पाकिस्तान में है दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली, कब तक बनेगा म्यूजियम? पाकिस्तान सरकार ने बताया
हिंदी फिल्म इंसट्री की जान रहे दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेला पाकिस्तान में है और अब पाकिस्तान सरकार उनके घर को म्यूजियम बनाना चाहती है। जानिए कब तक दिलीप कुमार का पुश्तैनी घर बनेगा म्यूजियम?
इस्लामाबाद, जुलाई 07: करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाले दिलीप कुमार साहब इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गये हैं और उनके करोड़ों फैन्स शोक में हैं। वहीं, पाकिस्तान में भी दिलीप कुमार के निधन पर शोक जताया जा रहा है। पाकिस्तान में भी दिलीप कुमार के करोड़ों फैन्स हैं, जो आज भावुक होकर इस महान भारतीय अभिनेता के निधन पर शोक जता रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान में मौजूद उनके फैन्स ने दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर को जल्द से जल्द म्यूजियम बनाने की मांग शुरू कर दी है, वहीं पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने 2 करोड़ 30 लाख रुपये उनके घर को म्यूजियम बनाने के लिए दिए हैं।

पुश्तैनी घर बनेगा म्यूजियम
भारत के दो महान अभिनेताओं दिलीप कुमार और राजकपूर के पुश्तैनी मकान को पाकिस्तान सरकार म्यूजियम में तब्दील करना चाहती है, जिसके लिए पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने 2 करोड़ 30 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। लेकिन, दोनों महान भारतीय अभिनेताओं के घर को म्यूजियम बनाने के राह में एक रोड़ा अब भी बचा हुआ है और वो है दोनों मकानों के मकान मालिक। दोनों मकानों के मकान मालिक पाकिस्तार सरकार द्वारा तय की गई कीमत पर मकानों को बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, सरकार ने कहा है कि वो जल्द ही मकानों को अपने कब्जे में ले लेगी।
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सरकार बनाएगी म्यूजियम
पाकिस्तानी मीडिया ट्रिब्यून के मुताबिक मई में पाकिस्तान पुरातत्व के निदेशक अब्दुस समद ने पेशावर के उपायुक्त को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों मकानों के वर्तमान मालिकों को अंतिम नोटिस जारी करने के बाद सरकार की तरफ से ये कदम उठाया गया है। खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व निदेशक अब्दुस समद के मुताबिक सरकार दोनों ही हवेलियों पर जल्द ही कब्जा लेने वाली है और दोनों हवेलियों के मरम्मत का काम शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि 'सरकार की कोशिश है कि दोनों महान अभिनेताओं के पुश्तैनी हवेलियों को संरक्षित किया जाए और उन्हें म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाए। सरकार की कोशिश है दिलीप कुमार और राज कपूर जैसे महान अभिनेताओं के बारे में लोग जान पाएं और उन्होंने कला जगत के लिए जो बहुमूल्य योगदान दिया है, उसे लोग जान सकें।'

2 करोड़ 30 लाख रुपये जारी
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा की सरकार ने राजकपूर की 6.25 मरला में निर्मित हवेली के लिए डेढ़ करोड़ और दिलीप कुमार की हवेली के लिए 80 लाख रुपये की कीमत तय की है। आपको बता दें कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में जमीन नापने का ये पुराना तरीका है और एक मरला करीब 272 वर्गफुट के बराबर होता है। पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने भले ही 2 करोड़ 30 लाख रुपये जारी कर दिए हैं और दोनों मकानों के मालिकों को अंतिम नोटिस दे दिया है लेकिन दोनों मकान मालिक हवेलियों की कीमत को लेकर संतुष्ठ नहीं हैं और सरकार के साथ उनका मतभेद बना हुआ है।

राजी नहीं मकान मालिक
पेशावर में दिलीप कुमार का पैतृक आवास 101 वर्गमीटर में फैला हुआ है। जिसकी कीमत सरकार मे 80 लाख 56 हजार रुपये लगाई है। वहीं राजकपूर के मकान की कीमत सरकार की तरफ से 1 करोड़ 50 लाख रुपये तय की गई है। पाकिस्तान सरकार इन दोनों मकान को खरीदकर संग्रहालय बनाना चाहती है। हालांकि, दोनों मकानों के वर्तमान मालिकों ने मकानों के लिए कम कीमत बताकर सरकार द्वारा तय कीमत पर मकानों को बेचने से साफ मना कर दिया है।

मकान मालिकों ने क्या कहा?
दोनों मकान मालिकों का कहना है कि सरकार की तरफ से मकानों की कीमत काफी कम लगाई गई है। दोनों ही इमारतें इस समय बेहद खराब हालत में हैं और किसी भी समय गिर सकती हैं। ये बिल्डिंग्स उत्तरी पाकिस्तान के शहर पेशावर की दिल की धड़कनें हैं। इन हवेलियों के मालिकों की तरफ से कई बार इमारतों को गिराने की कोशिशें की गईं ताकि वो यहां पर कमर्शियल प्लाजा बना सकें लेकिन पाक के पुरातत्व विभाग की तरफ से उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। अब जबकि, दिलीप कुमार के निधन के बाद एक बार फिर से उनकी हवेली को म्यूजियम बनाने की मांग ने जोर पकड़ ली है, ऐसे में देखना होगा कि आखिर कब तक पाकिस्तान में दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली को म्यूजियम बनाया जाता है।












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