चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का निधन, कश्मीर पर दिया था भारत का साथ!
1996 में चीन के राष्ट्रपति रहे जियांग जेमिन ने पाकिस्तानी संसद में दिए अपने संबोधन में कहा था कि अगर कुछ मुद्दो का हल नहीं किया जा सकता है तो उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना चाहिए।
चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का निधन हो गया है। वे 96 साल के थे। चीनी राज्य मीडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन का बुधवार को निधन हो गया है। आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने कहा कि शंघाई में दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर ल्यूकेमिया और कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण जियांग की मौत हो गई। जियांग जेमिन ने चीन में वर्ष 1989 में तियानमेन स्क्वायर में हुए भीषण जनसंहार के बाद देश का नेतृत्व किया था।

1993 में सत्ता हासिल करेन के बाद जियांग जेमिन ने अपने दो कार्यकाल पूरे किए और करीब एक दशक तक चीन की सत्ता में शीर्ष पद पर काबिज रहे। उन्होंने वर्ष 2002 में पार्टी के नेता हू जिंताओ के हाथ में राष्ट्रपति पद की बागडोर सौंपी थी। जियांग का निधन ऐसे समय हुआ है, जब कोविड प्रतिबंधों के कारण चीन के अलग-अलग शहरों में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जियांग जेमिन के एक दशक तक के शासनकाल में चीन में कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ।
जियांग जेमिन के ही नेतृत्व में चीन ने विश्वशक्ति बनने की दिशा में पहला कदम रखा। जेमिन के शासनकाल में ही चीन की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और ड्रैगन महज कुछ दशक में ही दुनिया से सबसे मजबूत देश को टक्कर देने लगा। जियांग जेमिन के शासनकाल में ही 1997 में हांगकांग का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हुआ और 2001 में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चीन की एंट्री हुई।
पाकिस्तान से कश्मीर भूल जाने को कहा
1996 में चीन के राष्ट्रपति रहे जियांग जेमिन ने पाकिस्तानी संसद में दिए अपने संबोधन में कहा था, "अगर कुछ मुद्दो का हल नहीं किया जा सकता है तो उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना चाहिए। इससे दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों के रास्ते पर आगे बढ़ा जा सकता है।" हालांकि पाकिस्तान ने पूर्व चीनी राष्ट्रपति की बात कभी नहीं मानी।












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