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इस्‍लामिक धर्मगुरु के बयान पर बवाल, बेटी नाजायज तो शरीरिक संबंध बना सकता है पिता

By Yogender Kumar
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    काहिरा। मिस्र के धर्मगुरु इमाम अल शफी नाम ने कहा है कि मुस्लिम पुरुष नाजायज बेटियों से शादी कर सकते हैं। इमाम शफी के मुताबिक, इस्‍लाम पुरुष को इस बात की इजाजत देता है कि वह अपनी नाजायज बेटी से निकाह कर सके, क्‍योंकि नाजायज बेटी का पिता से कोई सीधा संबंध नहीं होता है, इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, इमाम ने यह बात 2012 में कही थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अब इसकी चर्चा हो रही है।

     Egyptian cleric says men can marry their own daughters if they are born out of wedlock

    जानकारी के मुताबिक, इमाम शफी ने यह बात एक वीडियो में कही है, जो कि इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनके इस बयान पूरी दुनिया में बहस हो रही है और लोग उनकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।ब्रिटिश अखबार द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, इमाम शफी का यह वीडियो उस वक्‍त चर्चा में आया जब मिस्र के प्रसिद्ध अल-अजहर यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले अल-सेरसावी ने यह वीडियो शेयर किया। अपनी पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा कि इमाम शफी मानते हैं कि अगर कोई बच्ची नाजायज रिश्तों की वजह से पैदा हुई है तो पिता उस बच्ची के साथ संबंध बना सकता है या शादी कर सकता है।

    इमाम शफी का कहना है कि शरिया के मुताबिक नाजायज बेटी को उसके मौजूदा पिता का नाम नहीं दिया जा सकता है। इससे पहले मिस्र के एक और धर्मगुरु मुस्‍तफा मोहम्‍मद मारूफ विवादों में फंस गए थे। उन्‍होंने एक टेलिविजन डिबेट में कहा था कि शादी की उम्र कम से कम होनी चाहिए। यहां तक नवजात की शादी करने में भी बुराई नहीं है। उन्‍होंने शरिया का हवाला देते हुए दावा किया था कि फीमेल्‍स के लिए कोई उम्र तय नहीं की गई है।

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    English summary
    Egyptian cleric says men can marry their own daughters if they are born out of wedlock.

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