देश को बचाने जंग के मैदान में उतर गये थे राष्ट्रपति, विद्रोहियो ने मार डाला

अफ्रीकन देश चाड के राष्ट्रपति इदरिस डेबी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। विद्रोहियों के हमले में राष्ट्रपति इदरिस डेबी घायल हो गये थे।

एनजामिन/ नई दिल्ली, अप्रैल 21: अफ्रीका महाद्वीप अपनी अस्थिरता, आतंकवाद और विद्रोहियों के लिए जाना जाता है और एक बार फिर से अफ्रीका महाद्वीप के एक देश में राष्ट्रपति को मौत के घाट उतारा गया है। अफ्रीका महाद्वीप के चाड देश के राष्ट्रपति इदरिस डेबी को मौत के घाट उतार दिया गया है। राष्ट्रपति इदरिस डेबी को उस वक्त मौत के घाट उतारा गया है जब वो खुद जंग के मैदान में विद्रोहियों के खिलाफ उतर गये थे। चाड देश में कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति इदरिस डेबी विद्रोहियों से देश को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक 11 अप्रैल को ही राष्ट्रपति इदरिस डेबी लगातार छठी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव जीते थे मगर इस बार वो अपनी जीत की खुशी नहीं मना पाए और विद्रोहियों के हमले में मारे गये हैं।

हमले में मारे गये राष्ट्रपति

हमले में मारे गये राष्ट्रपति

अफ्रीकी महाद्वीप चाड पर पिछले 30 सालों से इदरिस डेबी का शासन चल रहा था और 11 अप्रैल को लगातार छठी बार उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए जीत हासिल की थी। लेकिन, चाड की सेना और राष्ट्रिय टेलीविजन ने घोषणा की है कि चाड के राष्ट्रपति विद्रोहियों के हमले में बुरी तरह से घायल हो गये थे और अब उनका निधन हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके ऊपर विद्रोहियों ने 12 अप्रैल को हमला किया था और हमले से ठीक एक दिन पहले ही उन्होंने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था। राष्ट्रपति इदरिस डेबी की मौत के बाद अब उनके 37 साल के बेटे महामत इदरिस डेबी इतनो को खाली पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वो अगले 18 महीने तक संक्रमणकालीन परिषद का नेतृत्व करेंगे। चाड की सेना ने पूरे देश में राष्ट्रपति की मौत के बाद कर्फ्यू लगा दिया है, हालांकि राष्ट्रपति इदरिस डेबी की किन परिस्थितियों में मौत हुई है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। चाड की सेना ने अपने बयान में सिर्फ इतना कहा है कि विद्रोहियों के हमले के जबाव देने के दौरान राष्ट्रपति घायल हो गये थे।

चाड में चल रहा है विद्रोही संघर्ष

चाड में चल रहा है विद्रोही संघर्ष

चाड के राष्ट्रपति इदरिस डेबी 1990 में चाड की सत्ता में आये थे और उससे पहले वो सेना के पूर्व कमांडर इन चीफ हुआ करते थे। उन्होंने जब देश की सत्ता को संभाला था तब विद्रोहियो ने चाड के चत्कालीन राष्ट्रपति हिसेन हबरे को गद्दी से बेदखल कर दिया था। राष्ट्रपति बनने के बाद इदरिस डेबी ने कई सशस्त्र विद्रोह का सामना किया लेकिन उन्होंने हर विद्रोह का सामना कामयाबी के साथ किया था। लेकिन, इस बार तकदीर ने उनका साथ नहीं दिया और विद्रोहियों के हमले में उनकी मौत हो गई। इस बार राष्ट्रपति इदरिस डेबी इटनो ने लीबिया से आतंकी गुट फ्रंट फॉर चेंज एंड कोनकर्ड के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था। ये आतंकी संगठन चाड की शांति को खत्म करना चाहता था। खुद राष्ट्रपति इस आतंकी संगठन के खिलाफ युद्ध के मैदान में उतर गये थे। इस जंग के दौरान चाड की सेना ने राजधानी नदजामेना से करीब तीन सौ किलोमीटर दूर कानेम में 300 विद्रोहियों को मार गिराया था और 150 विद्रोहियों को पकड़ भी लिया था। लेकिन, इसी दौरार राष्ट्रपति घायल हो गये और बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई

इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई

अफ्रीदी देश चाड को काफी लंबे अर्से से इस्लामिक चरमपंथ से बचाने के लिए संघर्ष चल रहा है और राष्ट्रपति इदरिस डेबी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस के बेहद मजबूत सहयोगी माने जाते थे। लेकिन, इस बार कट्टरपंथी ने भारी संख्या में हथियार लेकर चाड की राजधानी की तरफ चल निकले थे। वहीं, हिंसा की आशंका देखते हुए अमेरिका ने अपने सभी राजनयिकों से फौरन चाड देश को छोड़ देने के लिए कहा था। चाड और आसपास के देश में इस्लामिक आतंकी संगठन बोको हरम काफी लंबे अर्से से आतंक मचा रहा है। बोको हरम की वजह से चाड के पड़ोसी देश सूडान, नाइजीरिया और सेन्ट्रल अफ्रीका में हजारों की संख्या में शरणार्थी भागकर चाड पहुंचे हैं। इस्लामिक आतंकी संगठन बोको हरम आये दिन लोगों का नरसंहार करता है और स्कूलों से बच्चों को अगवा कर लोगों से अपनी मांगे मनवाता है। लिहाजा चाड ने बोको हरम के खिलाफ भी जंग छेड़ रखी है।

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