ड्रैगन की खौफनाक साजिश! चीन की सेना में पाकिस्तानी आर्मी अफसरों की तैनाती- रिपोर्ट
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर: चीन ने अपने सैन्य मुख्यालयों में पाकिस्तानी सेना के अफसरों को तैनात कर दिया है। बड़ी बात ये है कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के जिन दो थियेटर कमांड में पाकिस्तानी आर्मी के अधिकारी तैनात किए गए, उनमें से एक वेस्टर्न थियेटर कमांड भी है, जिसके जिम्मे अरुणाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख तक भारतीय सीमा की निगरानी करना है। उसी के अधिकार क्षेत्र में तिब्बत भी आता है, जो ड्रैगन के कब्जे में है। वैसे जानकारी यह दी जा रही है कि चीन और पाकिस्तानी सेना की ये साठगांठ चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर आपस में खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान करने को लेकर है। लेकिन, जिस तरह से इसमें पूर्वी लद्दाख की घटनाओं को लेकर कुख्यात हो चुके वेस्टर्न थियेटर कमांड शामिल है, उससे कई तरह के संदेह पैदा हो सकते हैं।

चीन की सेना में पाकिस्तानी आर्मी अफसरों की तैनाती- रिपोर्ट
खुफिया जानकारियों के आधार पर खबरें हैं कि चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के मुख्यालयों में पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की नियुक्ति हो रही है। जानकारी के मुताबिक यह कारगुजारी खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर चल रही है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के संपर्क अधिकारियों को चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड और साउदर्न थियेटर कमांड के मुख्यालयों में तैनाती की गई है। भारत के लिहाज से चीन की सेना का वेस्टर्न थियेटर कमांड बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि, भारतीय सीमाओं के साथ-साथ चीन के शिंजियांग प्रांत और तिब्बत के इलाकों की जिम्मेदारी इसी के पास है। पिछले महीने ही चीन ने जनरल वैंग हैइजिआंग को इस थियेटर कमांड का कमांडर नियुक्त किया है।

एलएसी पर पीएलए लगातार संदिग्ध हरकतों में शामिल है
हाल में कई रिपोर्ट्स आ चुकी हैं कि किस तरह से चीन एक तरफ तो भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों को लेकर डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया में शामिल है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी लद्दाख के क्षेत्र में इसी कुख्यात वेस्टर्न थियेटर कमांड के जवान लगातार उसी इलाके में बड़े पैमाने पर मौजूद हैं। बीच-बीच में चीन के सैनिकों की ओर से एलएसी के उसपार संदिग्ध हरकतों की भी लगातार आती रही हैं। यही नहीं हाल ही में उत्तराखंड में उसके घुड़सार दस्ते के भारतीय इलाके में भी घुस आने और एक पुल को क्षतिग्रस्त करके फौरन भाग जाने की रिपोर्ट भी आई हैं। वहीं चीन के साउदर्न थियेटर कमांड के कंधे पर हॉन्ग कॉन्ग और मकाउ जैसे इलाकों की जिम्मेदारी है।

चीन और पाकिस्तानी सेना में क्यो खिचड़ी पक रही है ?
ताजा खुफिया सूचनाओं के हवाले से ये भी रिपोर्ट है कि पाकिस्तानी सेना के कर्नल रैंक के अफसरों की चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन और मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी के ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट में भी तैनाती की गई है, जो की चीन की सशस्त्र सेनाओं के लिए युद्ध की योजनाएं बनाने, ट्रेनिंग और रणनीति बनाने के लिए जिम्मेदार है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी चीन के स्टेट काउंसिल के अधीन है, जो कि जासूसी-विरोधी और पॉलिटिकल सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदार हैं।

सीपीईसी को लेकर भी दोनों देश की सेना में नजदीकी रिश्ता है
प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक डिफेंस ऐटशै के अलावा कम से कम पाकिस्तान के 10 सैन्य अधिकारी बीजिंग स्थित पाकिस्तानी दूतावास में भी तैनात हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें खरीदगी से संबंधित प्रोजेक्ट पर लगाया गया है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक उसने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर और उसमें लगे लोगों की सुरक्षा के लिए हजारों जवानों वाला स्पेशल सिक्योरिटी डिविजन ही बना रखा है। इसकी बड़ी जिम्मेदारी कॉरिडोर के अलावा प्रोजेक्ट में शामिल चीन के नागरिकों की सुरक्षा करना है। इस बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज18 से कहा है कि भारत चीन के सैन्य मुख्यालयों में पाकिस्तानी आर्मी ऑफिसरों की तैनाती पर नजर रख रहा है।












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