चीन ने ताइवान स्ट्रेट में रातभर की भीषण बमबारी, ताइवान को लेकर पुतिन के रास्ते पर शी जिनपिंग?
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तो करेंगी, उनके कार्यालय ने रविवार को पुष्टि की है।
बीजिंग, जुलाई 31: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मानो ठान लिया है, कि अब वो ताइवान को लेकर अमेरिका से दो- दो हाथ करते ही दम लेंगे और इसीलिए चीन की तरफ से पूरी रात ताइवान स्ट्रेट में जमकर बमबारी की गई। हालांकि, अमेरिका थोड़ा डरा हुआ लग रहा है और ऐसा लग रहा है, कि वो चीन को धमकाना नहीं चाहता है और शायद इसीलिए अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की अध्यक्ष नैंन्सी पेलोसी की एशिया यात्रा के ऐलान में ताइवान का जिक्र गायब ता। पिछले दस दिनों से अमेरिकी मीडिया में लगातार चीन को धमकी दी जा रही थी और कहा जा रहा था, कि नैंसी पेलोसी चीन के एतराज के बाद भी ताइवान की यात्रा करेंगी।

नैन्सी पॉलिसी की एशिया यात्रा
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तो करेंगी, लेकिन उनके कार्यालय ने रविवार को पुष्टि की है, कि वो सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा करने वाली हैं। लेकिन, बयान में इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, कि क्या छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ताइवान का भी दौरा करेंगी या नहीं। नैन्सी पेलोसी की संभावित ताइवान यात्रा को लेकर पिछले एक हफ्ते से चीन और अमेरिका के बीच काफी तनातनी चल रही थी और चीन ने नैन्सी पेलोसी के विमान को उड़ाने तक की धमकी दे दी थी। नैन्सी पेलोसी के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि, "यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और लोकतांत्रिक शासन पर केंद्रित होगी।"
ताइवान स्ट्रेट में जमकर बमबारी
चीन ने शनिवार की रात ताइवान जलडमरूमध्य में भीषण बमबारी के साथ सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। इससे पहले बीजिंग ने वाशिंगटन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है, कि अगर अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अपने आगामी एशिया दौरे के दौरान ताइवान का दौरा किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। हालांकि, अभी तक अमेरिका के ताइवान के साथ किसी भी तरह के औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है, लेकिन, चीन ने कहा है कि, अगर नैन्सी पेलोसी ताइवान की यात्रा करती है, तो अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आपको बता दें कि, अगर नैन्सी पेलोसी ताइवान की यात्रा करती हैं, तो वह 1997 के बाद से स्व-शासित लोकतांत्रिक द्वीप का दौरा करने वाली सर्वोच्च रैंकिंग वाली अमेरिकी निर्वाचित अधिकारी होगी। अमेरिका ने अपनी ओर से यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या पेलोसी वास्तव में ताइपे की यात्रा करेंगी या नहीं, लेकिन यह मुद्दा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ अपनी वर्चुअल बैठक के दौरान उठा चुके हैं और उन्होंने चेतावनी के साथ बैठक को खत्म किया था और साफ कहा था, अगर अमेरिका ने ऐसा किया, तो वो आग से खेलने के बराबर होगा।
पिंगटन द्वीपों के बास बरसाए बम
चीन की आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने कहा है कि, कम्युनिस्ट पार्टी की सैन्य शाखा, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने फ़ुज़ियान प्रांत से दूर पिंगटन द्वीपों के पास लाइव-फायर अभ्यास करना शुरू कर दिया है। हालांकि, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, कि क्या सैन्य अभ्यास में सिर्फ तोपखाने या मिसाइल, लड़ाकू विमान और अन्य हथियार भी शामिल होंगे? रिपोर्टों में कहा गया है कि समुद्री सुरक्षा प्रशासन ने जहाजों को क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है। वहीं, इस तनातनी के बीच DW.com की एक रिपोर्ट में लंदन विश्वविद्यालय में SOAS चाइना इंस्टीट्यूट के निदेशक स्टीव त्सांग के हवाले से कहा गया है कि, इस तरह की बयानबाजी अमेरिका और चीन दोनों के लिए एक चेतावनी है, जैसे, "इस तरह की बयानबाजी को बढ़ाकर , वे खुद को ऐसी स्थिति में डाल रहे हैं, कि जब पेलोसी ताइवान का दौरा करेंगी, तो चीनी सेना को कुछ कार्रवाई करनी पड़ सकती है, और फिर इसके लिए अमेरिकियों को जवाब देना होगा'। उन्होंने कहा कि, ये तकरार एक ऐसे रास्ते की तरफ बढ़ रहा है, जहां कोई नहीं जाना चाहता है और जो किसी के हित में नहीं है'।

ताइवान को लेकर भड़केगा महायुद्ध?
स्टीव त्सांग ने कहा कि, पेलोसी को इस यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए थी, क्योंकि यह वास्तव में ताइवान या यूएस-ताइवान संबंधों को इतना ज्यादा नहीं जोड़ता है। त्सांग के अनुसार, "लेकिन अब जब उन्होंने कहा है कि, वो ताइवान जाने वाली हैं या फिर वो संकेत दे रही हैं, कि वो ताइवान जा सकती हैं, को फिर अब चीन ने सीधी धमकी देकर संयुक्त राज्य को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया है और संयुक्त राज्य सरकार के लिए चीनी दबाव में पीछे हटना बहुत मुश्किल हो जाता है। क्योंकि ऐसा करने से ताइवान को लेकर अमेरिका के सामने नैतिक खतरा पैदा होगा। इसलिए, अब पेलोसी को ताइवान जाना ही पड़ेगा।"

पेलोसी के विमान को उड़ा देगा चीन?
वहीं, पोलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर नैन्सी पेलोसी वास्तव में ताइपे में उतरने की कोशिश करती हैं, तो ऐसी संभावना है कि, उनके विमान को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी वायु सेना के जेट विमानों द्वारा मार गिराया जा सकता है। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राज्य मीडिया कमेंटेटर और ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू ज़िजिन ने एक संपादकीय में कहा कि, अगर अमेरिकी लड़ाकू जेट पेलोसी को ताइवान में ले जाते हैं, तो यह एक आक्रमण है और चीनी सेना के पास पेलोसी के विमान और अमेरिकी लड़ाकू विमान को 'हटाने' का अधिकार है। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि, 'हटाने के लिए जेट शॉट्स भी प्रभावी हो सकते हैं और उसे नीचे गिराया जा सकता है'। हालांकि बाद में ट्विटर के नियमों के उल्लंघन के कारण ट्वीट को हटा दिया गया।












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