अमेरिका के करीबी दोस्त फ्रांस ने भी छोड़ा डॉलर का मोह, चीन से पहली बार युआन में किया व्यापार
फ्रांस और चीन के बीच पहली बार युआन मुद्रा में व्यापार हुआ है। ये डील इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फ्रांस और अमेरिका गहरे दोस्त रहे हैं।

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चीन की अग्रणी तेल कंपनी चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉरपोरेशन (CNOOC Group) और फ्रांस की टोटल एनर्जी ने मंगलवार को शंघाई पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एक्सचेंज के माध्यम से चीनी युआन में तय की जाने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस की पहली खरीद पूरी कर ली है। शंघाई सिक्योरिटीज न्यूज के मुताबिक इस सौदे में 3.2 बिलियन से 3.4 बिलियन थर्मल यूनिट की ऊर्जा सामग्री होने की सूचना है। हालांकि ये डील कितने की हुई है इसका जिक्र अभी नहीं किया गया है। ये डील अमेरिका के मजबूत साथी फ्रांस के साथ डॉलर में न होकर युआन में हुई है इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों खास है ये डील?
SHPGX के अध्यक्ष गुओ जू ने कहा कि ये चीनी मुद्रा युआन में तय किया गया पहला अंतरराष्ट्रीय LNG लेनदेन है। गुओ ने कहा कि SHPGX की स्थापना 2015 में हुई थी और उनकी कंपनी अगस्त 2020 से अंतरराष्ट्रीय व्यापार कर रही है। गुओ जू के अनुसार, "SHPGX एक मंच की भूमिका निभाता रहेगा और क्रॉस बॉर्डर युआन सेटलमेंट के लिए वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।" हाल के वर्षों में, चीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मुद्रा स्थापित करने और विश्व व्यापार में डॉलर की श्रेष्ठता को कमजोर करने के लिए युआन में तेल और गैस व्यापार को व्यवस्थित करने पर जोर दिया है।
दूसरी मुद्रा का बढ़ा चलन
आपको बता दें कि अमेरिकी डॉलर दुनिया में हर जगह मान्यता प्राप्त मुद्रा है, इसलिए ज्यादातर लेन-देन डॉलर में ही किए जाते हैं। लेकिन अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से बाकी देशों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बाकी दुनिया ने डॉलर के अलावा यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई, कनाडाई डॉलर, चीनी युआन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने पर जोर दिया है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर की जगह दूसरी मुद्रा के चलन से अमेरिका की महाशक्ति वाली स्थिति को गंभीर चुनौती मिलती दिख रही है। ऐसा कहा जा राह है कि डॉलर को सबसे अधिक टक्कर युआन से ही मिल रही है।
डॉलर को टक्कर दे रहा युआन
चीन की युआन वर्तमान में दुनिया में पांचवीं सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली भुगतान मुद्रा है। विदेशी मुद्रा व्यापार में इसका उपयोग वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 7 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जो पिछले तीन वर्षों में बाकी मुद्राओं की तुलना में तेज वृद्धि है। यूक्रेन युद्ध के दौरान विशेष रूप से, पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस ने तेजी से युआन को अपनाया है। बाकी दुनिया का भी भरोसा अब डॉलर पर से थोड़ा डगमगाया है। देशों को डर है कि अमेरिका के खिलाफ जाने पर उसे भी व्यापार में भारी दिक्कतें हो सकती हैं। चीन इसका खूब फायदा उठा रहा है।
फ्रांस और अमेरिका के संबंधों में खटास
फ्रांस को स्वाभाविक रूप से अमेरिका का दोस्त माना जाता है। लेकिन सितंबर 2021 में 66 बिलियन अमेरिका डॉलर के सबमरीन डील के रद्द होने के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे हैं। 2016 में फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बीच सबमरीन से जुड़ा करार हुआ था। लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु शक्ति से संपन्न मिसाइलों के निर्माण के लिए ऑकस समझौते पर दस्तखत कर दिया और फ्रांस के साथ हुई पुरानी डील कैंसिल कर दी। इससे फ्रांस इतना नाराज हुआ कि उसने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को बुला लिया। फ्रांस और अमेरिका की इस कड़वाहट का सबसे अधिक चीन ने फायदा उठाया। इसके बाद से ही चीन-फ्रांस के बीच संबंध बेहतर होने शुरू हुए।
क्या है LNG?
LNG को लिक्विफाइड नेचुरल गैस कहते हैं। ये प्राकृतिक गैस होती है। इसे आमतौर पर जहाजों के जरिए बड़ी मात्रा में उन देशों में भेजा जाता है जहां पाइपलाइन का जाना संभव नहीं है। प्राकृतिक गैस को 160 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके लिक्विड फॉर्म (तरल) में इस्तेमाल और ट्रांसपोर्टेशन किया जाता है। नेचुरल गैस से लिक्विफाइड नेचुरल गैस बनाने की प्रक्रिया के दौरान बहुत सारी अशुद्धियां निकल जाती हैं। इसलिए LNG को प्राकृतिक गैस का शुद्धतम रूप माना जाता है। ये CNG के मुकाबले अधिक ज्वलनशील होती है। वर्तमान समय में हैवी व्हीक्ल्स या फिर कई स्पोर्ट्स कारों में इसका इस्तेमाल होता है।












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