एक और पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर को चीन ने बचाया, UN में भारत-अमेरिका के प्रस्ताव को रोका

साजिद मीर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का शीर्ष कमांडर है और लश्कर-ए-तैयबा के "इंडिया सेटअप" का प्रभारी है।साजिद मीर मुंबई टेरर अटैक (26 नवंबर, 2008) के मास्टरमाइंड में से एक है।

न्यूयॉर्क, सितंबर 17: पाकिस्तानी आतंकवादियों को चीन लगातार यूनाइटेड नेशंस में बचाते हुए आ रहा है और फिर से एक पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर को मोस्ट वांटेड आतंकवादी घोषित करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव को चीन ने ब्लॉक कर दिया है। आतंकवादी साजिद मीर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का खूंखार आतंकवादी है, जिसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका ने यूनाइटेड नेशंस में प्रस्ताव पेश किया था, जिसका समर्थन भारत ने किया था।

चीन ने प्रस्ताव को किया ब्लॉक

चीन ने प्रस्ताव को किया ब्लॉक

साजिद मीर भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है और साल 2008 के मुंबई हमलों में शामिल था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में साजिद मीर को ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए अमेरिका ने प्रस्ताव पेश किया था और भारत द्वारा सह-नामित किया। यह तीसरी बार है, जब चीन ने हाल के महीनों में लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा (जेयूडी) के नेता अब्दुल रहमान मक्की के साथ-साथ जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के भाई अब्दुल रऊफ अजहर के बाद भारत-अमेरिका के प्रस्ताव को रोक दिया है। प्रमुख मसूद अजहर को भी बीजिंग ने संरक्षण दिया था। अब्दुल रहमान मक्की लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी कमांडर और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का बहनोई है। संयुक्त राष्ट्र समिति ने लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा, जमात-उद-दावा को भी एक आतंकवादी मोर्चा समूह घोषित किया है। आपको बता दें कि, यूएन का संकल्प 1267 आईएसआईएल, अल-कायदा, संबद्ध व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं के कृत्यों या गतिविधियों का समर्थन या वित्तपोषण करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंधों का प्रावधान करता है।

कौन है आतंकी साजिद मीर?

कौन है आतंकी साजिद मीर?

साजिद मीर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का शीर्ष कमांडर है और लश्कर-ए-तैयबा के "इंडिया सेटअप" का प्रभारी है।साजिद मीर मुंबई टेरर अटैक (26 नवंबर, 2008) के मास्टरमाइंड में से एक है। वह अब तक के सबसे बड़े विदेशी लश्कर-ए-तैयबा आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार था, जिसके परिणामस्वरूप भारत और पश्चिमी देशों सहित कई देशों के नागरिकों की मौत हुई थी। हमले के दौरान 175 लोग मारे गए (18 पुलिस कर्मी, 122 लोग, 26 विदेशी और 9 आतंकवादी) और 291 घायल हुए (25 पुलिस कर्मी, 243 लोग, 22 विदेशी और एक आतंकवादी अजमल कसाब) थे। साजिद मीर नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए लश्कर-ए-तैयबा का प्रोजेक्ट मैनेजर था। उसने सैटेलाइट फोन के जरिए हमले में शामिल आतंकियों को ऑपरेशन के दौरान बंधकों को अंजाम देने का निर्देश दिया था।

भारत में काफी सक्रिय था साजिद मीर

भारत में काफी सक्रिय था साजिद मीर

साजिद मीर भारत में लश्कर के गुर्गों को लॉन्च करने में भी सक्रिय रूप से शामिल है। वह जकी-उर-रहमान लखवी (लश्कर-ए-तैयबा के संचालन प्रमुख) की सुरक्षा की देखभाल करता था, जो भारत विरोधी आतंकी अभियानों के लिए जिम्मेदार था। इसके साथ ही वो लश्कर-ए-तैयबा के लिए विदेशी भर्ती/प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल था और ऑपरेशनल कार्य के सिलसिले में संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, कनाडा, श्रीलंका, मालदीव और सऊदी अरब की यात्रा की थी। साल 2003 में उसके द्वारा नियंत्रित लश्कर के एक मॉड्यूल का ऑस्ट्रेलिया में भंडाफोड़ किया गया था और साजिद मीर ने कथित तौर पर 2008 में प्लास्टिक सर्जरी करवाई थी। उसके खिलाफ दो इंटरपोल नोटिस RCN A-6269/10-2010 और A-2032/2-2019 जारी किए गए हैं। भारत ने उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम [यूए (पी) ए], 1967 के तहत एक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया है, जैसा कि अक्टूबर 2020 में 2019 में संशोधित किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद सजा

गिरफ्तारी के बाद सजा

पाकिस्तान ने साजिद मीर को इसी साल गिरफ्तार किया था और मई 2022 में उसे लश्कर के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद की चैरिटी संस्था को आतंकवादी वित्तपोषण मुहैया कराने और विभिन्न आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोप में 15 साल की सजा सुनाई थी। साजिद मीर को 21 अप्रैल 2011 को इलिनोइस के उत्तरी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय में अभियोग लगाया गया था, और उस पर एक विदेशी सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया गया था। आतंकवादियों को सामग्री सहायता प्रदान करना, अमेरिका के बाहर एक नागरिक को मारना, आतंकियों की सहायता करना और उकसाना और सार्वजनिक उपयोग के स्थानों पर बमबारी का आरोप शामिल था।

अमेरिका ने रखा था भारी इनाम

अमेरिका ने रखा था भारी इनाम

22 अप्रैल 2011 को साजिद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। तब मीर को अगस्त 2012 में विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) के रूप में नामित किया गया था। नवंबर 2018 में अमेरिकी विदेश विभाग ने मीर की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि के लिए सूचना देने वाले के लिए 5 मिलियन अमरीकी डालर तक के इनाम की घोषणा की थी। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मार्च 2019 में मीर को अपनी मोस्ट वांटेड आतंकवादी सूची में शामिल किया।

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