Coronavirus: जयपुर के डॉक्टरों के इलाज पर ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञों ने भी लगाई मुहर
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से लोगों के भीतर भय का माहौल है। तमाम देश इस वायरस से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है। साथ ही दुनियाभर के वैज्ञानिक इस बीमारी के इलाज की तलाश कर रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले जयपुर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का सफल इलाज करने का दावा किया गया था। यहां सवाई मान सिंह अस्पताल में एक मरीज को भर्ती कराया गया था, जोकि कोरोना वायरस से संक्रमित था। जानकारी के अनुसार महिला मरीज का इलाज एचआईवी, स्वाइन फ्लू और मलेरिया की दावाओं से ठीक किया गया। जिसके बाद महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई। भारत के इन डॉक्टरों के दावे पर अब ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टरों ने मुहर लगाई है।

ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों ने किया दावा
ऑस्ट्रेलिया के एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि एचआईवी और मलेरिया के इलाज के लिए जिस दवा का इस्तेमाल किया जाता है, अगर इन दोनों दवाओं को एक साथ मिलाकर मरीज को दिया जाए तो कोरोना वायरस का इलाज किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम का दावा है कि कोरोना वायरस का इलाज एचआईवी और मलेरिया के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा का इस्तेमाल करके किया जा सकता है। मलेरिया के इलाज के लिए दी जाने वाली क्लोरोक्वीन और एचआईवी के इलाज के लिए दी जाने वाली लॉपिनवीर/रिटोनावीर को एक साथ मिलाकर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को दिए जाने से उसका इलाज संभव है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस दवा को दिए जाने के बाद मरीज से कोरोना वायरस खत्म हो गया।

डॉक्टरो ने माना कोरोना का है इलाज
क्वींसलैंड के शोधकर्ता प्रोफेसर डेविड पैटर्सन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह अधिक से अधिक लोगों पर इस महीने के अंत तक इसका ट्रायल करेंगे, जिससे की इसकी पुख्ता पुष्टि हो सके। उन्होंने कहा कि यह कहना कतई गलत नहीं होगा इस दवा से कोरोना वायरस का इलाज किया जा सकता है। जब ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को एचआईवी में दी जाने वाली दवा दी गई तो उसका संक्रमण गायब हो गया। यह काफी कारगर इलाज है। थेरेपी के अंत में मरीज के भीतर कोरोना वायरस का कोई संक्रमण नहीं बचता है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस का खतरा
बता दें कि कोरोना वायरस दुनिया के 130 से अधिक देशों में फैल चुका है, इस वायरस की वजह से अबतक 6500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि एक लाख 70 हजार से अधिक लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, अगर किसी की इससे मौत हो जाती है तो पीड़ित के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।












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