Covid- 19 के बाद Cancer का खतरा! 10 साल पीछे हो सकते हैं यूरोपीय देश, साइंटिस्ट्स की रिसर्च में दावा
नई मेडिकल रिसर्च से पता चला है कि कैंसर के मामले भविष्य में बढ़ सकते हैं। साइंटिस्ट्स ने अध्ययन में पाया कि पिछले 10 वर्षों में अकेले यूरोप में 10 लाख कैंसर के मामले सामने आए हैं।
Cancer in Europe: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कीमेडिकल से जुड़ी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार मोटापा की हर साल 2 लाख से अधिक कैंसर के मामले सामने आते हैं। जबकि इस बीमारी से प्रति वर्ष होने वाली मौत का आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। कैंसर हर साल 12 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। वहीं अब नई रिसर्च से पता चला है कि कैंसर के मामले भविष्य में बढ सकते हैं। साइंटिस्ट्स ने अध्ययन में पाया कि पिछले 10 वर्षों में अकेले यूरोप में 10 लाख कैंसर के मामले सामने आए।

12 वर्षों में कैंसर के 10 लाख मामले
साइंस जर्नल 'द लैंसेट ऑन्कोलॉजी' में प्रकाशित एक अध्ययन में, कैंसर अनुसंधान पर यूरोपीय ग्राउंडशॉट आयोग ने पिछले 12 वर्षों के दौरान पूरे यूरोप में कैंसर अनुसंधान गतिविधि पर विस्तृत नए डेटा एकत्र किए। यह पता चला कि पिछले दो वर्षों में पूरे यूरोप में अनुमानित दस लाख कैंसर के मामले छूट गए थे।

6 पहले WHO की रिपोर्ट ने किया आगाह
वर्ष 2016 में डब्यूल्यएचओ की ओर जारी एक रिपोर्ट से पता चला कि यूरोप में 59% वयस्कों का बॉडी-मास इंडेक्स (BMI) औसत से अधिक था। तुर्की और यूके सहित अधिकांश यूरोपीय देशों में लोगों में अधिक वजन की समस्या सामाने आई। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वजन अधिक होने के कारण सेहत से संबंधित कई तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसे डायबिटीज, हृदय रोगों सहित कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता रहा है।

यूरोपीय देशों पर कैंसर का संकट
कोविड-19 के धरती पर कदम रखने से पहले ही कैंसर दुनिया भर में मौत का एक प्रमुख कारण बन चुका था, नए अध्ययन से संकेत मिलता है कि यह बोझ और बढ़ने वाला है। शोधकर्ताओं के शुरुआती निदान पर महामारी के विनाशकारी प्रभाव हैं और उपचार शायद यूरोप में कैंसर के परिणामों को लगभग एक दशक पीछे कर देगा।

कोरोना के दौरान कैंसर के 15 लाख मामले
शोधकर्ताओं की टीम ने पूरे यूरोप में COVID-19 महामारी के प्रभाव पर डेटा का विश्लेषण किया। जिसमें कोरोना महामारी के पहले वर्ष के दौरान करीब 15 लाख कैंसर के रोगियों का पता लगाया गया। इसमें दो में से एक रोगी ऐसे में जन्हें सर्जरी या कीमोथेरेपी के इलाज की सुविधा नहीं पा रही थी। लंदन में कैंसर से जुड़ी रिसर्च पेपर के लेखक मार्क लॉलर ने कहा कि आंकड़े चिंतित करने वाले हैं। क्योंकि यूरोप अगले दशक में कैंसर महामारी की ओर बढ़ रहा है। प्रोफेसर लॉलर ने कहा, "हमारे पास 2035 तक यूरोप में कैंसर के लिए इलाज के लिए महत्वाकांक्षी विजन है। जिसे 70:35 विजन नाम दिया गया है। इसके तहत कैंसर के 70 प्रतिशत रोगियों को कम से कम 10 वर्ष तक जीवित रखने के लिए मेडिकल रिसर्च और चिकित्सा प्रणाली को लागू करने की कल्पना पर जोर है।

यूरोप में स्थिति खतरनाक
अगर कैंसर से जुड़ी चिकित्सा प्रणाली का विकास नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर जाएगी। वहीं किंग्स कॉलेज लंदन में कैंसर और वैश्विक स्वास्थ्य के प्रोफेसर रिचर्ड सुलिवन ने कहा "दुनिया में यूके कैंसर अनुसंधान एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां रणनीतिक निर्णय यह निर्धारित करेंगे कि क्या हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फलते-फूलते और भागीदार बने रहेंगे या फिर अलगाववाद हमारी स्तिथि दुनिया में घटा देगा"। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में यूरोपीय देशों में कैंसर बढ़ रहा है वो चिंता विषय। इस पर नियंत्रण पाने को लेकर योजना बनाने की आवश्यकता है। अगर यूरोप की सरकारें इसमें कामयाब नहीं हुईं तो वहां कैंसर एक बड़ी महामारी का रूप ले सकता है।












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