चीनी सैनिकों को भारतीय जवानों के मुकाबले मिल रहा ज्यादा ऑक्सीजन, स्ट्रैटजिक लड़ाई में क्यों पिछड़ रहा भारत?
India Vs China: LAC पर भारत और चीन के बीच फिलहाल शांति की स्थापना जरूर हो गई हो, लेकिन ड्रैगन लगातार युद्ध की तैयारियां कर रहा है और ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे युद्ध के दौरान उसे जबरदस्त फायदा होगा। ताजा रिपोर्ट के मुताबित, चीन ने अपने सैनिकों को ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन मिले, इसकी व्यवस्था कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन को ऊंचाई वाले युद्ध में भारत पर रणनीतिक बढ़त दिलाने के लिए, पाकिस्तान, भारत, अफगानिस्तान और चीन के कुछ हिस्सों में फैले काराकोरम पठार पर तैनात, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) झिंजियांग मिलिट्री कमांड के सैनिकों के लिए 20 किलोमीटर क्षेत्र में ऑक्सीजन आपूर्ति क्षेत्र बना रहा है। यानि, इसके बनने के बाद चीनी सैनिकों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति हो पाएगी।

ऑक्सीजन आपूर्ति क्षेत्र का निर्माण क्यों कर रहा चीन?
रिपोर्ट में कहा गया है, कि झिंजियांग मिलिट्री कमांड, पीएलए के व्यापक पश्चिमी थिएटर कमांड का हिस्सा है जो भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ सीमाओं पर संभावित संघर्षों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।
5 हजार 380 मीटर की ऊंचाई पर तैनात झिंजियांग मिलिट्री कमांड के होटन मिलिट्री सब-कमांड के सैनिक, मैदानी इलाकों में उपलब्ध 40 प्रतिशत से भी कम ऑक्सीजन सामग्री के साथ काम चलाते थे। ग्लोबल टाइम्स में कहा गया है, कि पीएलए ऑक्सीजन उत्पादन केबिन, दबाव वाले ऑक्सीजन कक्ष और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर या व्यक्तिगत ऑक्सीजन जनरेटर के साथ सैनिकों को ज्यादा ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहा है।
ग्लोबल टाइम्स में एक सैनिक के हवाले से कहा गया है, कि 2010 में, पांचवीं पीढ़ी के बैरकों को ऑक्सीजन सिस्टम से सुसज्जित किया गया था, जिससे यह सुनिश्चित किया गया, कि सैनिक प्रतिदिन कम से कम एक घंटे ऑक्सीजन में सांस ले सकें, जिससे उन्हें रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में मदद मिली।
इसके बाद से चीन ने लगातार इस सिस्टम में सुधार किए हैं, जिसमें हीटिंग, ह्यूमिडिफायर और ऑक्सीजन जनरेटर से सुसज्जित ऑक्सीजन-समृद्ध इनडोर प्रशिक्षण सुविधा शामिल है। इस पहल के बाद ट्रेडमिल और स्पिन बाइक के साथ इनडोर जिम बनाए गए। वहीं, पीएलए डेली के मुताबिक, 2020 में, क्षेत्र में ऑक्सीजन उत्पादन केबिन स्थापित किए गए थे। इसके अगले साल, यानि 2021 में एक ऑक्सीजन थेरेपी कक्ष का निर्माण किया गया, जिससे सैनिकों को सामान्य वायुमंडलीय दबाव में ऑक्सीजन लेने में मदद मिली।
पीएलए डेली ने एक सैन्य डॉक्टर के हवाले से कहा है, कि "स्वयं ऑक्सीजन लेने की तुलना में, यह चैंबर ज्यादा नियंत्रणीय, टारगेटेड और वैज्ञानिक स्वास्थ्य देखभाल कार्य प्रदान करता है।"
उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की उपलब्धता में वृद्धि से यह सुनिश्चित होगा, कि ऊंचाई से होने वाली बीमारियों में बड़ी कमी आएगी जिससे युद्ध क्षमताओं में वृद्धि होगी। सीएमसी लॉजिस्टिक सपोर्ट डिपार्टमेंट के स्वास्थ्य ब्यूरो ने कहा, कि जल्द ही ऐसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन जनरेटर और व्यक्तिगत ऑक्सीजन आपूर्ति उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिससे सैनिकों की युद्ध-तैयारी बढ़ेगी।
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