21 टन वजनी बेलगाम रॉकेट से नहीं पड़ा फर्क, 10 और रॉकेट अंतरिक्ष में छोड़ेगा चीन, NASA ने लगाई फटकार

अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बना रहा चीन अभी 10 और ऐसे रॉकेट छोड़ने वाला है। अंतरिक्ष नियमों के हिसाब से 10 टन से ज्यादा वजन के रॉकेट छोड़ना मना है लेकिन चीन के इस रॉकेट का वजन 21 टन था।

वॉशिंगटन, मई 10: चीन का बेकाबू रॉकेट को हिंद महासागर में गिर गया लेकिन इसने चीन की सबसे बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। यह बेकाबू रॉकेट हिंद महासागर में मालदीव के पास गिरा है और कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस विशालकाय रॉकेट का मलबा भारत तक देखा गया है। इस रॉकेट का वजन 21 हजार किलो था और वैज्ञानिक कह रहे हैं कि अगर ये 21 हजार किलो का रॉकेट किसी शहर पर गिरता तो उस शहर में क्या तबाही मच सकती थी, इसका अंजादा लगाना भी मुश्किल है। वहीं, नासा ने चीन को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है और नासा ने कहा है कि चीन ने मानकों का उल्लंघन किया है।

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    21 हजार किलो के बेलगाम रॉकेट से चीन ने झाड़ा पल्ला, कल धरती पर कहीं भी गिरने की आशंका
    नासा ने लगाई फटकार

    नासा ने लगाई फटकार

    पहले चीन ने दावा किया था कि हिंद महासागर में बेकाबू रॉकेट का मलबा गिर गया है, जिसकी बाद में नासा ने भी पुष्टि कर दी है। नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन का बेकाबू हुआ 21टन वजनी यह रॉकेट हिंद महासागर में गिर गया है। पहले इस रॉकेट के दुनिया में कहीं भी गिरने की आशंका जताई जा रही थी, खाकसर न्यूयॉर्क, मैड्रिड और न्यूजीलैंड के एक हिस्से पर इसके गिरने का सबसे बड़ा खतरा था। वहीं, अमेरिका ने कहा था कि अगर अमेरिका को नुकसान पहुंचता है तो वो चीन ने हर्जाना मांगेगा। नासा ने इस लापरवाही के लिए चीन को जमकर फटकार लगाई है। नासा के बिल निल्सन ने कहा कि 'चीन और दूसरे देशों को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।' हालांकि, नासा की फटकार अलग जगह है और इसका फर्क चीन पर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि अपने स्पेस स्टेशन के लिए चीन इस तरह के 10 और रॉकेट अंतरिक्ष में लॉन्च करने वाला है।

    10 और रॉकेट छोड़ेगा चीन

    अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बना रहा चीन अभी 10 और ऐसे रॉकेट छोड़ने वाला है। अंतरिक्ष नियमों के हिसाब से 10 टन से ज्यादा वजन के रॉकेट छोड़ना मना है लेकिन चीन के इस रॉकेट का वजन 21 टन था। नासा के अधिकारी नेल्सन ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि 'अंतरिक्ष कार्यक्रम चलाने वाले देशों को ध्यान देना चाहिए कि उनके द्वारा छोड़ा गया रॉकेट वापस धरती पर आकर तबाही मचा सकता है और जान माल की नुकसान कर सकता है, लिहाजा ऐसे अभियानों को लेकर पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता बरतनी चाहिए'। उन्होंने कहा कि 'चीन ने इस रॉकेट को लेक तय मानकों को पूरा नहीं किया है'। नासा ने चीन के लिए चेतावनी जरूर जारी की है लेकिन अभी चीन ऐसे 10 और रॉकेट अंतरिक्ष छोड़ने वाला है।

    चीन का स्पेस मिशन

    आपको बता दें कि चीन ने अमेरिका को टक्कर देने के लिए 29 अप्रैल को स्पेस स्टेशन के पहले कोर कैप्सूल मॉड्यूल को लॉंच किया था। चीन अंतरिक्ष में अपना अलग स्पेस स्टेशन बना रहा है जो 2022 के खत्म होने तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए चीन ने 11 प्लान्ड मिशन तैयार किए हैं। इस वक्त स्पेस में सिर्फ नासा द्वारा तैयार किया गया ही एक मात्र स्पेश स्टेशन है। वहीं चीन ने अपने स्पेश स्टेशन का नाम टियोंगॉन्ग नाम रखा है और इसका डिजाइन T आकार का किया जा रहा है। चीन इस अंतरिक्ष स्टेशन को पृथ्वी की निचली कक्षा से करीब 340 किलोमीटर से 350 किलोमीटर के बीच स्थापित कर रहा है और उसी मिशन में लगा हुआ एक रॉकेट बेकाबू होकर धरती पर गिरा है।

    100 फीट लंबा, 21 टन था वजन

    100 फीट लंबा, 21 टन था वजन

    रिपोर्ट के मुताबिक पृथ्वी के वायुमंडल में आने के बाद इस रॉकेट का बड़ा हिस्सा जल गया था। मगर, फिर अगर ये हिस्सा किसी शहर पर गिरता तो भारी तबाही मचाने के लिए काफी था। चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस रॉकेट को लेकर तीन अलग अलग कक्षाओं की संभावना जताई गई थी, जिनमें एक पृथ्वी पर तो तीन समुन्द्र में था। ये रॉकेट 100 फीट लंबा और 16 फीट चौड़ा था और इसका वजन 21 टन के करीब था। पहले आशंका जताई जा रही थी कि ये रॉकेट अमेरिका के न्यूयॉर्क, न्यूजीलैंड, चिली या मैड्रिड के आसपास कहीं गिर सकता है। वहीं, इस रॉकेट के भारत या फिर ऑस्ट्रेलिया में भी गिरने की आशंका जताई गई थी। लेकिन, अब चीनी मीडिया ने दावा किया है कि ये रॉकेट भारत के नजदीक हिंद महासागर में गिरा है।

    कैसे अनियंत्रित हुआ चीनी रॉकेट?

    कैसे अनियंत्रित हुआ चीनी रॉकेट?

    बेकाबू हुआ चीन का रॉकेट चीन के इस रॉकेट का नाम लॉंग मार्च 5बी रॉकेट था और इसका वजन 21 टन यानि 21 हजार किलो है। इसे 29 अप्रैल को ही लॉन्च किया गया था लेकिन अंतरिक्ष में जाने के बाद ये ऑउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। जिसके चलते अब इस रॉकेट पर नियंत्रण बनाना काफी मुश्किल हो रहा था। आशंका इस बात को लेकर सबसे ज्यादा थी कि अगर ये रॉकेट आबादी वाले हिस्से में गिरेगा है तो फिर क्या होगा? वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी कि अगर 21 हजार किलो का ये रॉकेट किसी शहर के ऊपर गिरता है तो ये भारी तबाही मचा सकता है और सैकड़ों लोगों की जान ले सकता है। सबसे दिक्कत की बात ये थी कि ये रॉकेट दुनिया के किस हिस्से में गिरेगा, इसकी सटीक जानकारी नहीं लग पा रही थी और हुआ भी यही। रॉकेट को लेकर कुछ घंटे पहले तक वैज्ञानिकों को कुछ भी जानकारी नहीं लग सकी।

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