चीन के वैज्ञानिक बोले- भारत से आया है कोरोना वायरस, विशेषज्ञ ने बताया कोरी बकवास
बीजिंग। पिछले सात माह से पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर आक्रामक रुख अपनाए हुए चीन ने अब भारत के खिलाफ एक नया दांव खेल दिया है। चीनी वैज्ञानिकों ने कहा है कि उनके पास इस बात के सुबूत हैं जिससे साबित होता है कि कोरोना वायरस चीन से नहीं निकला है बल्कि भारत से पूरी दुनिया में फैला है। साफ है कि कहीं न कहीं चीन जो पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय गुस्से को झेल रहा है, अब दुनिया को किसी और देश के खिलाफ भड़काने की कोशिशों में लग गया है।

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गर्मी को बताया कोरोना की वजह
चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च पेपर रिलीज किया है। इसमें दावा किया गया है कि पहले कोरोना वायरस केस भारत में नजर आए थे और फिर ये वुहान पहुंचे थे। पेपर में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि वायरस इंसानों से जंगली जानवरों में आया है। उनका कहना है कि साल 2019 में भारत और पाकिस्तान में भयंकर गर्मी पड़ी थी और इसकी वजह से इंसान और जानवरों के पानी लेने का स्त्रोत एक ही था। लेकिन चीनी वैज्ञानिकों ने इस दावे को सिरे से नकार दिया है और उन्होंने इस रिसर्च को एकतरफा बताकर, इसे गलतियों का पुलिंदा करार दिया है। इस संगठन ने फिलोजेनेटिक एनालिसिस का प्रयोग कर वायरस कहां से निकला था इसका पता लगाने की कोशिश की है। रिसर्चर्स ने विभिन्न म्यूटेशंस की मदद से वायरस के ओरिजिन का पता लगाने का प्रयास किया है और उनका कहना है कि जिस स्ट्रेन की म्यूटेशंस सबसे कम है, वही असली है। इस बात को ध्यान में रखकर वैज्ञानिकों ने तर्क दिया है कि पहले केसेज वुहान में नहीं हो सकते हैं। उन्होंने भारत और बांग्लादेश का नाम लिया और कहा कि वायरस के लो म्यूटेशंस वाले स्ट्रेन इन्ही देशों में नजर आए हैं।
बंदरों की लड़ाई के बाद दुनिया भर में फैला
वैज्ञानिकों ने अपने अजीबो-गरीब दावे को सही साबित करने के लिए जो तर्क दिया वह उससे भी ज्यादा बेतुका है। पेपर में वैज्ञानिकों ने लिखा है, 'मई से जून 2019 के बीच गर्मी की दूसरी सबसे लंबी लहर रिकॉर्ड की गई थी और यह भारत के उत्तर-मध्य भारत और पाकिस्तान में देखी गई थी। इसकी वजह से क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट देखा गया। पानी की कमी के चलते जंगली जानवर जैसे कि बंदरों के बीच पानी को लेकर जानलेवा लड़ाई तक हुई। ऐसा हो सकता है कि इस दौरान इंसान-जंगली जानवरों के बीच आपसी संपर्क बढ़ा हो।' वैज्ञानिकों ने आगे लिखा है, 'हमें आशंका है कि Sars-CoV-2 का संबंध असाधारण हीट वेव से है।' यह पहली बार नहीं है जब चीन से इस तरह की बातें की जा रही हों। इससे पहले अमेरिका और इटली पर भी चीन ने ऐसे ही आरोप लगाए हैं। ग्लासगो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डेविड रॉबर्टसन ने डेली मेल से कहा है कि इस रिसर्च के लेखक बहुत ज्यादा एकतरफा सोच वाले हैं। उन्होंने उन आंकड़ों को भी नहीं माना है जिसमें स्पष्ट तौर पर इस बात का पता लगता है कि वायरस चीन से ही निकला और फिर पूरी दुनिया में फैला है।












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