चीन पर लगे यात्रा प्रतिबंधों से बौखलाया ड्रैगन, अमेरिका और जापान को जमकर कोसा, क्या फैलने दे कोरोना?

अमेरिका के साथ साथ जापान और भारत ने भी चीनी यात्रियों को लेकर कई गाइडलाइंस बनाए हैं, जिसका मकसद कोविड की नई लहर से बचना है।

china covid 19 restrictions

China Covid: पिछले कुछ महीनों से चीन में कोरोना वायरस तांडव मचा रहा है और कोरोना वायरस ने चीन को घुटनों पर ला दिया है, लिहाजा कई देशों ने चीनी कोरोना वायरस से बचने के लिए चीन के ऊपर कई तरह के यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे चीन बौखला गया है। चीन ने पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की नई खेप पहुंचाने के लिए अपनी सीमा को पूरी तरह से खोल दिया है और नया साल मनाने के बहाने चीनी यात्री पूरी दुनिया की यात्रा पर निकल चुके हैं। लिहाजा, कई देशों ने चीनी यात्रियों को लेकर सख्त कोविड प्रोटोकॉल बनाए हैं और इन्हीं प्रोटोकॉल्स से चीन बौखला गया है।

चीन ने क्या कहा?

चीन ने क्या कहा?

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, कि चीनी यात्रियों को लेकर बनाए गये प्रोटोकॉल भेदभावपूर्ण हैं। चीनी अखबार ने लिखा है कि, "दुनिया भर के ज्यादातर देशों ने यात्रियों के लिए बॉर्डर खोलने के चीनी फैसले का स्वागत किया है और देश की COVID-19 के खिलाफ लड़ाई के एक नए चरण में प्रवेश करने के बाद चीनियों को विदेश यात्रा के लिए प्रोत्साहित किया है। हालांकि, कुछ देश और क्षेत्र, जैसे कि अमेरिका और जापान, चीन के फिर से खुलने को बीजिंग को बदनाम करने के एक और मौके के रूप में देख रहे हैं"। चीनी अखबार ने कहा है, कि अमेरिका और जापान के ये कदम "निराधार" और "भेदभावपूर्ण" हैं, जो कोरोना के बहाने चीन से आगमन पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गये हैं, लेकिन असली इरादा चीन के तीन साल के COVID-19 नियंत्रण प्रयासों को तोड़ना और देश की व्यवस्था पर हमला करना है"।

अमेरिका-जापान ने उठाए कदम

अमेरिका-जापान ने उठाए कदम

आपको बता दें कि, चीन में कोरोना वायरस की नई लहर ने पूरी दुनिया को डरा दिया है, लिहाजा यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने बुधवार को कहा कि, 5 जनवरी से चीन, हांगकांग और मकाओ से अमेरिका जाने वाले यात्रियों को कोविड-19 सर्टिफिकेट दिखाना और उनका कोविड टेस्ट करना अनिवार्य होगा। अमेरिका ने कहा है, कि किसी और देश होते हुए भी जो चीनी नागरिक अमेरिका आते हैं, उनका भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा और कोविड निगेटिव पाए जाने के बाद ही उन्हें अमेरिका में आने की इजाजत दी जाएगी। जापान ने भी चीनी यात्रियों को लेकर यही कदम उठाए हैं और इन्हीं फैसलों से ड्रैगन भड़क गया है। भारत में विदेशी यात्रा के लिए कोरोना नियमों को सख्त करने की घोषणा की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "1 जनवरी 2023 से चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें यात्रा से पहले अपनी रिपोर्ट एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।"

कोरोना पर लगातार झूठ बोलता चीन

कोरोना पर लगातार झूठ बोलता चीन

आपको बता दें कि, चीन पर लगातार कोरोना वायरस की नई लहर को लेकर झूठ बोलने के आरोप लगे हैं और चीन ने कोरोना की डेली रिपोर्ट जारी करना भी बंद कर दिया है। वहीं, अमेरिका ने अपने फैसले के पीछे महामारी को लेकर WHO की चेतावनी का हवाला भी दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि भारत, जापान और मलेशिया पहले ही चीन से आने वाले यात्रियों पर कई प्रतिबंध लगा चुके हैं। इससे पहले सोमवार को WHO ने कहा था कि वह चीन द्वारा 'जीरो कोविड नीति' में अचानक पूरी तरह ढील दिए जाने के बाद देशभर में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को लेकर बहुत चिंतित है। वहीं, चीन ने मंगलवार को चौंकाने वाला फैसला लेते हुए 8 जनवरी, 2023 से दूसरे देशों से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन होने की जरूरत खत्म कर दी है, जो हैरान करने वाला है और इसका मकसद किसी को समझ नहीं आ रहा है।

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