्ध दंगाइयों को रोकने और घरों की तलाशी लेने में अधिक स्वतंत्रता मिल जाएगी। ऐसे में स्थिति को नियंत्रितक करने में आसानी होगी।
दंगों के बीच फ्रांस में स्थिति पर नियंत्रण के लिए इमर्जेंसी की मांग पर फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न (PM Elisabeth Borne) ने बयान दिया है। उन्होंने कहा, सरकार व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। पीएम बोर्न से पत्रकारों ने ये पूछा कि क्या देश में आपातकाल लगाया जा सकता है, जैसा कि कुछ दक्षिणपंथी विपक्षी दलों ने भी मांग की है? इसके जवाब में फ्रांस की पीएम ने कहा, "मैं अभी ये नहीं बता सकती कि क्या होगा, लेकिन सरकार देश में शांति के सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।"

फ्रांस में ट्रैफिक स्टॉप पर पुलिस द्वारा 17 साल के एक लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद देशभर में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा। फ्रांस में अब तक 600 से अधिक लोगों हिंसा और उपद्रव की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाईलेवल इमरजेंसी मीटिंग की है। जबकि फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने कहा है कि सरकार व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें आपातकाल की घोषित करना भी शामिल है। फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने बताया कि गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक विरोध प्रदर्शन में हिंसा में 200 से अधिक फ्रांसीसी पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। जबकि करीब 600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।












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