कोरोना वायरस से चीन ने दूसरी बार भी जीता जंग! क्यों हार जाते हैं दूसरे देश? जानिए चीन का वुहान फॉर्मूला
चीन ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर को कंट्रोल कर लिया है। जानिए चीन का वुहान फॉर्मूला क्या है?
बीजिंग, अगस्त 08: चीन के 31 प्रांतों में जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कहर फैलना शुरू किया तो पूरी दुनिया को लगा कि डेल्टा वेरिएंट चीन में उसी तरह से तबाही मचाएगा, जैसा इस जानलेवा वेरिएंट ने भारत, इंडोनेशिया, अमेरिका, पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में मचाया था। चीन का शासन भी 31 राज्यों में कोरोना वायरस के नये मरीज मिलने से टेंशन में आ गया था, लेकिन सिर्फ 15 दिनों के अंदर चीन ने कोरोना वायरस को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है। इतना ही नहीं, चीन ने दावा किया है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में चीन में एक भी शख्स की मौत नहीं हुई है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर चीन ऐसा क्या करता है, जो दुनिया के बाकी देश नहीं कर पाते हैं?
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चीन का वुहान फॉर्मूला
चीन के वुहान शहर से ही पिछली बार कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला था और इस साल भी कोरोना वायरस के मामले वुहान शहर में मिलने शुरू हो गये। जिसके बाद चीन की सरकार ने फौरन वुहान शहर में काफी सख्ती बढ़ा दी। वुहान शहर में करीब-करीब लॉकडाउन जैसे हालात हो गये। जिससे डरे लोग बाजारों में उमड़ने लगे। लोगों को लगने लगा कि कहीं फिर से पिछली बार की तरह ही वुहान शहर में लॉकडाउन ना लगा दिया जाए। लेकिन, चीन की सरकार ने वुहान में लॉकडाउन नहीं लगाते हुए वुहान शहर के हर एक निवासी का कोरोना टेस्ट करने का फैसला किया।

पूरे वुहान का कोरोना टेस्ट
चीन क्यों कोरोना वायरस को कंट्रोल करने में कामयाब हो जाता है और बाकी देश क्यों कोरोना वायरस के दलदल में बुरी तरह से फंसे रहते हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वुहान शहर में एक करोड़ 20 लाख लोग रहते हैं और चीन की सरकार ने सिर्फ एक हफ्ते में एक करोड़ 12 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट कर दिया। वुहान प्रशासन के मुताबिक एक हफ्ते से भी कम वक्त में सभी लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट करने के बाद पूरे वुहान से 47 नये कोरोना मरीज मिले, जिनमें से 15 मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं थे। सभी कोरोना मरीजों को फौरन आइसोलेट करते हुए उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। वहीं, चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वुहान में 64 संदिग्धों को भी अस्पतालों में आइसोलेट किया गया है, ताकि कोरोना वायरस के फैलने का एक भी रास्ता नहीं छोड़ा जाए।

कोरोना वायरस को किया कंट्रोल
वुहान के स्थानीय प्रशासन ने कहा कि एक हफ्ते के दरम्यान सभी लोगों का कोरोना टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया और सभी लोगों का टेस्ट रिजल्ट भी सामने आ गया। एक हफ्ते तक वुहान में सख्ती बरती गई और लोगों की आवाजाही को काफी कम कर दिया गया। वहीं, उन इलाकों में दोबारा टेस्टिंग की जा रही है, जिन इलाकों में कोरोना वायरस के मरीज मिले थे। उन इलाकों में लॉकडाउन है और किसी भी शख्स को घर से निकलने की इजाजत नहीं है। हुबेई प्रांत, जिसका एक शहर वुहान है, उसके उप निदेशक ली यांग ने कहा कि ''हमारे पास एक करोड़ से ज्यादा सैंपल्स के परिणाम हैं और हमने सख्ती से कोरोना को फैलने से रोक दिया है''। हम अभी भी सख्ती बरत रहे हैं और हम किसी हाल में वायरस को फैलने नहीं दे सकते हैं।''

लापरवाहों पर कार्रवाई
चीन ने निनजियांग एयरपोर्ट का एक कर्मचारी इस साल कोरोना वायरस का पहला मरीज बना था। चीन की सरकारी न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूस से आए एक विमान की साफ-सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी कोरोना वायरस से पीड़ित हो गया था और उसके बारे में किसी को खबर नहीं मिल पाई थी। निनजियांग एयरपोर्ट के सफाई कर्मचारी की वजह से ही चीन के 31 प्रांतों में कोरोना वायरस फैल गया। जिसके बाद ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि ''एयरपोर्ट अथॉरिटी ही चीन में वायरस फैलने का जिम्मेदार है और जिम्मेदारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए''। रिपोर्ट के मुताबिक, निनजियांग एयरपोर्ट अथॉरिटी से काफी सख्ती से पूछताछ हो रही है और किसकी गलती है, इसका पता लगाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिम्मेदारों के खिलाफ चीन में काफी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विदेशों से तोड़े सारे संपर्क
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, चीन में कई विदेशों से विमान संपर्क तोड़ लिए हैं और चीन में एक बार फिर से टीम का गठन किया गया है, जो दूसरे देशों में कोरोना वायरस के क्या हालात हैं, उसपर नजर रखे। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में सख्त हिदायत देते हुए कहा गया है कि ''जब तक दुनिया के एक भी देश में एक भी कोरोना का मरीज बचा रहता है, तब तक चीन असुरक्षित है और तब तक 100 फीसदी सावधानी बरतनी है''। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस बार भी कोरोना वायरस के ग्राफ को करीब करीब खत्म कर दिया गया है। वहीं जरूरत है बाकी देशों को चीन से सबक लेने की, ताकि बाकी देश भी कोरोना वायरस पर इसी तरह से लगाम लगा सके।












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