कोरोना वायरस के आगे क्या बौना साबित हो गया चीन: दुनिया जहान

नए साल में चीन एक नई और बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. इस चुनौती का नाम है कोरोना वायरस. कोरोना वायरस चीन की सीमाओं से निकलकर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपना असर दिखा रहा है.

चीन में मास्क पहना बच्चा
Getty Images
चीन में मास्क पहना बच्चा

चीन के वुहान शहर में पैदा हुए कोरोना वायरस की थाईलैंड, वियतनाम, ताइवान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नेपाल, जापान, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस में मौजूदगी का पता चला है.

ब्रिटेन और कनाडा समेत कई अन्य देशों में संदिग्ध मामले सामने आए हैं.

इन मामलों की जांच करके पता किया जा रहा है कि कहीं इनके पीछो कोरोना वायरस तो नहीं है.

चीन के आसमान से उड़कर दुनिया के बाकी देशों में जाने वाले हवाई जहाज़ों से उतरने वाले यात्रियों की वैज्ञानिक तरीकों से जांच की जा रही है.

कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के बाक़ी देशों से हवाई यात्री इन दिनों चीन जाने से परहेज कर रहे हैं.

कोरोना वायरस पर भारत में सतर्कता

कोरोना वायरसः क्या इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है?

कोरोना का क़हर

कोरोना वायरस जापान भी पहुंच चुका है
Getty Images
कोरोना वायरस जापान भी पहुंच चुका है

ये वायरस बहुत तेज़ी से अपने पैर पसारता है. इसके संक्रमण की वजह से न्यूमोनिया होने का भ्रम होता है.

यही वजह है कि शुरुआत में चीन के स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस के संक्रमण को मामूली न्यूमोनिया समझते रहे.

लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि ये कोई मामूली संक्रमण नहीं है और इससे निपटने के लिए ऐड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना होगा.

कोरोना वायरस का विकराल रूप सामने आने से पहले ही संकट के संकेत मिलने लगे थे.

नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के सोफ़ी हंट और जेसन नील साल 2019 के आख़िरी महीनों में वुहान में थे.

सोफ़ी ने बताया वुहान में उन्होंने क्या देखा था, ''हम ख़रीदारी करने के लिए वॉलमार्ट गए थे. वहां अफ़रा-तफ़री मची थी. जिसे देखिए वही खाने-पीने की चीज़ें ख़रीदकर जमा कर लेना चाहता था. फिर हम मास्क ख़रीदने के लिए मेडिकल स्टोर पर भी गए. लेकिन लोग पहले ही इतने मास्क ख़रीद चुके थे कि मेडिकल स्टोर पर मास्क बचे ही नहीं थे. वुहान की ये हालत देखकर बहुत दुख हुआ, लेकिन तब पता नहीं था कि आने वाले दिनों में हालात इतने ख़राब हो जाएंगे.''

घरों में दुबके लोग

चीन में खाली मेट्रो
Getty Images
चीन में खाली मेट्रो

चीन का हुबेई प्रांत कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पूरे देश में संक्रमण के एक हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं.

इनमें से अधिकतर संक्रमण हुबेई प्रांत में हुए हैं. एक ही जगह संक्रमण के इतने अधिक मामलों ने चीन में प्रशासन की नींद उड़ा दी है.

वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए चीन में अधिकारियों ने कई कदम उठाए हैं.

हुबेई प्रांत में यात्रा प्रतिबंध लगाकर लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने से रोका जा रहा है.

राजधानी वुहान के एक होस्टल में रहने वाले छात्र ने बीबीसी को बताया कि लोग मन मसोसकर चार दीवारी में दुबक रहे हैं.

अपना नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया, ''हर कोई घर के भीतर दुबका है, कोई बाहर नहीं निकलना चाहता. अब तो बात यहां तक आ गई है कि बहुत मजबूरी होने पर घर से बाहर निकलने के लिए मंज़ूरी लेना पड़ती है, बताना पड़ता है कि आपको बाहर क्यों जाना है. हम कहते हैं कि हमें खाने-पीने का सामान लेने बाहर जाना है, तो जबाव मिलता है कि हम घर ही ये सब ला देते हैं, आपको बाहर निकलने की कोई ज़रूरत नहीं है. अधिकारियों की इस सख़्ती का नतीजा ये है कि सड़कें खाली पड़ी है. बीमार पड़ने पर भी अस्पताल जाने के बजाए अपने कमरे में ही रहने के लिए कहा जा रहा है.''

कोरोना वायरसः इंफ़ेक्शन से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें

कोरोना वायरस के बीच वुहान में कैसे हैं भारतीय छात्र

फीका पड़ा नए साल का जश्न

फीका पड़ा नए साल का जश्न
Getty Images
फीका पड़ा नए साल का जश्न

पाबंदियों की वजह से चीन के दस शहरों में रहने वाले कम से कम दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं.

बढ़ते संक्रमण की वजह से चीन में सरकार ने कई सार्वजनिक जगहों को बंद कर दिया है.

इनमें विश्व विख्यात चीन की दीवार का एक बड़ा हिस्सा भी शामिल है.

चाइनीज़ कैलेंडर की महत्वपूर्ण तारीख़ों में से एक लूनर न्यू इयर का जश्न कोरोना वायरस की वजह से फीका पड़ गया है.

लूनर न्यू इयर की छुट्टियों के दौरान लाखों लोग यात्रा करते हैं. लेकिन इस बार प्रतिबंधों की वजह से रंग में भंग पड़ गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है.

कोरोना क्यों है ख़तरनाक

वायरस की जांच
Getty Images
वायरस की जांच

संगठन की आपात स्वास्थ्य सेवाओं से संबद्ध डॉक्टर अबदी मोहम्मद ने बीबीसी को बताया कि वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस के बारे में अभी बहुत कुछ जानना बाकी है.

उन्होंने कहा, ''अभी तक हमारे पास बस इतनी जानकारी है कि मरीज़ों में लक्षण नज़र आ रहे हैं. लेकिन चिंता की बात इसलिए है क्योंकि ये एक नई बीमारी है. हमें नहीं पता कि ये किस तरह असर दिखाएगी. कोरोना से संक्रमित लगभग चार प्रतिशत मरीज़ों ने दम तोड़ा है. ये वो लोग थे जिनकी प्रतिरोधी क्षमता कमज़ोर थी. अभी ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि कोरोना किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है.''

बीबीसी के हेल्थ एडिटर जेम्स गैलाघर के मुताबिक कोरोना वायरस, अपने आप ख़त्म होने वाला वायरस नहीं है. संक्रमित शहरों में आवाजाही पर पाबंदी लगाकर इसके प्रसार को रोका जा सकता है.

उनका मानना है, 'यदि आपका चीन से किसी तरह का संपर्क है या आप हाल के दिनों में वुहान से लौटे हैं और आपको बुखार आ रहा है या कफ़ बन रहा है, सांस लेने में किसी तरह की दिक्कत हो रही है तो आपको फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए. लेकिन आपको सिर्फ इस वजह से परेशान होने की ज़रूरत नहीं है कि आपने सी-फूड खाया है. ये वायरस सार्स की तरह ख़तरनाक तो नहीं है, लेकिन यदि इसके लक्षण पकड़ में ना आएं तो इसे क़ाबू में करना मुश्किल होगा. कोरोना का संक्रमण किसे है किसे नहीं, ये जानना इतना भी आसान नहीं है. पता तभी चलता है जब लक्षण उभरते हैं या मरीज़ की हालत बहुत ख़राब हो जाती है.''

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को चीन के लिए इमरजेंसी बताते हुए कहा है कि अभी इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं कहा जा सकता.

लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये भी कहा है कि कोरोना वायरस चीन के साथ-साथ बाकी दुनिया के लिए भी बहुत गंभीर ख़तरा बन सकता है.

वायरस के आगे बौने हुए

वायरस से बचने के लिए मास्क का प्रयोग
Getty Images
वायरस से बचने के लिए मास्क का प्रयोग

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि अत्याधुनिक होती जा रही दुनिया में चीन जैसे भारी-भरकम अर्थव्यवस्था वाले देश भी किसी वायरस से निपटने के लिए कितने तैयार हैं.

पहले ये दावा किया गया कि कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता.

लेकिन जल्द ही ये दावा ग़लत साबित हुआ और इस ग़लती ने ये साबित कर दिया कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बावजूद किसी नए वायरस की पहचान और उसकी ताक़त को समझना बहुत मुश्किल है.

चीनी सिपाही
Getty Images
चीनी सिपाही

कभी चमगादड़ तो कभी सांप को और कभी भोजन की थाली में परोसे गए समुद्री जीव यानी सीफूड को कोरोना वायरस की वजह बताया गया, लेकिन पक्के तौर पर ये पता नहीं चल पाया है कि कोरोना वायरस इनमें से किसकी वजह से पैदा हुआ.

बीते कुछ वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सार्स, बर्डफ्लू, स्वाइन-फ्लू, इबोला और ज़ीका वायरस की वजह से मानव जाति को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

वैज्ञानिकों ने टीके विकसित करके इनका ख़तरा तो कम कर दिया है. लेकिन कोरोना वायरस की अभी तक कोई दवा या टीका नहीं है.

कोरोना वायरस
Getty Images
कोरोना वायरस

कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में चिंता की असल वजह यही है और उम्मीद की जा रही है कि शोधकर्ता जल्द ही इसका समाधान खोज निकालेंगे.

तब तक भारत जैसे देशों के पास एहतियात के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+