ग्लोबल हेल्थ समिट में विकासशील देशों के लिए चीन ने फेंका जाल, 300 करोड़ डॉलर की सहायता देने की घोषणा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्लोबल हेल्थ समिट के दौरान 300 करोड़ डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। आपको बता दें कि ग्लोबल हेल्थ समिट की अध्यक्षता इस साल इटली ने की है, जो इस साल के जी-20 देशों की अध्यक्षता कर रहा है।
बीजिंग, मई 22: विकासशील देशों को कर्ज और अहसान के बोझ में दबाने के लिए चीन ने एक बार फिर से बड़ा जाल फेंका है। चीन ने इस बार कोविड-19 से जूझ रही दुनिया को बड़ा 'दान' देने का ऐलान किया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया के विकासशील देशों के लिए 3 बिलियन डॉलर यानि 300 करोड़ डॉलर की सहायदा राशि देने की पेशकश की है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अगले तीन सालों में चीन विकासशील देशों के ऊपर ये 300 करोड़ डॉलर खर्च करेगा। चीन का कहना है कि विकासशील देश अपने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को ठीक कर सके, इसीलिए वो मदद करेगा। लेकिन जानकारों का कहना है कि चीन कोविड-19 महामारी से उबरने के लिए मदद देने के नाम पर छोटे देशों से बहुत बड़ा छलावा करने जा रहा है।

शी जिनपिंग ने की घोषणा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्लोबल हेल्थ समिट के दौरान 300 करोड़ डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। आपको बता दें कि ग्लोबल हेल्थ समिट की अध्यक्षता इस साल इटली ने की थी, जो इस साल के जी-20 देशों की अध्यक्षता भी कर रहा है, जिसमें चीनी राष्ट्रपति वीडियो लिंक के जरिए जुड़े थे। समिट के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन पहले ही 300 मिलियन कोरोना वायरस वैक्सीन की खुराक अलग अलग देशों को दे चुका है और वैक्सीन को लेकर आगे भी चीन मदद दे रहा है। चीन सबसे गरीब देशों के लिए जी-20 कर्ज सेवा निलंबन पहल को पूरी तरह से लागू कर रहा है। और अब तक 1.3 बिलियन डॉलर कर्ज वापस लेने पर रोक लगा चुका है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि 'चीन अभी तक कोविड-19 से दुनिया की जंग में 2 बिलियन डॉलर यानि 200 करोड़ डॉलर की मदद दे चुका है, जिसमें मेडिकल सामान भी शामिल हैं।'
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150 देशों की मदद
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दावा किया है कि कोविड-19 महामारी से लड़ाई के दौरान चीन दुनिया के 150 से ज्यादा देशों को 200 करोड़ डॉलर से ज्यादा की मदद दे चुका है। जिसमें 150 देशों को मेडिकल उपरकरण की सप्लाई, 13 इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेश को मदद शामिल है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन अभ तक 280 बिलियन मास्क और 3.4 बिलियन प्रोटेक्टिव पीपीई किट की सप्लाई भी कर चुका है। चीन के राष्ट्रपति से समिट के दौरान कहा कि 'चीन ने वैक्सीन बनाने वाली चीनी कंपनियों से कहा है कि वो वैक्सीन बनाने की पद्धति और फॉर्मूला विकसित देशों के साथ शेयर करें ताकि वैक्सीन का निर्माण तेजी से हो सके।'

अमेरिका पर निशाना
चीन के राष्ट्रपति ने वैक्सीन बनाने के फॉर्मूले को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना भी साधा है। उन्होंने कहा है कि चीन इस बात का समर्थन करता है कि वैक्सीन बनाने का टेक्नोलॉजी और फॉर्मूला दुनिया के विकासशील देशों के साथ बांटना चाहिए, ताकि ज्यादा संख्या में वैक्सीन निर्माण हो सके। शी जिनपिंग ने इस दौरान अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका सिर्फ 'खाली बातें' करता है, जबकि चीन वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला दूसरे देशों के साथ साझा कर रहा है। आपको बता दें कि इस समिट के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन मौजूद नहीं थे। उनके जगह पर अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस मीटिंग के दौरान अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। आपको बता दें कि चीन ने भले ही दावा किया है कि उसने करोड़ो डोज वैक्सीन के दुनिया के अलग अलग देशों को बांटे हैं, लेकिन उसका दावा गलता है। चीन ने पैसे लेकर वैक्सीन की बिक्री की है, ना कि उसने भारत की तरह विश्व के अलग अलग देशों तक मुफ्त में वैक्सीन पहुंचाई है।












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