UN: चीन का काला चेहरा फिर आया सामने, आतंकी रऊफ को ब्लैक लिस्ट करने के भारत के प्रस्ताव का किया विरोध
China On Abdul Rauf Azhar: पिछले साल अगस्त में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी वीटो-धारक सदस्य चीन ने रऊफ अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।

China Abdul Rauf Azhar: आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर से चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर को काली सूची में डालने के भारत के प्रस्ताव का चीन ने विरोध किया है।
जैश सरगना मसूद अजहर का भाई, अब्दुल रऊफ (Abdul Rauf), जिसका जन्म 1974 में पाकिस्तान में हुआ था, भारत में कई आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है, जिसमें 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC814 का अपहरण, 2001 में संसद पर हमला और आतंकवादियों को निशाना बनाना शामिल है। 2016 में पठानकोट में IAF बेस पर हमले भी शामिल था।
चीन, रऊफ को आतंकी मानने को नहीं तैयार
बता दें कि आतंकी रउफ अजहर पर अमेरिका ने दिसंबर 2010 में प्रतिबंध लगाया था। पिछले साल अगस्त में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक स्थायी, वीटो-धारक सदस्य चीन ने रऊफ अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध और उसके अधीन करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।
पिछले साल भी पाकिस्तान का दिया था साथ
बता दें कि पिछले साल भी चीन ने पाकिस्तान का साथ देते हुए खूंखार आतंकियों को ब्लैकलिस्ट करने के प्रस्ताव पर रोक लगा थी। इन आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा के नेता शाहिद महमूद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर शामिल थे।












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