एलन मस्क ने ताजमहल को बताया 'असली अजूबा', दादा-दादी ने बनाया था ये रिकॉर्ड
दुनिया के सबसे अमीर इंसान और ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क को दुनिया के सात अजूबों में शामिल भारत का ताज महल भा गया है। उन्होंने मुगल शासक शाहजहां द्वारा बनाए गए इस ऐतिहासिक स्थल को दुनिया का असली अजूबा बताया है।
नई दिल्ली, 10 मईः दुनिया के सबसे अमीर इंसान और ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क को दुनिया के सात अजूबों में शामिल भारत का ताज महल भा गया है। उन्होंने मुगल शासक शाहजहां द्वारा बनाए गए इस ऐतिहासिक स्थल को दुनिया का असली अजूबा बताया है। अपनी भारत यात्रा की बातों को ट्विटर पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'ताजमहल आश्चर्यजनक है। मैंने 2007 में भारत की यात्रा की और इसे देखा। यह वास्तव में दुनिया का एक अजूबा है।'

एलन मस्क की मां ने साझी की तस्वीर
अपने ट्वीट में उन्होंने भारत यात्रा को याद करते हुए लिखा है कि उनकी मां माए मस्क ने उन्हें दादा-दादी की ताजमहल यात्रा के बारे में बताया। उनकी मां ने उन्हें बताया कि हवाई जहाज से जिस तरह उनके दादा-दादी ताज महल तक पहुंचे, वह भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है। माये मस्क ने भी ट्विट कर ट्वीट कर एलन मस्क के दादा-दादी की तस्वीर साझा की हैं। मस्क की मां ने अपने ट्वीट में लिखा, '1954 में आपके दादा-दादी दक्षिण अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया जाते समय ताजमहल देखने गए थे। वे एक इंजन वाले प्रोपेलर विमान में रेडियो या जीपीएस के बिना इस यात्रा को करने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं। उनका आदर्श वाक्य, खतरनाक तरीके से जियो...सावधानी से जीयो था।'

पेटीएम फाउंडर ने पूछा ये सवाल
ताजमहल को लेकर किए गए ट्वीट के बाद से ऐसी अटकलें लगाईं जा रही है कि एलन मस्क जल्द ही भारत यात्रा कर सकते हैं। पे-टीएम के संस्थापक विजय शेखर ने उन्हें टैग करते हुए पूछा कि मिस्टर मस्क भारत में पहली टेस्ला देने के लिए कब आएंगे? उन्होंने पूछा, 'भारत के लिए FSD का निर्माण करना टेस्ला के लिए अविश्वसनीय चुनौती होगी। हम सबसे ज्यादा अनियंत्रित सड़क उपयोगकर्ताओं के रूप में जाने जाते हैं। आप ताजमहल पर अपनी पहली टेस्ला देने कब आ रहे हैं।'

दुनिया के सात अजूबों में शामिल
बता दें कि मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में 1631 में ताजमहल का निर्माण करवाया था। बेमिशाल प्रेम की निशानी ताजमहल को बनकर तैयार होने में करीब 20 साल का वक्त लगा था। ताजमहल को मुगल शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। साल 2000 से 2007 के बीच स्विटजरलैंड के न्यू सेवन वंडर्स फाउंडेशन द्वारा दुनिया के 200 ऐतिहासिक इमारतों को लेकर सर्वे कराया गया। दुनियाभर के करीब 10 करोड़ लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया। सर्वे के नतीजों के आधार पर साल 2007 में ताजमहल को दुनिया के सात नए अजूबों में शामिल किया गया।












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