चीन में कम पड़ रही है अंतिम संस्कार के लिए जगह, तीन वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ रहा है कोरोना
चीन में कोरोना वायरस ने भयावह स्थिति मचा दी है। अब स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि कब्रिस्तानों में जगह कम पड़ने लगी है। शवों को पांच-पांच दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। शव वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।

China new virus news: चीन से ही तीन साल पहले कोरोना ने दुनिया भर को तबाह करना शुरू किया था। तीन साल बाद समय का चक्र ऐसा घूमा है कि चीन खुद इस वायरस की वजह से अबतक के सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। वहां चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। कब्रिस्तानों के बाहर शव वाहनों की कतारें लगी हैं। घंटों तक इंतजार के बाद भी एंट्री नहीं मिल रही है। शवों को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज कम पड़ गए हैं। हालात बहुत ही भयावह बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, वह लगभग सच होती नजर आ रही है। चीन बहुत बड़े मानवसीय संकट में फंसता नजर आ रहा है।

चीन में तीन वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ रहा है कोरोना
चीन के वुहान से कोरोना वायरस के निकले ठीक तीन साल हो रहे हैं और यह देश इस समय महामारी की सबसे भयानक लहर को झेलने को मजबूर है। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट के हवाले से जानकारी मिल रही है कि अधिकारियों के लिए अब शवों को ट्रैक करना असंभव हो गया है। पूरे चीन में मामले बढ़ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट का तो यहां तक दावा है कि मामले दिनों में नहीं घंटों में दोगुने हो रहे हैं। चीन की सरकार ने जब से अचानक अपनी जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने का फैसला किया है, लॉकडाउन, क्वारंटीन और मास टेस्टिंग की अनिवार्यता खत्म हुई है, वहां कोरोना ने तबाही मचानी शुरू कर दी है।

चीन के कब्रिस्तानों में जगह कम पड़ गई है-रिपोर्ट
इस बीच अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन में कोविड का यह प्रकोप अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। क्योंकि, इससे भविष्य में भी वायरस के म्यूटेशन का खतरा बढ़ गया है और यह चीनी अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। चीन के उत्तरपूर्व से लेकिर दक्षिण-पश्चिम तक कब्रिस्तानों में काम करने वाले वर्करों का कहना है कि मौतों की बढ़ती संख्या के बीच उनका संघर्ष बहुत बढ़ गया है। उदाहरण के लिए 3 करोड़ की आबादी वाले चोंगक्विंग शहर को ही लीजिए। यहां प्रशासन ने पिछले हफ्ते हल्के कोविड लक्षण वाले लोगों से काम पर जाने को कहा था। उनमें से एक ने न्यूज एजेंसी से कहा कि उनके यहां कब्रिस्तान में शवों को रखने की जगह नहीं बची है।

शवों के लिए कम पड़ गए कोल्ड स्टोरेज
एक कब्रिस्तान के कर्मचारी जिसने अपना नाम नहीं बताया, उसके मुताबिक 'पहले की तुलना में हाल के दिनों में शवों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।' उसने बताया कि 'हम बहुत ही व्यस्त हैं, अब किसी कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं है।' उसका कहना था 'हमें पता नहीं है (कि क्या ऐसा कोविड की वजह से है), आपको हमारे लीडर इंचार्ज से पूछना होगा।' इसी तरह दक्षिणी शहर गोंग्झोऊ के जेंग्चेंग में एक कब्रिस्तान कर्मचारी ने बताया कि वे रोजाना 30 शवों को दफना रहे हैं। उस कर्मचारी का कहना था, 'हमारे पास दूसरे जिलों से शव आ रहे हैं। दूसरा कोई विकल्प नहीं है।'

पांच-पांच दिन इंतजार कर रहे हैं शव
जेंग्चेंग के एक दूसरे कब्रिस्तान की हालत और भी बदतर थी। वहां के कर्मचारी ने कहा, 'पिछले वर्षों के मुताबिक यह तीन से चार गुना ज्यादा व्यस्त है, हम हर दिन 40 से ज्यादा शवों को दफना रहे हैं, जबकि पहले यह सिर्फ एक दर्जन या उतने के करीब ही होता था।' उन्होंने कहा कि 'पूरे गोंग्झोऊ में यही स्थिति है...'। वैसे उनका कहना है कि यह बताना मुश्किल है कि क्या शवों में इजाफा कोविड की वजह से है। उत्तरपूर्व के शहर शेन्यांग की हालत तो और भी खराब है। वहां अंतिम संस्कार के कारोबार से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि कब्रिस्तान पूरी तरह से भरे हुए हैं, इसके चलते पांच-पांच दिनों तक शव यूं ही पड़े रहते हैं। जब सवाल हुआ कि क्या ये स्थिति कोविड की वजह से पैदा हुई है तो उसने कहा, 'आप क्या सोचते हैं ? मैंने ऐसा साल कभी भी नहीं देखा है।'
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शव वाहनों को कब्रिस्तानों में नहीं मिल पा रही एंट्री
हालांकि, चीन की राजधानी बीजिंग में सोमवार को स्थानीय अधिकारियों ने कोविड-19 के चलते सिर्फ 5 मौतों की बात मानी है, वैसे यह भी यह भी पिछले दिन के मुकाबले 2 ज्यादा है। लेकिन, इस न्यूज एजेंसी के रिपोर्टरों ने देखा कि शहर के बाहरी इलाके के डोंग्जियाओ कब्रिस्तान के बाहर एक दर्जन वाहन घुसने का इंतजार कर रहे थे, जिनमें से ज्यादातर शव वाहन थे। कतार में आगे की तरफ खड़ी वाहन के ड्राइवर ने बताया कि उसे इंतजार करते हुए पहले ही कई घंटे हो चुके हैं।

कोविड से मौतों की संख्या में गोलमाल का खेल ?
चीन में हो रही मौतें कोविड से हो रही हैं, इसकी पुष्टि को लेकर इसलिए अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि टेस्टिंग बहुत कम हो चुकी है। हालांकि, बीजिंग के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि जिन लोगों की मौत सीधे सांस संबंधी परेशानियों की वजह से होगी, उनकी ही गिनती कोरोना से हुई मौत में की जाएगी। इससे पहले सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन में कोरोना के बढ़ते मामले अंतरराष्ट्रीय चिंता की वजह है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, 'हम जानते हैं कि वायरस किसी समय फैल सकता है, इसकी बहुत ज्यादा आशंका है, क्योंकि यह म्यूटेट करने में सक्षम है और कहीं के भी लोगों के लिए खतरनाक है।'












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