China-Russia Conflict: चीन ने रूसी हथियारों की कॉपी बनाकर यूक्रेन और रूस दोनों को बेचे, लगाया चूना
China-Russia Conflict: रूस को चीन ने लगाया चूना अगर आप सोशल मीडिया पर रील्स देखना पसंद करते है तो एक मीम आपने जरूर देखा होगा। जिसमें एक छोटा अफ्रीकी बच्चा किसी को चूना लगाने के बाद कहता है 'दिस इज बिजनेस'। यही बात चीन (China) पर लागू होती है बस फर्क इतना है कि ना चीन छोटा बच्चा है और ना ही वह सिर्फ बिजनेस के मुनाफे के लिए ये कर रहा है। दरअसल चीन, रूस (Russia) को लंबे वक्त से अच्छा दोस्त बता रहा है, दोनों बढ़िया व्यापारिक और सैन्य साझेदारी भी चल रही थी, लेकिन चीन तो चीन है। अपनी हरकत बदल सकता है पर फितरत कैसे बदलेगा। लिहाजा चीन ने रूस की मदद करने के नाम पर एक बार फिर अपने अंतर्राष्ट्रीय साझेदार को चूना लगा दिया।
पहले सामान चुराया, फिर कॉपी की और वापस बेच दिया
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद रूस को दुनिया के ज्यादातर देशों ने अलग-थलग कर दिया था। जिसके बाद चीन ने उसका सबसे बड़ा साझेदार बनकर एक सच्चे दोस्त होने के दावा पेश किया। सब बढ़िया चल रहा था लेकिन एक रिपोर्ट में चीन की पोल खुल गई है। चीन ने जंग में भी रूस से अपना फायदा निकाल लिया है। रूस के इज़वेस्टिया अखबार को अधिकारियों ने बताया कि चीनी नागरिक रूसी सैन्य साजो-सामान की तस्करी करते हुए पकड़े गए हैं। इसे आप आम भाषा में चोरी भी कह सकते हैं। सिर्फ इतना होता तो भी समझ आता, लेकिन चीन ने उस सैन्य सामान की कॉपी बनाई और वापस बेची भी रूस को।

चीन ने रूस से बढ़ाई व्यापारिक साझेदारी
रूस के कस्टम अधिकारियों ने बताया कि इन सामानों में बुलेटप्रूफ जैकेट और वर्दियां शामिल थीं, जिन्हें घटिया सामग्री से तैयार किया गया था। पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसने फरवरी 2022 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण के बाद से रूस की प्रतिबंधों से प्रभावित अर्थव्यवस्था को बचाए रखा है, जिसमें तेल और गैस सौदों में उछाल के कारण चीन-रूस का द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।
रूस से कॉपी किए हथियार उसी को बेचे
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने यह भी आरोप लगाया कि चीन रूस के युद्धकालीन उद्योगों का समर्थन करने वाले दोहरे नागरिक-सैन्य उपयोग के सामान की आपूर्ति कर रहा है। भले ही चीन अपने पड़ोसियों से हर लिहाज में आगे है, लेकिन उसकी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी खुद को आधुनिक बनाने के लिए लंबे समय से रूसी सैन्य प्रणालियों- मिसाइलों और जेट से लेकर वायु रक्षा प्लेटफार्मों का अध्ययन कर रही है। जब जंग के दौरान रूस में इस तरह के उपकरणों की कमी पड़ी तो चीन ने रूस के ही कॉपी किए हुए उपकरण उसी को चिपका दिए।
चीन ने जंग में अवसर तलाश लिया
इज़वेस्टिया के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद दोहरे उपयोग वाले सामानों की सीमा पार शिपमेंट में उछाल आया , जिसके वजह से मास्को ने सैना के लिए बनाए गए विशेष हथियारों और दूसरे उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। चीनी नागरिक रूस से सैन्य उपकरण चीन भेज रहे थे और बाद में उसी को कॉपी कर वापस रूस में ला रहे थे।
चीनी छात्रों के जरिए हो रही तस्करी
बीते दिसंबर में एक चीनी छात्र को हिरासत में लिया गया था, जब उसके विश्वविद्यालय के छात्रावास में बॉडी आर्मर, बख्तरबंद प्लेट, बुलेट केसिंग और अन्य उपकरण पाए गए थे। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसने ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से ये उपकरण खरीदे थे।
रूस के साथ यूक्रेन को भी बेच रहा सस्ता सामान
इज़वेस्टिया के की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी रक्षा ठेकेदार कंपनी RUSARM के प्रमुख रुस्लान शापिएव ने अवैध निर्यात में बढ़ोतरी के लिए नकली वस्तुओं की बढ़ती मांग और देशों के बीच हथियारों की कीमत में असमानताओं को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि यूक्रेनी सैनिकों के पास सस्ते चीनी नकली उपकरण और वर्दी भी पाई गई है , जिससे पता चलता है कि ये सामान संघर्ष के दोनों पक्षों को मिल रहे थे।
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