Coronavirus: नए स्ट्रेन से ब्रिटेन में और बढ़ेंगे मरीज, अधिक होंगी मौतें, Study में आया सामने

लंदन। Coronavirus New Strain: ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अब तक के वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है। एक अध्ययन में सामने आया है कि नए स्ट्रेन के चलते आने वाले 2021 में अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती होंगे और मौतों की वजह बनेगा।

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    लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन के सेंटर फॉर मैथमेटिकल मॉडलिंग और इंफेक्शन डिसीज के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट B117 पर शोध किया है। इसके शोध अध्ययन में ये सामने आया है कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन 56% अधिक संक्रामक है। हालांकि शोध में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि यह पिछले वैरिएंट के मुकाबले अधिक या कम खतरनाक है।

    नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता
    इसके पहले ब्रिटिश सरकार ने बताया था कि वायरस का नया स्ट्रेन वर्तमान में फैल रहे वायरस से 70 प्रतिशत अधिक तेजी से संक्रामण फैलाता है। इसके साथ ही कहा गया था कि वायरस ने दो दर्जन म्यूटेशन करके वायरस की प्रोटीन संरचना को प्रभावित किया है।

    कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के अध्ययन ने विश्लेषकों की चिंता बढ़ा दी थी कि क्या नए स्ट्रेन के ऊपर अभी तैयार की गई वैक्सीन कम असरदार या फिर निष्प्रभावी हो सकती है। अगर नया स्ट्रेन के ऊपर वैक्सीन बेअसर होती है तो बड़े पैमाने पर किया जा रहा वैक्सीनेशन पूरी तरह बेकार हो जाएगा। यद्यपि यूरोप के स्वास्थ्य नियामकों ने कहा था कि नया वैरिएंट पुराने की तुलना में बहुत अधिक अलग नहीं है और इस पर भी वैक्सीन का असर होगा।

    ब्रिटेन में कोरोना वायरस के खिलाफ तेजी से वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वायरस के नए स्ट्रेन मिलने के बाद सरकार और सतर्क है और वैक्सीन लगाने को लेकर तेजी देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 6 लाख से अधिक लोगों ने कोविड-19 का टीका लगाया जा चुका है।

    दूसरे देशों में भी पहुंचा वायरस
    ब्रिटेन में पाया गया कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अब दूसरे देशों में पहुंच चुका है। आस्ट्रेलिया और डेनमार्क में इसके मिलने की पुष्टि हो चुकी है। बुधवार को ही सिंगापुर में भी नए स्ट्रेन का एक केस मिला है। जिस लड़की में ये वायरस मिला है वह ब्रिटेन में पढ़ाई कर रही थी और इसी महीने 6 दिसम्बर को सिंगापुर पहुंची थी।

    शोध में बताया गया है कि लॉकडाउन जैसे उपायों से वायरस को नियंत्रित किया जाना संभव नहीं है। अगर एक भी व्यक्ति में संक्रमण है तो स्कूल और कॉलेज बंद नहीं कर दिए जाते, इसके संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

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