Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

World News: भूमि कानून, श्वेत किसान, व्हाइट हाउस की तीखी बहस, क्या है अमेरिका और साउथ अफ्रीका के बीच का विवाद?

Donald Trump South Africa Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार कर वैश्विक कूटनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। उनका सनसनीखेज आरोप है कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार श्वेत किसानों (Afrikaners) के साथ दुर्व्यवहार कर रही है, जिसे उन्होंने 'मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन' बताया है। ट्रंप ने इसे 'न्याय के लिए मजबूरी' करार दिया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उनके आरोपों को 'बेबुनियाद और झूठा राजनीतिक प्रचार' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।

यह विवाद नवंबर के अंत में होने वाले G20 समिट से ठीक पहले दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोल रहा है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे ट्रंप और साउथ अफ्रीका के बीच क्या है यह 'लफड़ा'? अमेरिकी राष्ट्रपति ने G20 सम्मेलन का क्यों किया बॉयकॉट? दक्षिण अफ्रीका में श्वेतों के साथ क्या है असल विवाद? और वह कौन सा भूमि अधिग्रहण कानून है, जिसके चलते यह मुद्दा यहां तक पहुंचा? आइए, पूरी कहानी समझते हैं।

Donald Trump South Africa Controversy

विवाद की जड़: 'भूमि अधिग्रहण कानून' से G20 तक

ट्रंप और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस विवाद की मुख्य जड़ दक्षिण अफ्रीका का नया भूमि अधिग्रहण कानून है, जो 9 अक्टूबर 2024 को सिरिल रामफोसा(Cyril Ramaphosa) के दस्तखत के बाद लागू हुआ। इस कानून के तहत, सरकार सार्वजनिक हित (जैसे सड़क, हॉस्पिटल, स्कूल) के लिए बिना मुआवजे के निजी जमीन का अधिग्रहण(South Africa White Farmers) कर सकती है। इस कानून का मकसद रंगभेद के दौरान हुए ऐतिहासिक अन्याय को ठीक करना है, जब अश्वेतों से उनकी जमीनें छीन ली गई थीं। ट्रंप और टेस्ला चीफ इलॉन मस्क जैसे लोग इस कानून से बेहद नाराज हैं, इसे 'श्वेत विरोधी' मान रहे हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीकी सरकार इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक आवश्यक कदम बताती है।

व्हाइट हाउस में ट्रंप और रामफोसा के बीच तीखी बहस

यह विवाद सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस साल मई महीने में व्हाइट हाउस में मीडिया के सामने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसका वीडियो भी सामने आया था (Trump-Ramaphosa White House Video)। इस दौरान ट्रंप ने एक वीडियो को सबूत के तौर पर दिखाते हुए दावा किया कि दक्षिण अफ्रीका में गोरे किसानों का नरसंहार किया जा रहा है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। रामफोसा ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि नरसंहार के आरोप झूठे हैं और दक्षिण अफ्रीका में सभी नस्लों के लोग हिंसा से पीड़ित हैं, जिनमें ज्यादातर अश्वेत हैं। इस बहस ने दोनों नेताओं के बीच गहरे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया था।

ये भी पढे़ं: Nobel Peace Prize: हाथ मलते रह गए Donald Trump, नोबेल ले गईं मारिया, जानें किस वजह से मिला पुरस्कार

G20 से बाहर करने की मांग और आर्थिक मदद रोकने की धमकी

ट्रंप ने हाल ही में मियामी में एक भाषण में यहां तक कह दिया था कि दक्षिण अफ्रीका को 'मानवाधिकार उल्लंघन' के आरोपों के चलते G20 से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने धमकी दी कि जब तक श्वेत किसानों के साथ हो रहे अत्याचार बंद नहीं होते, अमेरिका इस देश के साथ किसी भी वैश्विक आर्थिक मंच पर नहीं बैठेगा। ट्रंप ने इस मुद्दे की जांच होने तक दक्षिण अफ्रीका को दी जाने वाली सारी आर्थिक मदद रोकने की भी धमकी दी थी। यह स्थिति G20 समिट से ठीक पहले दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर ले जा रही है और दक्षिण अफ्रीका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन गई है।

ये भी पढे़ें: 'Giorgia Meloni बड़ी हसीन, कहीं खतरे में ना पड़ जाऊं', Donald Trump ने इटली की PM पर क्या-क्या कहा?

Johannesburg G20- ट्रंप का G20 बॉयकॉट का ऐलान

अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका (South Africa G20) में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि यह शर्मनाक है कि G20 जैसे आयोजन की मेजबानी ऐसा देश कर रहा है, जो अपने ही नागरिकों, खासकर श्वेत किसानों के साथ अन्याय कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, भूमि जब्त करना और उन पर हिंसा करना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। पहले यह तय था कि उनकी जगह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन अब वे भी इसमें शामिल नहीं होंगे। ट्रंप ने इस कदम को 'न्याय के लिए मजबूरी' बताया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

साउथ अफ्रीका का पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने करारा पलटवार किया है। रामफोसा ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'राजनीतिक प्रचार' और 'देश की छवि खराब करने की कोशिश' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद खत्म हुए तीन दशक हो चुके हैं और यहां सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं। रामफोसा ने दावा किया कि ट्रंप बार-बार झूठे आंकड़े और रिपोर्ट्स के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अफ्रीकी डिप्लोमैट्स ने ट्रंप के बयान को नस्लीय राजनीति भड़काने वाला बताया है, जिससे यह विवाद और भी गहरा गया है।

ये भी पढे़ं: Nobel Peace Prize न मिलने पर पहली बार बोले Trump, कही ऐसी बात कि हंसते-हंसते माथा पकड़ लेंगे!

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+