अपने दुश्मन देश वियतनाम पर डोरे डाल रहा है चीन
हनोई। एशिया में दो धुर विरोधी मुल्क चीन और वियतनाम के बीच समझौता हुआ है। चीन और वियतनाम 68 साल बाद एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। 1979 में इन दोनों देशों के बीच हुए युद्ध और साउथ चाइना सी पर चल रहे विवाद के बीच चीन ने वियतनाम के साथ द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने की कोशिश में लगा है। चीनी राजदूत हॉन्ग झियायोंग ने वियतनाम के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन के 68वीं सालगिरह पर कहा कि बीजिंग वियतनाम के साथ आपसी राजनीतिक विश्वास को बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए राजनीतिक आधार को मजबूत करने के लिए हमेशा तत्पर है।

चीन ने कहा...
वियतनाम में चीनी राजदूत हांग ने दोनों देशों के विकास और रणनीतियों के साथ-साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढाने की बात कही। इस समारोह में चीन की राष्ट्रीय पीपुल्स कांग्रेस स्थायी समिति के उपाध्यक्ष चेन झू, वियतनामी उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री फाम बिन्ह मिन्ह और अलग-अलग क्षेत्रों ने इसमें भाग लिया।

वियतनाम की राय...
वहीं, वियतनाम के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर ने कहा कि पिछले 68 सालों से दोस्ती और सहयोग हमेशा वियतनाम और चीन के बीच संबंधों की मुख्य धारा रहा है। डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर त्रुंग ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों पक्ष ठोस प्रयासों के साथ, वियतनाम और चीन व्यापक सामरिक साझेदारी के साथ विकास के लिए काम करता रहेगा।

भारत पर भड़का था चीन
हाल ही में वियतनाम ने विवादित साउथ चाइना सी में तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में निवेश के लिए भारत को आमंत्रित करने पर चीन भड़क गया था। चीन ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के बहाने अपने अधिकारों में दखल के विरोध में है। बता दें कि भारत की ओएनजीसी द्वारा दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के दावे के कुओं में तेल की तलाश करने का पहले से ही चीन इसका विरोध करता आया है।












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