बेहद दिलचस्प! दुबई के जुमेरैह द्वीप में 278 करोड़ में बिका रेत का प्लॉट, जानें क्या है खास?
22 साल पहले बनकर तैयार हुए पाम जुमेरैह द्वीप को बनाने के लिए स्टील या कंक्रीट का नहीं बल्कि रेत और चट्टानों का आधार बनाया गया था। जिसके चलते लोग यहां आने और रहने के लिए बेताब रहते हैं।

दुबई स्थित मानव निर्मित पाम जुमेरैह द्वीप में 24,500 स्क्वायर फीट का प्लॉट 125 मिलियन दिरहम यानी करीब 278 करोड़ रुपए में बिका। यह पहली बार है कि खाली प्लॉट रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्राइस में बिका हो। दुबई लैंड (Dubai Land) रिकॉर्ड के मुताबिक, इस प्लॉट को खरीदने वाला व्यक्ति दुबई का मूल निवासी नहीं है। वहीं, बेचने वाले ने दो साल पहले ही 36.5 मिलियन दिरहम (करीब 81.43 करोड़ रुपए) में इस प्लॉट को खरीदा था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्लॉट बेचने वाला यूके बेस्ड फैशन रिटेलर प्रीटी लिटिल थिंग के 35 साल के फाउंडर हैं। रियल एस्टेट ब्रोकरों का अनुमान है कि रिकॉर्ड टूटना जारी रहेगा। आपको बता दें कि इस द्वीपसमूह में लक्जरी होटल, प्राचीन समुद्र तट और करीब 80 हजार लोगों के एक साथ रहने की व्यवस्था है। इसे दुबई की पहचान के रुप में भी देखा जाता है।
अमीरों की पसंद जुमेरैह द्वीप
आपको बता दें कि जुमेरैह द्वीप दुनियाभर में फेमस है। दुबई में टैक्स और क्राइम कम है, जिसके चलते लोग यहां आने और रहने के लिए बेताब रहते हैं। दुबई की प्रॉपर्टी में लोगों की दिलचस्पी लगातार बनी रहती है। जिसके कारण प्रॉपर्टी के साथ-साथ तेल के दाम भी बढ़ने लगे हैं। रही कसर, गोल्डन वीजा पूरी कर रहा है। हाई प्रोफाइल के लोगों को यह वीजा आकर्षित कर रहा है।
रेत और चट्टानों से बना द्वीप
दरअसल, 22 साल पहले बनकर तैयार हुए पाम जुमेरैह द्वीप को बनाने के लिए स्टील या कंक्रीट का नहीं बल्कि रेत और चट्टानों का आधार बनाया गया था। खास बात यह थी कि दुबई की रेत का इस्तेमाल नहीं किया गया था। फारस की खाड़ी से 120 मिलियन क्यूबिक मीटर रेत मंगवाई गई थी। वजह यह थी कि दुबई की रेत पानी में आसानी से घुल जाती है, ऐसे में उसपर भरोसा न करके फारस से मंगवाई गई थी।












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