भारत से विवाद के बीच चीन में बना नया कानून, सेना की आलोचना करने वाले जाएंगे जेल
नई दिल्ली, 12 जून: चीन अपने अजीबो-गरीब कानून के लिए जाना जाता है। लद्दाख में चल रहे सीमा विवाद के बीच वहां की सरकार एक नया नियम लेकर आई है, जिसके तहत सशस्त्र बलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा किसी व्यक्ति, संस्था या मीडिया के द्वारा सेना की आलोचना पर भी प्रतिबंध रहेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सजा का प्रावधान होगा और कोई भी व्यक्ति इस संबंध में जनहित याचिका दायर कर सकता है।

एनपीसी में हुआ पास
सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक नए कानून में कहा गया है कि कोई भी संगठन या व्यक्ति किसी भी तरह से सैनिकों की निंदा या अपमान नहीं कर सकता है। इसके अलावा सशस्त्र बलों के सदस्यों की प्रतिष्ठा का ऐसे ही ख्याल रखा जाएगा। इस विधेयक को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थायी समिति ने गुरुवार को पारित भी कर दिया। ऐसे में अब वहां पर सैनिकों के साथ ही शहीदों का अपमान गैरकानूनी गतिविधि के तहत आएगा।

'सैनिकों का हौसला होगा बुलंद'
नए विधेयक पर पीएलए के पूर्व प्रशिक्षक एवं हांगकांग निवासी सोंग झोंगपिंग ने कहा कि इस कानून में सैनिकों के परिवारों को भी शामिल किया गया है। इससे चीनी सेना में सेवा भी भावना और ज्यादा मजबूत होगी। साथ ही नया कानून सैनिकों के अधिकारों और सम्मानों के लिए अधिक व्यापक संरक्षण उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा कोई भी शख्स सैनिकों के सम्मान में बनाई गई पट्टिकाओं से छेड़छाड़ करता है तो वो भी सजा का हकदार होगा।

ब्लॉगर को जेल
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि चीन के एक प्रसिद्ध ब्लॉगर किउ ज़िमिंग ने गलवान झड़प में मारे गए चीनी जवानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद 2018 में बने एक कानून के तहत उन्हें 8 महीने की सजा सुनाई गई। साथ ही उनको 10 दिनों के अंदर सभी स्थानीय पोर्टल, राष्ट्रीय मीडिया हाउस के जरिए माफी मांगने का आदेश दिया गया था। ज़िमिंग के ब्लॉग पर 25 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।












Click it and Unblock the Notifications