भारत से सटे तिब्बत में चीनी सैनिकों ने किया 'रिकॉर्ड-ब्रेकिंग' ड्रिल, पहाड़ों पर बनाया युद्ध जैसा माहौल
बीजिंग, 24 जून। भारत की सीमा (एलएसी) के करीब चीन लगातार अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा रहा है। पिछले कुछ महीने से बॉर्डर पर शांति के बीच चीन पहाड़ी इलाकों में सैन्य शक्ति का परिक्षण कर रहा है। गुरुवार को चीनी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में चीन के सशस्त्र बलों ने पहाड़ों के बीच 'रिकॉर्ड-ब्रेकिंग' ऊंचाई पर एक ड्रिल को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। तिब्बत सैन्य क्षेत्र द्वारा आयोजित ड्रिल में पहाड़ों पर युद्ध कैसे लड़ा जाए, इस सिलसिले में सैनिकों की विभिन्न इकाइयों ने ट्रेनिंग ली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस ड्रिल को टीएआर में युद्ध की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था, इसमें क्षेत्र में तैनात चीन के सैनिकों की विभिन्न इकाइयों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया। चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने इस साल 100 से अधिक युद्ध संबंधि एक्सरसाइज किए हैं। इन प्रशिक्षणों में गोला-बारूद के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। बता दें कि तिब्बत सैन्य क्षेत्र चीन की सबसे बड़ी कमान पीएलए के वेस्टर्न थिएटर कमांड (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा है, जो भारत के साथ लंबी और विवादित सीमा की देखरेख करता है।
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हालांकि चीन सरकार ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि भारत, नेपाल और भूटान की सीमा से लगे टीएआर में कहां बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल किए गए। लेकिन मंत्रालय की ओर से यह बताया गया कि युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए ड्रिल को 3,700 मीटर से अधिक ऊंचाई पर आयोजित किया गया था। गौर करने वाली बात ये है कि चीन ने पहाड़ों के बीच यह ड्रिल पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य टकराव के बाद किया है। एक सवाल का जवाब देते हुए, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल रेन गुओकियांग ने कहा कि सैन्य अभ्यास 'पीक ऑफ द स्नोई रीजन 2021' पीएलए के लिए एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग मॉक ड्रिल था।












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