पाक को चीनी मदद- उठा सकते मसला मोदी चीन में
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शिजिनपिंग के साथ बातचीत होनी है। मोदी की चीन यात्रा पर सारे देश की निगाहें है। पर चीन का पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर मदद करना हमारे लिए चिंता की वजह है।
बेशक, दुनिया के दो सबसे बड़ी आबादी के पड़ोसियों के बीच जो कुछ भी समझौते होंगे वे पूरे विश्व पर प्रभाव डालेंगे। मोदी और राष्ट्रपति शिजिनपिंग व्यापार, सीमा विवाद, रक्षा संबंधों, मेक इन इंडिया के तहत निवेश आदि पर बातचीत करेंगे। पर एक बड़ा मसला भी है।
तो आएगी दिक्कत
वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार कहते हैं कि देश का ध्यान तो इस पर रहेगा कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के नेताओं के सामने संबंध के तनाव की सीमा तक ले जाए बगैर यह कैसे कह पाते हैं कि भारत के साथ 100 अरब डॉलर व्यापार के लक्ष्य को पाना तो ठीक है, पर आप यदि पाकिस्तान को खुलेआम हथियार विकास खासकर नाभिकीय विकास में मदद देते रहेंगे, उसे इस तरह सैनिक सहायता देते रहेंगे जिसे पूरी दुनिया ने लगभग परित्याग कर दिया है तो फिर व्यापार में दिक्कत होगी।
भारत की वाजिब चिंता
बता दें कि शिजिनपिंग ने पाकिस्तान को हर क्षेत्र में अनपेक्षित सहायता का ऐलान किया है। यह चिंताजनक है। शिजिनपिंग सबसे पहले मोदी को अपने गृह नगर शियान उनको ले गए हैं। शंघाई में भारतीयों के बीच भाषण भी देंगे। लेकिन मूल बात चीन के साथ कूटनीति का है। चीन हमारे पड़ोस में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।
मंगोलिया जाएंगे
इस बीच, मोदी मंगोलिया जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। यह काम मोदी कर रहे हैं। पर कुछ बातें साफ-साफ कहनी होगी। देखते हैं मोदी किस तरह आर्थिक संबंधों, विवादास्पद मुद्दों एवं शक्तिसंतुलन की आधुनिक रणनीति में संतुलन बिठा पाते हैं।













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