Mar-a-Lago: डोनाल्ड ट्रंप के उस आलीशान क्लब पर छापा, जिसका खर्च अमेरिकी सरकार भी नहीं उठा पाई
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का विशालकाय निजी क्लब मार-ए-लागो हमेशा चर्चा में बना रहा और इसे 'विंटर व्हाइट हाउस' कहा जाने लगा...
पाम बीच/फ्लोरिडा, अमेरिका, अगस्त 10: भारत में जिस तरह से एफबीआई पर राजनीतिक तौर पर प्रेरित होकर अलग अलग राजनेताओं पर छापे मारने के आरोप लगते रहते हैं, उसी तरह से अमेरिकी एजेंसी एफबीआई पर राजनीति से प्रेरित होकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संपत्तियों पर छापेमारी करने के आरोप लगे हैं और इसको लेकर अमेरिका की राजनीति में तूफान मच गया है और ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने सीधे तौर पर राष्ट्रपति जो बाइडेन को सवालों के घेरे में खड़ा किया है। एफबीआई ने ये छापा डोनाल्ड ट्रंप के सबसे महंगे और निजी क्लब मार-ए-लागो पर मारा है। ऐसे में आईये जानते हैं, कि मार-ए-लागो क्या है, कहां है और एफबीआई ने यहां पर छापेमारी क्यों की है?

डोनाल्ड ट्रंप का 'मार-ए-लागो'
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का विशालकाय निजी क्लब मार-ए-लागो हमेशा चर्चा में बना रहा और इसे 'विंटर व्हाइट हाउस' कहा जाने लगा, क्योंकि द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति पद पर रहने के दौरान करीब 142 दिनों का कार्यकाल यहीं से चलाया और इस जगह पर उन्होंने 32 बार दौरा किया था। डोनाल्ड ट्रंप यहां पर अकेले नहीं आते थे, बल्कि उन्होंने अपने निजी और विशालकाय क्लब मार-ए-लागो में कई वैश्विक नेताओं का भरपूर मनोरंजन किया है और जब उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया था और अमेरिका को परमाणु बम से उड़ाने की धमकी दी थी, उस वक्त भी डोनाल्ड ट्रंप यहीं से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को डील कर रहे थे, जबकि अधिकारी उनका व्हाइट हाउस में इंतजार कर रहे थे। यहां तक की सीरिया में हवाई हमले की इजाजत भी डोनाल्ड ट्रंप ने यहीं से दी थी और जब जनवरी 2021 में डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल खत्म हुआ, तो वॉशिंगटन डीसी से एक हेलीकॉप्टर के जरिए वो यहीं पर पहुंचे थे।

मार-ए-लागो में FBI की छापेमारी
भारत के समय मंगलवार (9 अगस्त) की शुरुआत में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की, कि उनका "सुंदर घर, मार-ए-लागो" "एफबीआई एजेंटों के एक बड़े समूह की घेराबंदी में कई घंटो तक रहा, यहां पर छापेमारी की गई और काफी कुछ यहां से जब्त किया गया है। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि, एफबीआई की तलाशी इस बात की जांच के सिलसिले में थी, कि क्या डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से निकलते वक्त गोपनीय दस्तावेज भी अपने साथ लेकर गये थे? एफबीआई ने डोनाल्ड ट्रंप के निजी क्लब पर उस वक्त छापेमारी की है, जब अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति पहले से ही अमेरिकी संसद पर 6 जनवरी 2021 को हुए हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी और बेटी समेत उनके कई सहयोगियों से पूछताछ हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 अगस्त को, जिस दिन मार-ए-लागो पर छापेमारी की गई है, उस दिन भी दो संभावित गवाहों से पूछताछ की जानी थी। जिनके नाम माइक पोम्पिओ, जो ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री थे और डगलस मास्ट्रियानो, जो पेंसिल्वेनिया से सीनेट के सदस्य हैं और राज्य का राज्यपाल बनने के लिए रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उम्मीदवार हैं।

मार-ए-लागो के बारे में जानिए
मार-ए-लागो अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा में पाम बीच पर स्थिति है और ये एक स्पेनिश शब्द है, जिसका मतलब 'समुद्र का लेक' होता है। ये डोनाल्ड ट्रंप का एक निजी क्लब, रिसॉर्ड है, जो करीब 20 एकड़ में फैला हुआ है। यह मूल रूप से 1924 से 1927 के बीच मार्जोरी मेर्रीवेदर पोस्ट के लिए बनाया गया था, जो अनाजों का कारोबारी और उत्तराधिकार था और मार-ए-लागो उसका निजी निवास था। यह एक 126 कमरों की हवेली है, जिसमें काफी बड़े- बड़े बरामदे बरामदे हैं और ये चारों तरफ से काफी खूबसूरत लॉन से घिरा हुआ है।

75 फीट का आकर्षक मीनार
मार-ए-लागो की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज जानकारी के मुताबिक, "मुख्य घर हिस्पैनो-मोरेस्क शैली के मुताबिक बनाया गया है, जो भूमध्यसागरीय विला के बीच लंबे समय से लोकप्रिय है। यह इमारत के ऊपरी और निचले हिस्से को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे ये अर्धचंद्राकार दिखता है, जो लेक वर्थ का सामना करता है। इस इमारत में 75 फीट का एक मीनार बनाया गया है, जहां से फ्लोरिडा शहर को देखा जा सकता है और कई मील से इसे देखा जा सकता है, जो सभी दिशाओं से एक आकर्षक नजारा पेश करता है।

नेशनल हिस्टोरिक का दर्जा
इस संपत्ति को साल 1969 में अमेरिकी आंतरिक विभाग द्वारा "द मार-ए-लागो नेशनल हिस्टोरिक साइट" नामित किया गया था और बाद में इसे ऐतिहासिक स्थानों की लिस्ट में राष्ट्रीय रजिस्टर में जोड़ दिया गया था। साल 1973 में मार-ए-लागो को अमेरिकी राष्ट्रपतियों और राजनेताओं के आने-जाने के लिए बना दिया गया था और इसे अमेरिकी सरकार को दे दिया गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और जिमी कार्टर ने इसका कभी उपयोग नहीं किया और फिर साल 1981 में इसे फिर से निजी स्वामित्व में वापस कर दिया गया था। इसके पीछे की वजह में सुरक्षा और इसरे रखरखाव में होने वाले खर्च को बताकर चिंता जताई गई थी।

35 सालों से है डोनाल्ड ट्रंप का घर
35 साल पहले ये घर डोनाल्ड ट्रंप के पास आ गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने साल 1985 में पोस्ट फाउंडेशन से संपत्ति को निजी निवास के रूप में उपयोग करने के लिए लगभग 10 मिलियन डॉलर में खरीद लिया था। साल 1995 में उन्होंने मार-ए-लागो क्लब की स्थापना की और मार-ए-लागो को वो अपने निजी निवास के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं। द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में प्रवेश करने के तीन सप्ताह बाद फरवरी 2017 में यहां की अपनी पहली यात्रा की थी। जहां उन्होंने वीकेंड गोल्फ खेलते हुए बिताया था। ऐसा करने के लिए उन्होंने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा का बार-बार मजाक उड़ाया था।

कई वैश्विक नेताओं का किया स्वागत
इसके बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे सहित मार-ए-लागो में कई विश्व नेताओं का मनोरंजन किया। वहीं, इस क्लब का सदस्यता शुल्क 2 लाख डॉलर सलाना है, जिसके लिए उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप की काफी आलोचना की गई थी, क्योंकि बतौर राष्ट्रपति वो देश के मेहमानों को अपने निजी निवास पर आमंत्रित कर रहे थे, जिसकी सदस्यता शुल्क वसूली जाती थी। आरोप ये भी लगे, कि विदेशी मेहमानों को मार-ए-लागो बुलाकर वो अपने इस क्लब का दुनियाभर में प्रचार कर रहे हैं, ताकि इस क्लब की सदस्यता लेने वालों की संख्या बढ़े।












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