वामपंथियों को जेल, कट्टर मुसलमानों की अमेरिका में एंट्री बंद... डोनाल्ड ट्रंप के 14 चुनावी वादे क्या हैं?
Donald Trump 14 promises: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 के चुनाव अभियान की राह पकड़ ली है और मतदाताओं को बताने में जुट गये हैं, कि यदि वह निर्वाचित होते हैं, तो उनका दूसरा कार्यकाल किस तरह का हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव अभियान के दौरान कई वादे किए हैं, हालांकि उनमें से कई अभी तक साफ नहीं हैं, लेकिन कई वादे ऐसे हैं, जिनसे ट्रंप क्या सोच रहे हैं, उसका पता जरूर चलता है.
डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी एजेंडों में कुछ बातें पूरी तरह से साफ हैं, जैसे ड्रग्स तस्करों को मौत की सजा, 10 नये शहरों का निर्माण करना और चीन को बर्दाश्त नहीं करना। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप का मानना है, हथियार लॉबी की वजह से यूक्रेन युद्ध को और लंबा खींचा जा रहा है, ताकि हथियारों का निर्माण होता रहे।

आइये समझते हैं, डोनाल्ड ट्रंप की वो 14 नीतियां क्या हैं, जिनके बारे में उनका कहना है, कि यदि वो चुनकर आते हैं, तो उन्हें लागू करेंगे।
1- ड्रग तस्करों को फांसी की सजा
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जनवरी के एक कैम्पेन वीडियो में कहा, कि "ड्रग कार्टेल अमेरिका पर युद्ध छेड़ रहे हैं और अब अमेरिका के लिए, ड्रग कार्टेल के खिलाफ युद्ध छेड़ने का समय आ गया है।"
डोनाल्ड ट्रम्प ने नवंबर 2022 के अपने अभियान की घोषणा में कहा था, निर्वाचित होने के बाद वह कांग्रेस से यह सुनिश्चित करने के लिए कहेंगे, कि ड्रग तस्करों और मानव तस्करों को उनके "जघन्य कृत्यों" के लिए मौत की सजा मिल सके।
पूर्व राष्ट्रपति ने कार्टेल पर नौसैनिक प्रतिबंध लगाकर, कार्टेल की वैश्विक वित्तीय प्रणालियों तक पहुंच में कटौती करके और कार्टेल के नेतृत्व को ध्वस्त करने के लिए के लिए रक्षा विभाग के भीतर विशेष बलों का उपयोग करने की भी कसम खाई है।
2- शिक्षा को लेकर क्या है ट्रंप की सोच?
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में एक कैम्पेन वीडियो में शिक्षा के बारे में बोलते हुए कहा था, कि "जब मैं राष्ट्रपति बनूंगा, तो हम माता-पिता को फिर से प्रभारी बनाएंगे और उनके हाथों में अंतिम फैसला देंगे।"
डोनाल्ड ट्रंप ने शिक्षा को लेकर अपने एजेंडे में कहा, कि अगर वो शासन में आते हैं, तो शिक्षा व्यवस्था से वामपंथ को हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा, कि मार्क्सवादियों कों स्कूलों और कॉलेजों से हटा दिया जाएगा
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा था, कि उन स्कूलों की फंडिंग प्राथमिकता में होगी, जो बच्चों के लिए "अनुकूल व्यवहार" का निर्माण करते हैं और जो बच्चों के माता-पिता को प्रिंसिपल चुनने की इजाजत देते हैं। उन्होंने कहा, कि K-12 शिक्षकों के लिए शिक्षक कार्यकाल समाप्त कर दिया जाएगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए, योग्यता वेतन का उपयोग किया जाएगा।
ट्रम्प ने अभियान वीडियो में यह भी कहा कि वह उन स्कूलों के लिए फंडिंग में कटौती करेंगे जो महत्वपूर्ण नस्ल सिद्धांत और लिंग विचारधारा पढ़ाते हैं।

3- लैंगिक देखभाल
मार्च में 2023 कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा, कि "मैं हमारे युवाओं के रासायनिक बधियाकरण और यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाली बाइडेन की हर एक नीति को रद्द कर दूंगा और कांग्रेस से मुझे सभी 50 राज्यों में बाल यौन उत्पीड़न पर रोक लगाने वाला एक विधेयक भेजने के लिए कहूंगा।"
ट्रम्प ने एक अभियान वीडियो में कहा कि वह एक कार्यकारी आदेश जारी करेंगे जिसमें संघीय एजेंसियों को लिंग परिवर्तन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों में कटौती करने का निर्देश दिया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि उनका प्रशासन उन अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को फंडिंग नहीं देगा, जो युवाओं को रासायनिक बधियाकरण या फिर उनका लिंग परिवर्तन करते हैं।
4- जुर्म को लेकर क्या होगी नीति?
ट्रम्प ने फरवरी के दो चुनावी कैम्पेन वीडियो में कहा था, कि यदि "मार्क्सवादी" अभियोजक, अपराधियों के खिलाफ आरोप लगाने से इनकार करते हैं या हमारे शहर को हिंसक अपराधियों के हवाले करने की सोचते भी हैं, तो वो "शांति और सार्वजनिक सुरक्षा बहाल करने के लिए संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजने में संकोच नहीं करेंगे।"
ट्रम्प ने कहा, कि वह जस्टिस डिपार्टमेंट को "कट्टरपंथी वामपंथी" प्रॉसीक्यूटर्स के खिलाफ जांच का आदेश देंगे, जो नस्लीय भेदभाव में शामिल रहे हैं और जिन्होंने विचारधारा के आधार पर लोगों के खिलाफ कमजोर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कानून का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है।
इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकन पुलिस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा, कि जब वो सत्ता में आएंगे, तो पुलिस के लिए फिर से ट्रेनिंग की व्यवस्था करेंगे और कानून को हाथ में लेने वाले पुलिसवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को बढ़ाएंगे।
5- ट्रंप की विदेश नीति क्या होगी?
न्यू हैम्पशायर के एक कैम्पेन कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, कि "राष्ट्रपति पद जीतने के कुछ ही समय बाद, मैं रूस और यूक्रेन के बीच भयानक युद्ध को सुलझाऊंगा।" उन्होंने एक अन्य भाषण में कहा, कि युद्ध को निपटाने में उन्हें "एक दिन से ज्यादा समय नहीं लगेगा।"
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने ये नहीं बताया, कि वो युद्ध को सुलझाने के लिए क्या करेंगे या फिर उनके पास क्या प्लान है?
उन्होंने अपने एक कैम्पेन में कहा, कि जो लोग युद्ध को भड़का रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और हमारी सरकार में शामिल वो अधिकारी, जो युद्ध को लेकर सही प्लान बनाने में नाकाम रहे हैं, उन्हें उनके पद से हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, कि अमेरिका के हित में जो होगा, वो उसके सहारे आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति ने एक कैम्पेन वीडियो में कहा, कि ऐसे नेक्सस को तोड़ने का काम करेंगे, जिसके तहत हथियार ठेकेदार, सैन्य अधिकारियों को युद्ध की ओर धकेलने का काम करते हैं।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिमों को लेकर अलग से काम करने की बात कही है।
उन्होंने कहा, कि वो राष्ट्रपति बाइडेन के साल 2021 में मुस्लिमों को लेकर पास किए गये कट्टरपंथी मुस्लिमों के प्रस्ताव को पलट देंगे। उन्होंने कहा, कि वह "कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को देश से बाहर रखने" के लिए कई बहुसंख्यक मुस्लिम देशों के व्यक्तियों पर यात्रा प्रतिबंध को बहाल करेंगे।
आपको बता दें, कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी मुस्लिमों के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे, जिसको लेकर उनकी काफी आलोचना की गई थी।
6- डोनाल्ड ट्रंप के छठवें एजेंडे में अमेरिका में 10 नये शहरों का निर्माण करना है। इसके अलावा, वो शहरों में ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए उड़ने वाली कारों के लिए लॉन्चिंग पैड्स बनाने की भी बात कही है।
7- डीप स्टेट
डोनाल्ड ट्रंप ने इसके अलावा कहा, कि "जब मैं राष्ट्रपति बनूंगा, तो सेंसरशिप और सूचना नियंत्रण की इस पूरी सड़ी हुई प्रणाली को बड़े पैमाने पर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। कुछ भी नहीं बचेगा।"
इसके अलावा उन्होंने कहा, कि टेक्नोलॉजी कंपनियों और सरकार के बीच काफी पंगे होते रहते हैं, खासकर डेटा को लेकर काफी चिकचिक रहती है, लेकिन अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं, तो एफबीआई और सीआईए को उन कंपनियों के डेटा की देखरेख करने के लिए कहेंगे।
8- कारोबार
कारोबार को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे में 'आंख के बदले आंख' वाला कानून लागू करने की बात कही है। उन्होंने कहा, कि अगर कोई देश अमेरिकी सामानों पर 'शुल्क' लगाता है, तो अमेरिका भी उन देशों के सामानों पर शुल्क लगाएगा।
आपको बता दें, कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी ऐसा किया था, जिसके बाद भारत और अमेरिका के कारोबारी संबंध खराब हो गये थे और भारत ने भी अमेरिका के सामानों पर काफी ज्यादा शुल्क लाद दिया था। जिसे पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान भारत ने हटाने फैसला किया था।
अमेरिका में नौकरियां वापस लाने की एक बड़ी रणनीति के हिस्से के रूप में, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, कि यदि वह निर्वाचित होते हैं, तो वह अपने 'अमेरिका फर्स्ट व्यापार एजेंडे' को भी लागू करेंगे।
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि उनके चार सालों के कार्यकाल के दौरान चीन से आवश्यक सामानों के आयात को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा और चार साल खत्म होते होते, चीन से जरूरी सामानों का आयात पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा, जिससे अमेरिका की चीन पर निर्भरता हमेशा के लिए खत्म हो जाए और चीन, अमेरिका को ब्लैकमेल ना कर सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा, कि उनके कार्यकाल में अमेरिकी कंपनियों के चीन में निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

9- अर्थव्यवस्था
ट्रम्प ने अपने नवंबर कैन्पेन की घोषणा में कहा था, कि "जीत के साथ, हम फिर से अब तक की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे।" उन्होंने कहा, कि "यह जल्दी से होगा। हम अब तक की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे।" हालांकि उन्होंने विशिष्ट नीति प्रस्ताव नहीं दिए या यह नहीं बताया कि वह अर्थव्यवस्था में कैसे सुधार करेंगे।
ट्रम्प ने कहा, कि वह बाइडेन की टैक्स बढ़ोतरी के फैसले को रद्द कर देंगे और महंगाई खत्म करने के लिए तुरंत फैसले करेंगे।
10- डोनाल्ड ट्रंप का दसवां एजेंडा गवर्नमेंट रिफॉर्म को लेकर है।
11- डोनाल्ड ट्रंप का 11वां एजेंडा हथियार कानून में संशोधन को लेकर है।
12- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि इक्विटी को लेकर बाइडेन प्रशासन ने जो भी कानून बनाए हैं, वो अगर सरकार में आते हैं, तो उन्हें रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने इक्विटी ट्रेनिंग सेंटर्स बनाने की भी बात कही है।
13- चीन को लेकर क्या है एजेंडा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं, तो मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगा, कि अमेरिका के भाग्य का फैसला अमेरिकी हाथों में हो और चीन पर अमेरिका की हर निर्भरता को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और प्राकृतिक संसाधनों जैसे अमेरिकी बुनियादी ढांचे के चीनी स्वामित्व को प्रतिबंधित करने की कसम खाई है। पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी कहा, कि वह चीनियों को अमेरिकी कंपनियों और बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में मौजूदा हिस्सेदारी बेचने के लिए मजबूर करेंगे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
उन्होंने "आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है।" का नाारा दिया है।
14- फार्मास्यूटिकल्स
डोनाल्ड ट्रम्प ने जून के एक कैम्पेन वीडियो में अपने पिछले कार्यकारी आदेश को बहाल करने की कसम खाई थी, कि अमेरिकी सरकार फार्मास्यूटिकल्स के लिए अन्य विकसित देशों के समान कीमत का भुगतान करेगी ताकि "अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले इस वैश्विक मुफ्तखोरी के असर को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।"
उन्होंने कहा, कि अमेरिकी दवाईयों के निर्यात में हर देश से उसकी पूरी कीमत वसूली जाएगी और मुफ्त की सेवा पर पूर्ण रोक लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा, कि अमेरिका से दवा खरीदने वाले देश, अमेरिका में रहने वाले लोगों की तुलना में कम कीमत का भुगतान करते हैं, जिसे खत्म किया जाएगा।
ट्रम्प का मानना है, कि उनकी यह नीति फार्मास्युटिकल उद्योग को अन्य देशों के लिए कीमतें बढ़ाने और अमेरिकियों के लिए लागत कम करने का कारण बनेगी।
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