अमेरिका के 23 लाख कैदियों पर Coronavirus का खतरा, एक जेल की 80 फीसदी आबादी हुई इंफेक्टेड
नई दिल्ली- अमेरिकी जेलों में कैदियों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। एक आंकड़े के मुताबिक वहां इस वक्त 23 लाख कैदी अलग-अलग जेलों में बंद हैं और जानकारी के मुताबिक इस समय उन सबपर कोरोना वायरस के इंफेक्शन का खतरा मंडरा रहा है। जेलों के खचाखच भरे होने की वजह से जेल प्रशासन को समझ नहीं आ रहा है कि बढ़ते संक्रमण को काबू में कैसे करेंगे। इस बीच अमेरिका में एक नई स्टडी सामने आई है, जिसमें इस बात की आशंका जताई गई है कि सरकार को डेढ़ से दो साल तक इस बीमारी से निपटने की तैयारी कर लेनी चाहिए, क्योंकि इसके इतनी जल्दी खत्म होने के आसार नहीं हैं। (पहली तस्वीर प्रतीकात्मक)

जेल प्रशासन के पास ज्यादा विकल्प नहीं
अमेरिकी जेल इस वक्त नोवल कोरोना वायरस का सबसे बड़ा खतरा झेल रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस संकट की आशंका के मद्देनजर तमाम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जबसे उन्हें सूचना मिली है कि ओहियो स्थित मैरियॉन जेल की 80 फीसदी से ज्यादा कैदी और 175 जेल स्टाफ कोविड-19 पॉजिटिव हो गए हैं, उनके हाथ-पांव फूल चुके हैं। जेलों में इस बीमारी से मौतों की तादाद तेजी से बढ़ती जा रही है और जेल अधिकारियों के पास ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं हैं। वह न तो जेलों में कैदियों की भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग पालन करवा पा रहे हैं और ऊपर से मेडिकल स्टाफ और पर्सनल प्रोटेक्शन गियर की किल्लत अलग झेलनी पड़ रही है।

दुनिया की सबसे बड़ी जेल आबादी को संभालना मुश्किल
बता दें कि अमेरिकी जेलों में 23 लाख कैदी बंद हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। खासकर जबसे टेक्सास फेडरल जेल में ड्रग्स रखने के आरोपों में गिरफ्तार 30 साल की एक महिला की मौत हुई है, जेल प्रशासन को कुछ सूझ नहीं रहा है। उस गर्भवती महिला की सेहत बिगड़ी तो उसे वेंटिलेटर पर चढ़ाया गया और ऑपरेशन से उसने बच्चे को जन्म दिया और वेंटिलेटर पर ही उसकी मौत हो गई। एक आंकड़े के मुताबिक पूरे अमेरिका में अबतक 13,436 कैदी और 5,312 जेल स्टाफ कोविड-19 से संक्रमित पाए जा चुके हैं। जबकि, दावा किया जा रहा है कि ज्यादातर राज्यों में जेलों में बहुत ही कम टेस्टिंग हो रही है और 50 में से 5 राज्य तो किसी तरह की जानकारी ही नहीं दे रहे। अमेरिकी जेलों में तेजी से संक्रमण की एक ही वजह बताई जा रही है कि सारे कैदियों से खचाखच भरे हुए हैं और उन्हें अलग-अलग किया जाना मुश्किल है।

5 से 15 फीसदी आबादी के संक्रमित होने की आशंका
अमेरिका का टेंशन इसलिए बढ़ता जा रहा है कि वहां न तो इंफेक्शन रुक रहा है और न ही कोरोना वायरस से होने वाली मौतें ही रुक रही हैं। इस बीच एक स्टडी ये आई है कि वहां डेढ़ से दो साल तक कोरोना वायरस का कहर बरकरार रहने वाला है। इसमें अमेरिकी प्रशासन को आगाह किया गया है कि इस साल के अंत में इसका वहां एक दूसरा दौर आ सकता है, जो बहुत ही भयावह हो सकता है। अमेरिका के सेंटर फॉर इंफेक्सियस डीजीज रिसर्च एंड पॉलिसी ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि कोविड-19 18 से 24 महीने तक रहेगा और इस दौरान अमेरिकी आबादी के 5 से 15 फीसदी लोग इससे संक्रमित होंगे। इसके मुताहित अगर साल के अंत तक वैक्सीन तैयार नहीं हुए या लोगों की इम्युनिटी नहीं बढ़ी तो सरकारी एजेंसियों को उससे लड़ने की सारी रणनीति पहले से ही तैयार रखनी चाहिए।

18 से 24 महीने प्रकोप जारी रहने की आशंका
इस स्टडी में कहा गया है कि, 'कोई नहीं जानता कि वायरस कैसे बर्ताव करेगा। लेकिन, वैज्ञानिकों ने अबतक जो पाया है और पहले के इंफ्लुएंजा महामारियों को देखा है, रिपोर्ट में उसी के मुताबिक कुछ-कुछ संभावनाएं बताई गई है।' पहली संभावना ये है कि इस साल वसंत में शुरू हुए इस वायरस का गर्मियों तक कई छोटे-छोटे झटके आएंगे और एक से दो साल में धीरे-धीरे इसका असर कम हो जाएगा। दूसरी संभावना ये है कि इस साल के अंत में ज्यादा बड़ा दौर शुरू होगा और 2021 में भी कई छोटे वेब आएंगे। तीसरी संभावना ये है कि इस बीमारी के संक्रमण का दौर फिलहाल यूं ही जारी रहेगा और कोई साफ पैटर्न नहीं दिखाई देगा। हालांकि, पहले इस तरह की महामारियों में यह पैटर्न नहीं देखा गया था। यानि कुल मिलाकर इस बीमारी का दौर डेढ़ से दो साल से पहले खत्म नहीं होने वाला है।












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