भारत समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को पनाह देगा कोस्टा रिका, अमेरिका से आज पहुंचेगा पहला प्लेन
Illegal Immigrants: मध्य अमेरिकी देश कोस्टा रिका ने भारत समेत कई देशों से अवैध प्रवासियों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है, जिन्हें अमेरिका से निर्वासित किया गया है। इन व्यक्तियों को तब तक "प्रवासी केंद्रों" में रखा जाएगा, जब तक कि उन्हें उनके गृह देशों में वापस नहीं भेजा जा सकता।
इससे पहले, पनामा और ग्वाटेमाला ने अमेरिका के साथ इसी तरह की व्यवस्था की थी। इस बारे में कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस रॉबल्स के कार्यालय की तरफ से बताया कि अमेरिका के वित्त पोषित कार्यक्रम के तहत यह निर्वासन बुधवार (19 फरवरी) से शुरू होगा। निर्वासित प्रवासियों को पनामा की सीमा के पास एक अस्थायी केंद्र में हिरासत में रखा जाएगा।

द ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, 200 प्रवासियों का एक समूह बुधवार को कोस्टा रिका के जुआन सांतामारिया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने वाला है। कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस रॉबल्स के कार्यालय के एक बयान से इसकी पुष्टि हुई। बयान में कहा गया है, 'कोस्टा रिका सरकार ने 200 अवैध अप्रवासियों को उनके देश वापस भेजने में अमेरिका के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई है।'
ये लोग मध्य एशिया और भारत के देशों से हैं। हालांकि, कोस्टा सरकार की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में यह नहीं बताया गया कि उनमें से कितने भारत से हैं। बता दें कि अमेरिका पहले अवैध प्रवासियों को सीधे भारत भेज रहा था। लेकिन, अब अवैध प्रवासियों को सीधे भारत ना भेजकर कोस्टा रिका भेजा जाएगा।
खबर के मुताबिक, निर्वासित लोग तब तक सुविधाओं में रहेंगे जब तक कि उनके गृह देश उनके पिछले इतिहास की पुष्टि नहीं कर देते। कुछ मामलों में, सत्यापन में महीनों लग जाएंगे, जिसका मतलब है कि निर्वासित लोगों को कोस्टा रिका, पनामा और ग्वाटेमाला में ही रोक कर रखा जाएगा। इस अवधि के दौरान अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) उनकी देखभाल की देखरेख करेगा।
तो वहीं, अमेरिका बड़ी संख्या में निर्वासित प्रवासियों को रोकने के लिए डिटेंशन सेंटर बनाएगा। राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि कोस्टा रिका 200 अवैध प्रवासियों को उनके देश में वापस भेजने में अमेरिका की मदद करेगा। अवैध प्रवासियों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई के बीच कुल 332 भारतीयों के तीन जत्थों को पहले ही भारत वापस भेजा जा चुका है।
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