'जाकर उन्हें मारेंगे', गाजा में खूनखराबे पर ट्रंप का Hamas को सीधा अल्टीमेटम, दिया हैरान करने वाला बयान
गाजा में सीजफायर के बाद जारी खून-खराबे से नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को हमास को एक अल्टीमेटम जारी कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हमास गाजा के भीतर हो रही हिंसा को नहीं रोकता है तो हमारे पास जाकर उन्हें मार डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।'
हालांकि, अपनी ही धमकी पर सफाई देते हुए ट्रंप ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों द्वारा नहीं की जाएगी, बल्कि आस-पास के लोग बहुत आसानी से यह काम कर देंगे। राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर इजरायल का नाम नहीं लिया, लेकिन इजरायली सेना की किसी भी कार्रवाई से संघर्ष विराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन होने का खतरा हो सकता है।

ट्रंप के रुख में अचानक क्यों आया बदलाव?
हमास के प्रति ट्रंप के रवैये में आया यह बदलाव सोचने पर मजबूर करता है। उन्होंने मंगलवार को कहा था कि हमास ने 'कुछ बहुत ही बुरे गैंग्स' को खत्म कर दिया है और कई गैंग सदस्यों को मार डाला है। उन्होंने कहा था, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे इससे बहुत फर्क नहीं पड़ा।'
हालांकि, अब ट्रंप ने साफ कर दिया कि गाजा के तबाह इलाके के अंदर प्रतिद्वंद्वी गुटों के खिलाफ हमास द्वारा की जा रही हत्याओं के लिए उनका धैर्य सीमित है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि 'वे निरस्त्र हो जाएंगे, और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम उन्हें निरस्त्र कर देंगे, और यह तेजी से होगा और शायद हिंसक भी।'
बंधक और संघर्ष विराम का उल्लंघन
ट्रंप द्वारा पेश किए गए संघर्ष विराम प्लान में सभी बंधकों-जीवित और मृत-को निर्धारित समय सीमा तक सौंपने को कहा गया था। इस डील के तहत, यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमास को मृत बंधकों के बारे में जानकारी साझा करनी थी और जल्द से जल्द उन्हें सौंपने की कोशिश करनी थी।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि इजरायल 'समझौता नहीं करेगा' और मांग की कि हमास बंधकों के शवों की वापसी के संबंध में संघर्ष विराम समझौते की सभी आवश्यकताओं को पूरा करे। वहीं, हमास की सशस्त्र शाखा ने बुधवार को एक बयान में कहा कि संगठन ने संघर्ष विराम की शर्तों का सम्मान किया है और जिन बंधकों के शवों तक उनकी पहुंच थी, उन्हें सौंप दिया है।
गाजा में सुरक्षा और मानवीय संकट
हमास के सत्ता संभालने के बाद से, हमास-नियंत्रित पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखी थी, लेकिन हाल के महीनों में इजरायली सेना की कार्रवाई और हवाई हमलों के कारण वे गायब हो गए। इस खालीपन में शक्तिशाली स्थानीय परिवार और सशस्त्र गिरोह-जिनमें इजरायल समर्थित कुछ हमास विरोधी गुट भी शामिल हैं-सामने आ गए हैं। इन पर मानवीय सहायता को हाईजैक करने और लाभ के लिए बेचने का आरोप है, जिससे गाजा का भुखमरी संकट और बढ़ गया है।
अमेरिका ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह संघर्ष विराम समझौते की निगरानी और समर्थन के लिए लगभग 200 सैनिकों को इजरायल भेज रहा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने जोर दिया है कि अमेरिकी सेना गाजा में कदम नहीं रखेगी। वहीं, दो वरिष्ठ अमेरिकी सलाहकारों के अनुसार, हमास ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को आश्वासन दिया है कि वह मृत बंधकों को लौटाने पर काम कर रहा है और उन्होंने यह नहीं माना कि हमास ने डील का उल्लंघन किया है।












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